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जलेश्वर विधानसभा चुनाव 2026 (Jaleshwar Assembly Election 2026)

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चुनाव 2026 के उम्मीदवार

जलेश्वर विधानसभा चुनाव 2026 (Jaleshwar Assembly Election 2026)

जलेश्वर, निचले असम के गोलपारा जfले में स्थित एक कस्बा है. यह एक सामान्य (अनारक्षित) विधानसभा क्षेत्र है और धुबरी लोकसभा सीट के 11 हिस्सों में से एक है. यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां मुस्लिम आबादी बहुत ज्यादा है और शहरी मतदाता बिल्कुल भी नहीं हैं. जलेश्वर की राजनीति पार्टियों के बजाय व्यक्तियों के इर्द-गिर्द घूमती रही है. उदाहरण के लिए, यहां के सबसे सफल नेता, अफजलुर रहमान ने पांच अलग-अलग चुनाव चिह्नों पर छह बार जीत हासिल की, जनता पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर, कांग्रेस (S) के उम्मीदवार के तौर पर, एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर, दो बार कांग्रेस पार्टी के टिकट पर, और एक बार लोको संमिलन के उम्मीदवार के तौर पर.

1978 में स्थापित, जलेश्वर ने अब तक 10 विधानसभा चुनावों में हिस्सा लिया है. पार्टियों की बात करें तो, कांग्रेस ने यह सीट चार बार जीती है, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) ने दो बार, जबकि जनता पार्टी, कांग्रेस (S), एक निर्दलीय उम्मीदवार और लोको संमिलन ने यह सीट एक-एक बार जीती है.

2011 में AIUDF के मोइन उद्दीन अहमद ने यह सीट जीती. उन्होंने कांग्रेस के आफताबुद्दीन मोल्लाह को 16,796 वोटों से हराया. आफताबुद्दीन मोल्लाह ने इससे पहले 2001 में यह सीट जीती थी. दिलचस्प बात यह है कि जलेश्वर के सबसे सफल नेता, अफजलुर रहमान, जो लोको संमिलन के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे, महज 4.49 प्रतिशत वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे, जो एक युग के अंत का संकेत था.

2016 में AIUDF ने यह सीट अपने पास ही रखी, जिसमें सहाब उद्दीन अहमद उसके उम्मीदवार थे. उन्होंने कांग्रेस के बागी नेता आफताबुद्दीन मोल्लाह को 6,662 वोटों से हराया. आफताबुद्दीन मोल्लाह उस समय एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे थे. 2021 में कांग्रेस ने एक बार फिर आफताबुद्दीन मोल्लाह को अपना उम्मीदवार बनाया, और यह फैसला कारगर साबित हुआ. आफताबुद्दीन मोल्लाह ने कांग्रेस पार्टी के लिए यह सीट जीती, और AIUDF के डॉ. रेज़ा एम. ए. अमीन को 21,980 वोटों से हराया.

2016 में AIUDF ने यह सीट अपने पास ही रखी, जिसमें सहाब उद्दीन अहमद उसके उम्मीदवार थे. उन्होंने कांग्रेस के बागी उम्मीदवार आफताबुद्दीन मोल्ला को, जो एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे थे, 6,662 वोटों से हराया. कांग्रेस ने 2021 में आफताबुद्दीन मोल्ला को फिर से अपना उम्मीदवार बनाया, और यह दांव सफल रहा. आफताबुद्दीन मोल्ला ने कांग्रेस पार्टी के लिए यह सीट जीती, और AIUDF के डॉ. रजा एम. ए. अमीन को 21,980 वोटों से हराया.

हाल के लोकसभा चुनावों में, AIUDF ने जलेश्वर विधानसभा क्षेत्र में भारी अंतर से दबदबा बनाए रखा है. इसकी मुख्य वजह यह है कि AIUDF के संस्थापक बदरुद्दीन अजमल ने धुबरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था. AIUDF ने 2009 में कांग्रेस पर 44,899 वोटों की बढ़त बनाई, 2014 में 22,215 वोटों की, और 2019 में 34,961 वोटों की। 2024 में यह बढ़त आखिरकार पलट गई, जब कांग्रेस पार्टी ने 80,503 वोटों की भारी बढ़त हासिल कर ली. कांग्रेस पार्टी को 137,048 वोट मिले, जबकि AIUDF को 56,545 वोट मिले. वहीं AGP 14,819 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही. AIUDF के लिए सबसे चिंताजनक बात यह रही कि धुबरी के मतदाताओं ने बदरुद्दीन अजमल को नकार दिया. इसका सीधा असर 2026 के असम विधानसभा चुनावों में AIUDF के भविष्य पर पड़ सकता है, क्योंकि अब AIUDF को एक ऐसी पार्टी के तौर पर देखा जा रहा है जिसका जनाधार लगातार घट रहा है. 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए जलेश्वर सीट की वोटर लिस्ट में 242,974 योग्य वोटर थे. 

