BJP
INC
नोटा
NOTA
SUCI
IND
IND
IND
Nalbari Vidhan Sabha Election Results Live: नलबाड़ी विधानसभा का रिजल्ट घोषित, BJP ने INC को हराया
Nalbari Results 2026 Live: नलबाड़ी सीट के रिजल्ट का हुआ ऐलान, Jayanta Mallabaruah ने 58014 वोटों के अंतर से मार लिया मोर्चा
Nalbari Assembly Election Result Live: नलबाड़ी में INC पीछे! जानें वोटों का अंतर कितना
Assam Election Results 2026 Live: असम चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Nalbari Assembly Election Results 2026 Live: Assam की Nalbari में एकतरफा मुकाबला! BJP ने ली बड़ी बढ़त
Nalbari Election Results Live 2026: असम के LOWER ASSAM क्षेत्र में किस पार्टी या गठबंधन का दबदबा? देखें असम रिजल्ट से जुड़े ताजा अपडेट
नलबाड़ी, असम के नलबाड़ी जिले में स्थित जिला मुख्यालय वाला शहर है और यह एक सामान्य (अनारक्षित) निर्वाचन क्षेत्र है. यह बारपेटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के 10 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. नलबाड़ी शहर और यह निर्वाचन क्षेत्र शहरी नगरपालिका क्षेत्र के साथ-साथ आस-पास के गांवों के समूह से मिलकर बना है, जिससे इसे अर्ध-शहरी से लेकर मुख्य रूप से ग्रामीण स्वरूप मिलता है. इसके अंतर्गत लगभग 84 गांव आते हैं. यह काफी हद तक ग्रामीण बना हुआ है, जहां 17.40 प्रतिशत शहरी मतदाताओं की तुलना में 82.60 प्रतिशत ग्रामीण मतदाता हैं. यहां कृषि समुदायों, छोटे व्यापारियों और असम के निचले हिस्से में स्थित ब्रह्मपुत्र घाटी के मैदानों की विशिष्ट पहचान रखने वाले असमिया-भाषी हिंदू समूहों का वर्चस्व है.
मूल रूप से 1962 में स्थापित, नलबाड़ी ने अब तक 14 विधानसभा चुनावों में हिस्सा लिया है, जिसमें वर्ष 2000 में हुआ एक उपचुनाव भी शामिल है. कांग्रेस पार्टी ने यह सीट पांच बार जीती है, जिसमें 1962 और 1972 के बीच हुए पहले तीन चुनाव शामिल हैं. AGP ने यह सीट चार बार जीती है, निर्दलीय उम्मीदवारों और BJP ने यह सीट दो-दो बार अपने नाम की है, जबकि 1978 में CPI(M) विजयी रही थी.
जयंत मल्ला बरुआ ने 2011 में कांग्रेस पार्टी के लिए नलबाड़ी सीट जीती थी, जिसमें उन्होंने AGP की मौजूदा विधायक अलका शर्मा को 8,223 वोटों से हराया था. BJP, जो 2011 में चौथे स्थान पर रही थी, ने 2016 में यह सीट जीत ली. उसके उम्मीदवार अशोक कुमार शर्मा ने कांग्रेस के प्रद्युत कुमार भुइयां को 53,044 वोटों से हराया. BJP ने 2021 में अपने मौजूदा विधायक शर्मा को हटाकर उनकी जगह कांग्रेस के 2011 के विजेता जयंत मल्ला बरुआ को उम्मीदवार बनाया. बरुआ ने BJP के लिए यह सीट बरकरार रखी और कांग्रेस के प्रद्युत कुमार भुइयां को 49,457 वोटों से हराया.
नलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में लोकसभा चुनाव के दौरान हुई वोटिंग में भी एक ऐसा ही रुझान देखने को मिला है, जिसमें BJP ने पीछे से आकर अपना वर्चस्व स्थापित किया है. 2009 में, कांग्रेस पार्टी AGP से 6,412 वोटों से आगे थी. 2014 में, AIUDF ने BJP पर 12,087 वोटों की बढ़त बनाई थी. 2019 में, BJP ने कांग्रेस पर 25,364 वोटों की बड़ी बढ़त बना ली. कांग्रेस पार्टी ने अपनी खोई हुई जमीन कुछ हद तक वापस पाई, लेकिन पूरी तरह नहीं. क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनावों में BJP फिर भी उस पर 8,142 वोटों की बढ़त बनाए रखने में कामयाब रही.
