उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी बयानबाजी और दावे तेज हो गए हैं. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया है कि आने वाले समय में प्रदेश में उनकी सरकार बनने जा रही है. उन्होंने ऐलान किया है कि सपा सरकार बनने के बाद सबसे पहले पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाएगा.
अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम को किस तरह से फाइनेंस किया जाएगा, इसका पूरा प्लान पार्टी के पास तैयार है और समय आने पर इसे लागू कर दिया जाएगा.
पार्टी के आगामी घोषणा पत्र को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार मेनिफेस्टो में शिक्षकों के हितों का खास ध्यान रखा जाएगा. वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय दिए जाने की व्यवस्था की जाएगी. इसके साथ ही शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को भी पूरी तरजीह दी जाएगी.
एडवांस मदरसे बनाने का वादा
अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मदरसों के साथ हमेशा भेदभाव वाला रवैया अपनाया गया है. सपा की सरकार आने पर एडवांस मदरसे बनाए जाएंगे और शिक्षकों का रुका हुआ बकाया वेतन भी दिलाया जाएगा. इसके अलावा, संस्कृत पढ़ाने वाले शिक्षकों की समस्याओं का भी स्थायी समाधान निकाला जाएगा.
बीजेपी को बताया 'भारतीय जमीन पार्टी'
बीजेपी पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी हर चीज की नकल करती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने कहीं जिक्र किया कि वो 'भजन जैमिंग' करेंगे, तो इन लोगों ने तुरंत उसकी नकल कर ली. बीजेपी और मौजूदा सरकार को सबसे बड़ी भू-माफिया पार्टी करार देते हुए उन्होंने कहा कि ये असल में 'भारतीय जमीन पार्टी' बन चुकी है.
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की जमीन का सर्कल रेट बढ़ाना चाहिए और उन्हें बाजार के हिसाब से सही कीमत मिलनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें उन्होंने हजारों एकड़ जमीन माफियाओं से मुक्त कराने की बात कही थी.
अखिलेश ने चुनौती दी कि अगर आपने 84 हजार हेक्टेयर जमीन कब्जा मुक्त कराई है, तो फिर वहीं पर इंडस्ट्री क्यों नहीं लगाते? और अगर जमीन ले रहे हैं, तो उसका सही मुआवजा मिलना चाहिए.
अलग-अलग क्षेत्रों के प्रत्याशियों का समर्थन मांगते हुए अखिलेश ने मिर्जापुर और बनारस से शिक्षा स्नातक उम्मीदवार लाल बिहारी यादव के लिए सहयोग की अपील की. इसके साथ ही लखनऊ खंड से सुशील कुमार, आगरा खंड से प्रकाश गुप्ता, मेरठ से नितिन तोमर, वाराणसी से आशुतोष सिंह और लखनऊ खाद स्नातक से कांति सिंह समेत कई अन्य उम्मीदवारों के नामों का जिक्र किया.
राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने सभी सदस्यों से सलाह ले ली है और जनता को एक बड़ा 'सरप्राइज' मिलने वाला है, जिसके लिए सभी तैयार रहें.
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साइबर फ्रॉड के मुद्दे पर सरकार को घेरा
मायावती के ईवीएम पर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वो किसी बहस की दिशा नहीं बदलना चाहते, बल्कि असली मुद्दों पर बात होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लखनऊ में साइबर फ्रॉड हो रहा है या नहीं? उन्होंने कहा कि यहीं के पढ़े-लिखे लोग अमेरिका तक से पैसे वसूल रहे थे और अधिकारियों में इस बात की होड़ लगी थी कि इसका क्रेडिट किसे मिले.
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्यमंत्री को ये तक नहीं पता कि साइबर फ्रॉड आखिर होता क्या है, और आज उत्तर प्रदेश साइबर अपराध के मामले में नंबर वन बन गया है.