SIR 2025 के बाद, 2024 में 231,082 वोटरों की संख्या में 11,892 की बढ़ोतरी हुई. 2023 में हुए परिसीमन के बाद जलेश्वर में वोटरों की संख्या में जबरदस्त उछाल आया और यह 71,145 तक पहुंच गई. यह परिसीमन वैसे तो राज्य के सभी 126 विधानसभा क्षेत्रों में वोटरों की संख्या को बराबर करने के लिए किया गया था, लेकिन विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इसके जरिए 'जेरीमैंडरिंग' (चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं में हेरफेर) की गई है, ताकि अल्पसंख्यक वोटरों को कुछ ही क्षेत्रों में समेट दिया जाए और बाकी क्षेत्रों को अल्पसंख्यक वोटरों के प्रभाव से मुक्त किया जा सके. परिसीमन से पहले, 2021 में जलेश्वर में रजिस्टर्ड वोटरों की संख्या 159,937 थी, जो परिसीमन के बाद बढ़कर 231,082 हो गई. इससे पहले, 2019 में यह संख्या 149,926, 2016 में 137,096, 2014 में 125,288 और 2011 में 119,278 थी.

यहां वोट डालने वालों की संख्या हमेशा से ही बहुत ज्यादा रही है, जो 90 प्रतिशत से भी ऊपर रही है. सिर्फ 2011 में यह सबसे कम रही थी, लेकिन तब भी यह राष्ट्रीय और राज्य के औसत से ज्यादा ही थी. 2011 में यह 86.97 प्रतिशत थी, जिसके बाद 2014 में 91.30 प्रतिशत, 2016 में 93.53 प्रतिशत, 2019 में 93.86 प्रतिशत, 2021 में 93.44 प्रतिशत और 2024 में 93.78 प्रतिशत रही.

उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर (जो ज्यादातर 2011 की जनगणना के अनुपात पर आधारित हैं और जिनमें क्षेत्र तथा परिसीमन में हुए बदलावों को भी शामिल किया गया है), यहां की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफिक्स) से पता चलता है कि परिसीमन से पहले के दौर में, यहां के कुल वोटरों में मुसलमानों की हिस्सेदारी 82.70 प्रतिशत थी, जबकि अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) की हिस्सेदारी 4.35 प्रतिशत थी. पुनर्गठन के असर के तौर पर, मुस्लिम मतदाताओं का कुल प्रतिशत और बढ़ने की उम्मीद है. आंकड़े सब कुछ साफ-साफ बता देते हैं. जलेश्वर में अब तक कोई भी गैर-मुस्लिम उम्मीदवार दूसरे, तीसरे या चौथे स्थान पर भी नहीं आ पाया है. इसकी सीधी सी वजह यह है कि कोई भी पार्टी यहां किसी गैर-मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारने की हिम्मत नहीं करती, और ऐसा सिर्फ इसलिए है क्योंकि यहां मुस्लिम आबादी बहुत ज्यादा है. यह पूरी तरह से एक ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र है, जहां शहरी मतदाता बिल्कुल भी नहीं हैं और यहां खेती-बाड़ी करने वाले समुदायों का ही दबदबा बना रहता है.

जलेश्वर निर्वाचन क्षेत्र लोअर असम के गोलपारा जिले के कुछ हिस्सों में फैला हुआ है. यहां ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे समतल जलोढ़ मैदान हैं, जिनके बीच-बीच में आर्द्रभूमियां, 'बील' (झीलें) और जमीन के हल्के-फुल्के उतार-चढ़ाव भी देखने को मिलते हैं. यहां की जमीन खेती और मछली पालन के लिए तो मुफीद है, लेकिन यहां मौसमी बाढ़ और नदियों के कटाव का खतरा भी बना रहता है. लोगों की आजीविका मुख्य रूप से धान की खेती, छोटे-मोटे व्यापार और खेती से जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर करती है. यहां की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी और भरपूर बारिश इन गतिविधियों को बनाए रखने में मदद करती है. बुनियादी ढांचे में सड़कों का जाल शामिल है, जिसमें ग्रामीण सड़कों, सिंचाई व्यवस्था और स्थानीय बाजारों के विकास का काम लगातार चल रहा है.