परिसीमन के बाद हुए कुछ समायोजनों के साथ, मतदाताओं की संख्या में कुल मिलाकर बढ़ोतरी देखने को मिली है. 2026 की अंतिम मतदाता सूची में योग्य मतदाताओं की संख्या 200,278 थी, जो 2024 में 195,101 थी. 2023 के परिसीमन से पहले, 2021 में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 203,677, 2019 में 194,415, 2016 में 180,161 और 2011 में 158,527 थी. अनुसूचित जातियों की हिस्सेदारी 5.08 प्रतिशत और अनुसूचित जनजातियों की 4.07 प्रतिशत है. जबकि परिसीमन से पहले के दौर में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 22 प्रतिशत थी, जो अब कम होने की संभावना है. 2011 के विधानसभा चुनावों में 74.16 प्रतिशत भागीदारी देखने के बाद से, नलबाड़ी में 2014 से लगातार 80 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है. यह 2014 में 82.34 प्रतिशत, 2016 में 86.97 प्रतिशत, 2019 में 84.07 प्रतिशत, 2021 में 83.42 प्रतिशत और 2024 में 81.20 प्रतिशत रहा.
उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर जनसांख्यिकी जो मुख्य रूप से 2011 की जनगणना के अनुपातों पर आधारित है और जिसमें क्षेत्र तथा परिसीमन परिवर्तनों के अनुसार समायोजन किया गया है. यह दर्शाती है कि यहां मतदाताओं में हिंदुओं का बहुमत है, साथ ही मुस्लिमों की भी अच्छी-खासी मौजूदगी है. अनुसूचित जातियों और जनजातियों की संख्या कम है और यहां असमिया बोलने वाले हिंदुओं, कुछ बंगाली समूहों तथा कृषि समुदायों का मिश्रण है, जो इस क्षेत्र के ग्रामीण स्वरूप में योगदान देते हैं. नलबाड़ी निर्वाचन क्षेत्र ब्रह्मपुत्र घाटी में नलबाड़ी जिले के कुछ हिस्सों को कवर करता है. यहां का इलाका समतल, जलोढ़ मैदानों वाला है, दक्षिण की ओर हल्की ढलानें हैं, और कोई बड़ी पहाड़ी नहीं है. यहां की जमीन धान की खेती और दूसरी कृषि गतिविधियों के लिए उपयुक्त है, लेकिन ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियों, जैसे नोना, बुरडिया, पगल्डिया, बोरोलिया और तिहू से आने वाली मौसमी बाढ़ का खतरा बना रहता है. ये नदियां हिमालय की तलहटी से निकलती हैं और यहां की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देती हैं. नलबाड़ी में लोगों की आजीविका मुख्य रूप से धान की खेती, छोटे-मोटे व्यापार, कृषि से जुड़ी गतिविधियों और शहर में उपलब्ध कुछ सेवाओं पर निर्भर है. यहां की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी और भरपूर बारिश इन गतिविधियों को बनाए रखने में मदद करती है. यहां के बुनियादी ढांचे में राष्ट्रीय राजमार्गों के जरिए सड़क संपर्क, नलबाड़ी स्टेशन पर रेल सुविधा, और बुनियादी जरूरतें शामिल हैं. साथ ही ग्रामीण सड़कों, सिंचाई और शहरी सुविधाओं के विकास का काम भी लगातार जारी है.
आस-पास के शहरों में पश्चिम की ओर लगभग 20-25 किलोमीटर दूर स्थित तिहू, और उससे कुछ और दूरी पर स्थित रंगिया और बारपेटा शामिल हैं. राज्य की राजधानी, दिसपुर, यहां से लगभग 70-80 किलोमीटर पूर्व की ओर स्थित है.
हालांकि नलबाड़ी पर SIR 2025 का ज्यादा असर नहीं पड़ा, लेकिन 2023 में हुए परिसीमन (निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा तय करने की प्रक्रिया) के दौरान यहाँ के मतदाताओं की संख्या में 8,576 की कमी आई. इस परिसीमन के चलते मतदाताओं की सामाजिक-जनसांख्यिकीय बनावट में बदलाव आना तय था, क्योंकि इस प्रक्रिया में अयोग्य मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे, और योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए थे. बहरहाल, नलबाड़ी जो कि एक हिंदू-बहुल निर्वाचन क्षेत्र है, में हिंदू मतदाताओं के एकजुट होने का रुझान देखा गया है, जिसका सीधा फायदा BJP को मिला है. इसी वजह से BJP पिछले दो विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने में कामयाब रही, और 2019 तथा 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उसने बढ़त बनाए रखी. इस क्षेत्र में, खास तौर पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के मुद्दे पर, सांप्रदायिक भावनाएं काफी प्रबल हैं. ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि इस बार भी चुनावी नतीजे कुछ इसी तरह के देखने को मिलें.
