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तिहू असम के नलबाड़ी जिले में स्थित एक कस्बा है, जहां एक टाउन कमेटी है. यह एक नया सामान्य (अनारक्षित) विधानसभा क्षेत्र है, जिसे 2023 में परिसीमन आयोग की सिफारिशों पर बनाया गया था, ताकि राज्य की 126 विधानसभा सीटों पर मतदाताओं को ज्यादा समान रूप से बांटा जा सके. तिहू, बारपेटा लोकसभा क्षेत्र के 10 हिस्सों में से एक है.
नलबाड़ी जिले में मूल रूप से तीन विधानसभा सीटें थीं, नलबाड़ी, बरखेत्री और धरमपुर. जहां नलबाड़ी और बरखेत्री की सीमाएं और मतदाता आधार बदलकर वैसे ही बने रहे, वहीं धरमपुर सीट को खत्म करके उसकी जगह तिहू सीट बनाई गई. यह नया विधानसभा क्षेत्र सिर्फ नाम बदलने जैसा आसान काम नहीं था. परिसीमन आयोग ने इसकी सीमाएं फिर से तय कीं और इसमें आस-पास के विधानसभा क्षेत्रों के कुछ इलाकों को भी शामिल किया.
एक नया विधानसभा क्षेत्र होने के नाते, तिहू का विधानसभा चुनावों का कोई पिछला इतिहास नहीं है. यहां के मतदाताओं का मिजाज समझने का एकमात्र मौका 2024 के संसदीय चुनावों के दौरान मिला. भाजपा के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन के हिस्से के तौर पर बारपेटा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही असम गण परिषद (AGP) ने तिहू विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी पर 33,886 वोटों की बढ़त बनाई. AGP के उम्मीदवार फणी भूषण चौधरी को 89,498 वोट मिले, जबकि उनके कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी दीप बायन को 55,612 वोट मिले. तिहू ने 2024 में 80.46 प्रतिशत मतदान के साथ अपनी चुनावी यात्रा की शानदार शुरुआत की.
2026 के विधानसभा चुनावों के लिए तिहू की अंतिम मतदाता सूची में 204,770 योग्य मतदाता थे. यह संख्या 2024 में पंजीकृत 203,931 मतदाताओं की तुलना में 839 मतदाताओं की मामूली बढ़ोतरी को दर्शाती है.
उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर (जो मुख्य रूप से 2011 की जनगणना के अनुपातों और 2023 के परिसीमन परिवर्तनों के अनुसार समायोजित किए गए हैं), यहां की जनसांख्यिकी एक मिश्रित ग्रामीण-शहरी मतदाता वर्ग को दर्शाती है. एक टाउन कमेटी वाला कस्बा होने के नाते, तिहू के नगरपालिका क्षेत्र में शहरी मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या है, हालांकि, यह विधानसभा क्षेत्र कुल मिलाकर मुख्य रूप से ग्रामीण ही बना हुआ है, जहां ज्यादातर मतदाता गांवों में रहते हैं और खेती-बाड़ी के काम में लगे हुए हैं. तिहू निर्वाचन क्षेत्र लोअर असम के नलबाड़ी जिले के कुछ हिस्सों में फैला है, जहां ब्रह्मपुत्र घाटी के समतल जलोढ़ मैदान और हल्की ऊंची-नीची जमीनें हैं. यहां की जमीन धान की खेती और दूसरी कृषि गतिविधियों के लिए उपयुक्त है, लेकिन ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियों से आने वाली मौसमी बाढ़ का खतरा बना रहता है. तिहू के लोगों की आजीविका मुख्य रूप से धान की खेती, छोटे-मोटे व्यापार और कृषि से जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर है. यहां का बुनियादी ढांचा काफी अच्छा है, नेशनल हाईवे 27 के जरिए आस-पास के इलाकों से अच्छी सड़क कनेक्टिविटी है, और तिहू या पाठशाला जैसे नजदीकी स्टेशनों पर रेल सुविधा भी उपलब्ध है, जो गांव के हिसाब से लगभग 5-15 किलोमीटर दूर पड़ते हैं. शहर और गांवों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, और ग्रामीण सड़कों व सिंचाई व्यवस्था में लगातार सुधार और विकास कार्य चल रहे हैं.
सबसे नजदीकी बड़ा शहर नलबाड़ी है, जो जिले का मुख्यालय भी है और यहां से लगभग 15-20 किलोमीटर दूर है. आस-पास के अन्य शहरों में पश्चिम की ओर पाठशाला है, जो लगभग 10-15 किलोमीटर दूर है, और पूर्व की ओर थोड़ा और आगे रंगिया शहर पड़ता है. राज्य की राजधानी, दिसपुर, यहां से लगभग 70-80 किलोमीटर पूर्व में स्थित है.