जलेश्वर, जिले के मुख्यालय गोलपारा से लगभग 25-30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. गोलपारा जिले के अन्य नजदीकी कस्बों में माटिया और दुधनोई (लगभग 35-40 किलोमीटर दूर) शामिल हैं. राज्य की राजधानी, दिसपुर, यहां से लगभग 130-140 किलोमीटर दूर है. रेल सुविधा गोलपारा टाउन रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध है (जो लगभग 25-30 किलोमीटर दूर है). स्थानीय आवागमन मुख्य रूप से सड़क मार्ग से होता है, जिसके लिए बसें, ऑटो और निजी वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है. यह विधानसभा क्षेत्र मेघालय की सीमा के काफी करीब है, और पश्चिमी असम का यह पूरा इलाका बांग्लादेश की सीमा से भी बहुत दूर नहीं है (कुछ हिस्सों में यह दूरी लगभग 100-130 किलोमीटर है).

जलेश्वर और गोलपारा के आसपास के इलाकों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत ब्रह्मपुत्र घाटी से जुड़ी हुई है. यहां असमिया और बंगाली परंपराओं का मेल देखने को मिलता है. साथ ही यहां स्थानीय बाजार, सामुदायिक संस्थाएं और इस क्षेत्र के साझा इतिहास की गहरी छाप भी दिखाई देती है. गोलपारा का यह पूरा इलाका अपनी नदी-तटीय संस्कृति और गारो पहाड़ियों से अपनी निकटता के लिए जाना जाता है.

AIUDF के अचानक और भारी पतन के बाद, कांग्रेस पार्टी के लिए अन्य दलों से मिलने वाली चुनौती अब केवल नाममात्र की ही रह गई है. 2026 के विधानसभा चुनावों में जलेश्वर सीट पर किसी गैर-कांग्रेसी उम्मीदवार के जीतने की संभावना उतनी ही कम है, जितनी कि सूरज का पश्चिम दिशा से उगना. कांग्रेस ने एक बार फिर आफताबुद्दीन मोल्ला पर अपना भरोसा जताते हुए उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया है. उन्हें AIUDF के शेख शाह आलम और AGP के अबू शाह शादी हुसैन से कड़ी चुनौती मिल रही है. चुनावी मैदान में चार अन्य उम्मीदवार भी हैं, जिनमें आरिफ अख्तर अहमद (तृणमूल कांग्रेस), सैफुल इस्लाम (सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया-कम्युनिस्ट), और दो निर्दलीय उम्मीदवार, साहब उद्दीन अहमद और डेलवार हुसैन शामिल हैं. जलेश्वर सीट के लिए चुनावी दौड़ में शामिल सभी उम्मीदवार मुस्लिम समुदाय से हैं. मुस्लिम-बहुल जलेश्वर विधानसभा क्षेत्र में होने वाला यह मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है, जहां कांग्रेस पार्टी अभी भी जीत की सबसे प्रबल दावेदार बनी हुई है.

(अजय झा)

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Phase 1

चुनाव शेड्यूल

मतदान की तारीख
09 अप्रैल 2026
मतगणना की तारीख
04 मई 2026
पूरे चुनाव शेड्यूल के लिए
यहां क्लिक कीजिए
जलेश्वर विधानसभा क्षेत्र में मतदान फेज 1 में 09 अप्रैल 2026 को होगा और मतगणना 04 मई 2026 को की जाएगी.

जलेश्वर विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2021
2016
WINNER

Aftab Uddin Mollah

img
INC
वोट76,026
विजेता पार्टी का वोट %50.8 %
जीत अंतर %14.7 %

जलेश्वर विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Dr. Reza M A Amin

    AIUDF

    54,046
  • Osman Goni

    BJP

    14,053
  • Khurshid Mirza Ashikur Rahman

    AITC

    1,847
  • Nota

    NOTA

    970
  • Roshidul Hoque

    ASMJTYP

    915
  • Akheruzzaman Mollah

    IND

    754
  • Mujaharul Islam

    IND

    626
  • Osman Goni Mollah

    SUCI

    566
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असम विधानसभा चुनाव 2026 से जुड़े Frequently Asked Questions (FAQs)

जलेश्वर विधानसभा सीट के लिए मतदान की तारीख क्या है? यहां किस चरण में मतदान होगा?

जलेश्वर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2021) विधायक कौन हैं?

2021 में जलेश्वर में INC का विजयी वोट प्रतिशत कितना था?

2021 के जलेश्वर चुनाव में Aftab Uddin Mollah को कितने वोट मिले थे?

2021 में जलेश्वर सीट पर उपविजेता कौन था?

असम विधानसभा चुनाव 2026 कब आयोजित होंगे?

पिछले जलेश्वर विधानसभा चुनाव 2021 किस पार्टी ने जीता था?

असम विधानसभा सीट चुनाव परिणाम 2026 कब घोषित होंगे?

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