कांग्रेस पार्टी ने 2016 के BJP विधायक अशोक कुमार शर्मा को 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है. शर्मा ने 2024 में BJP छोड़ दी थी और कांग्रेस में शामिल हो गए थे. उन्हें 2021 में दोबारा टिकट नहीं दिया गया था और उनकी जगह पूर्व कांग्रेस विधायक जयंत मल्ला बरुआ को टिकट दिया गया था. इससे दो पाला बदलने वाले नेताओं के बीच संभावित टकराव का मंच तैयार हो गया है. बरुआ को राज्य सरकार में 2021 से कैबिनेट मंत्री होने का फायदा मिल सकता है, और उम्मीद है कि इस फायदे को इस क्षेत्र में BJP के दबदबे से और भी बल मिलेगा. उम्मीद है कि BJP को कांग्रेस पार्टी पर बढ़त हासिल होगी, क्योंकि ये दोनों पार्टियां 2026 के विधानसभा चुनावों में नलबाड़ी निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक दिलचस्प मुकाबले की तैयारी कर रही हैं.
(अजय झा)
Pradyut Kumar Bhuyan
INC
Nagen Deka
ASMJTYP
Nota
NOTA
Gopi Baruah
AITC
Keshab Barman
IND
Kenedi Pegu
SUCI
Apurba Pathak
IND
असम में हिमंता बिस्वा सरमा के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत कूटनीतिक नजरिए से भी बेहद अहम रही. गुवाहाटी में हुए भव्य शपथ ग्रहण समारोह में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मौजूदगी ने साफ संकेत दिया कि पूर्वोत्तर भारत अब वैश्विक साझेदारियों और व्यापारिक संभावनाओं के नए केंद्र के तौर पर देखा जा रहा है.
असम चुनाव के बाद आई ADR रिपोर्ट ने चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है. जहां एक तरफ आपराधिक मामलों वाले विधायकों की संख्या में कमी आई है, वहीं दूसरी तरफ विधायकों की संपत्ति में तेज उछाल दर्ज हुआ है. हिमंत बिस्वा सरमा 35 करोड़ की संपति के साथ तीसरे नंबर पर हैं.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 90 सीटों पर चुनाव लड़ा और 82 सीटों पर जीत दर्ज की. उसके सहयोगी दलों में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF), जिसने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा, और असम गण परिषद (AGP), जिसने 26 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, दोनों ने 10-10 सीटें जीतीं.
ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने 100 से अधिक सीटों पर लूट की है. बीजेपी ने वोटों की चोरी की है. उन्होंने मेरा घेराव किया. यह बीजेपी की अनैतिक जीत है. मैंने बंगाल चुनाव आयुक्त से शिकायत की है.
Vidhan Sabha Chunav Parinam 2026 Live Updates: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल में जहां बीजेपी ने टीएमसी को पटखनी दे दी, तो वहीं असम में जीत की हैट्रिक लगाई. तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने डीएमके को सत्ता से उखाड़ फेंका, केरल में कांग्रेस ने 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया और लेफ्ट को हराकर जीत दर्ज की.
असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे अपनी-अपनी सीट बचाने में असफल रहे और उन्हें बीजेपी उम्मीदवारों के हाथों हार का सामना करना पड़ा. जनता ने वंशवादी राजनीति को साफ नकार दिया है.
हिमंता बिस्वा सरमा ने असम में BJP की प्रचंड जीत के बाद पवन खेड़ा पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ने उनका पेड़ा बना दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बयानों से लोग भावनात्मक रूप से आहत हुए और इसका असर नतीजों में दिखा. BJP गठबंधन ने 100 से अधिक सीटें जीतीं, जबकि पार्टी ने अपने दम पर बहुमत हासिल किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपरी असम के चाय बागान इलाकों में विशेष जनसंपर्क और योजनाओं का असर चुनाव नतीजों में साफ दिख रहा है. चाय बागान वाले छह विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल कर ली है. पीएम मोदी के सीधे संपर्क और विकास योजनाओं ने कांग्रेस के परंपरागत गढ़ को बीजेपी के मजबूत किले में बदल दिया है.