भले ही तिहू एक ऐसा निर्वाचन क्षेत्र रहा हो जिसके बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी न हो, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों में जिस तरह से यहां के लोगों ने AGP के पक्ष में भारी मतदान किया, उसे देखते हुए राज्य में सत्ताधारी 'नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस' को इस सीट से बड़ी उम्मीदें हैं. सीट-बंटवारे के समझौते के तहत BJP तिहू निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रही है और उसने चंद्रमोहन पटवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस पार्टी ने रतुल पटवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. मुख्य रूप से यह BJP और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होगा, हालांकि 'सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट)' ने प्रमोद चंद्र भगवती को मैदान में उतारा है, और नारायण दत्ता भुइयां के रूप में एक निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहा है, जिससे यह मुकाबला थोड़ा त्रिकोणीय या बहुकोणीय भी बन गया है. अगर 2024 के चुनावों के रुझानों को आधार माना जाए, तो 2026 के विधानसभा चुनावों में तिहू निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल करने के मामले में BJP सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है.
(अजय झा)
Assembly Election Updates: असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. बंगाल में चुनावी पारा चढ़ने के बीच ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को झटका लगा है. बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले की जलांगी विधानसभा सीट से TMC विधायक अब्दुर रज्जाक ने गुरुवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है.
देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हो रहे चुनावों में हर मुख्यमंत्री सत्ता में वापसी चाहता है. चुनौती तो केरलम में पी. विजयन के सामने भी है, लेकिन ममता बनर्जी की चुनौती सबसे बड़ी नजर आ रही है - हिमंता बिस्वा सरमा हों या एमके स्टालिन वे दोनों भी मुख्यमंत्री आगे भी बने रहना चाहते हैं.
असम के करीमगंज (नॉर्थ) विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ पर झड़प के बाद चुनाव आयोग ने शनिवार को दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया है. यह फैसला चुनावी गड़बड़ी के चलते लिया गया है. हिंसा के दौरान दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
असम के सियासी इतिहास में पहली बार रिकॉर्ड वोटिंग हुई है. असम में इस बार 85.89 फीसदी मतदान हुआ है, जो पिछले चुनाव से करीब साढ़े तीन फीसदी ज्यादा है. असम में सत्ता का खेल सात से 8 फीसदी वोट बढ़ने या फिर घटने पर होता रहा है. इस बार का वोटिंग पैटर्न क्या संकेत दे रहा है?
असम, केरलम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो गया. पुडुचेरी में 89.87 फीसदी, असम में 85.91 फीसदी और केरलम में 78.27 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. तीनों जगह बंपर वोटिंग हुई.
दक्षिण से लेकर पूरब तक 3 राज्यों में आज जनादेश का दिन है...और तीनों राज्यों में जबरदस्त वोटिंग हो रही है..असम में दोपहर 3 बजे तक 75.91 फीसदी मतदान हो चुका है..आप समझ सकते हैं कि यही ट्रेंड रहा तो वहां पोलिंग कितनी फीसदी तक हो सकती है..पुडुचेरी में भी 72.40 फीसदी मतदान दोपहर 3 बजे तक हुआ..केरल में दोपहर 3 बजे तक 62.71 फीसदी वोटिंग हुई है.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने ताजा इंटरव्यू में चुनावी राज्यों बंगाल, असम, केरलम, तमिलनाडु और वहां के मुद्दों पर खुलकर चर्चा की. नबीन ने कहा कि बीजेपी शुरू से एक पॉलिसी पर काम करती आई है कि हम ‘राष्ट्र प्रथम’ की बात करते हैं. बीजेपी अध्यक्ष ने साथ ही कहा कि हम सांस्कृतिक विरासत को बढ़ाने वाले लोग हैं. देखें बातचीत.
Assam Assembly Election Voting: असम में आज विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. इस बीच मुख्यमंत्री और जालुकबारी से उम्मीदवार हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी के मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की. इस दौरान उनकी पत्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं और दोनों ने मंदिर में विधिवत पूजा की.
असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए वोट डाला जा रहा है. मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. बीजेपी तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस फिर से सत्ता में वापसी करना चाह रही है - लेकिन, सबसे बड़ी चुनौती से बदरुद्दीन अजमल की पार्टी AIUDF जूझ रही है.
असम, केरल और पुडुचेरी में आज विधानसभा चुनाव के तहत एक चरण में मतदान जारी है, जो सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा. निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं. असम में 126 सीटों पर 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है, जिसके लिए 31,940 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और 1.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. वहीं केरल की 140 सीटों पर 883 उम्मीदवार मैदान में हैं, जहां 2.71 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे और मुख्य मुकाबला एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए के बीच है.