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Goalpara West Results 2026 Live: गोलपारा पश्चिम सीट के रिजल्ट का हुआ ऐलान, Pabitra Rabha ने 39917 वोटों के अंतर से मार लिया मोर्चा
Goalpara West Election Results 2026 Live: गोलपारा पश्चिम विधानसभा सीट पर BJP ने फहराया जीत का परचम, जानें विजयी उम्मीदवार Pabitra Rabha को मिली कितनी बड़ी जीत
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गोलपारा पश्चिम असम के गोलपारा जिले का एक विधानसभा क्षेत्र है, जो राज्य के पश्चिमी हिस्से में ब्रह्मपुत्र नदी के मैदानी इलाकों में स्थित है. 2023 के परिसीमन के बाद, यह उन 10 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है जो गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं. 1967 में अपनी स्थापना के समय से यह मूल रूप से एक सामान्य (अनारक्षित) सीट थी, लेकिन भारत के चुनाव आयोग ने 2023 के परिसीमन अभ्यास में इसे अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया, यह बदलाव 2026 के विधानसभा चुनावों से प्रभावी होगा. इस बदलाव के कारण अब इस सीट से केवल ST उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकेंगे.
इस विधानसभा क्षेत्र में अब तक 11 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जो 1967 से 2021 के बीच हुए. इनमें कांग्रेस पांच बार, निर्दलीय उम्मीदवार तीन बार, जबकि प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) ने एक-एक बार जीत हासिल की है.
हाल के चुनावों में, इस सीट पर पार्टियों की स्थिति में काफी बदलाव देखने को मिले हैं. शेख शाह आलम, जिन्होंने 2001 में NCP के टिकट पर यह सीट जीती थी, 2011 में AIUDF के टिकट पर चुनाव लड़े और AGP के पुरंदर राभा को 10,938 वोटों से हराकर जीत हासिल की. कांग्रेस के अब्दुर राशिद मंडल, जिन्होंने 2006 में जीत दर्ज की थी, 2016 में AIUDF के मौजूदा विधायक शेख शाह आलम को 24,339 वोटों से हराकर इस सीट पर फिर से काबिज हुए. मंडल ने 2021 में भी इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा. इस बार उन्होंने शेख शाह आलम को 46,024 वोटों से हराया, जो AGP के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे.
लोकसभा चुनावों के दौरान गोलपारा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में मतदान के रुझानों से पता चलता है कि परिसीमन से पहले के दौर में यहां AIUDF का काफी दबदबा था. 2009 में इसने कांग्रेस को 13,367 वोटों से, 2014 में 9,822 वोटों से और 2019 में AGP को 27,301 वोटों से पीछे छोड़ दिया था. पहले यह धुबरी लोकसभा सीट का हिस्सा थी, लेकिन 2023 में इसे गुवाहाटी लोकसभा सीट में शामिल कर दिया गया. इसका असर तुरंत 2024 में देखने को मिला, जब इस क्षेत्र में BJP ने कांग्रेस पर 28,772 वोटों की बढ़त बना ली.
वोटर लिस्ट के 2025 के विशेष गहन संशोधन (SIR) का इस निर्वाचन क्षेत्र पर ज्यादा असर नहीं पड़ा, लेकिन 2023 के परिसीमन ने इसकी सीमाओं और वोटर आधार में काफी बदलाव कर दिया. मुस्लिम बहुल कई गांवों को यहां से हटाकर मुख्य रूप से जलेश्वर जैसी मुस्लिम बहुल सीटों में भेज दिया गया, जबकि हिंदू बहुल और आदिवासी बहुल इलाकों को इसमें शामिल कर लिया गया. कुल संख्या में मामूली बदलाव के बावजूद, इससे यहां की जनसांख्यिकी में काफी फेरबदल हो गया. 2026 के चुनावों की अंतिम वोटर लिस्ट में यहां 161,156 योग्य वोटर थे, जो 2024 के 158,765 वोटरों की तुलना में थोड़ी ज़्यादा संख्या थी. परिसीमन से पहले के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में यहां 173,542, 2019 में 160,459, 2016 में 148,454, 2014 में 137,268 और 2011 में 126,995 वोटर थे.
परिसीमन से पहले के जनसांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, मुस्लिम यहां सबसे बड़ा समूह थे, जिनकी आबादी 68.90 प्रतिशत थी. इसके बाद अनुसूचित जनजातियों (ST) की आबादी 16.76 प्रतिशत और अनुसूचित जातियों (SC) की आबादी 2.35 प्रतिशत थी. परिसीमन के बाद, इस बदली हुई सीट के लिए अभी तक कोई आधिकारिक जनसांख्यिकीय आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन विश्लेषणों से पता चलता है कि अब यहां मुस्लिम पूर्ण बहुमत में नहीं रह गए हैं, और सीमाओं में बदलाव के कारण ST और हिंदू आबादी की स्थिति मजबूत हुई है. यह सीट मुख्य रूप से ग्रामीण थी, जहां शहरी वोटरों की संख्या केवल 9.35 प्रतिशत थी, जबकि ग्रामीण वोटरों की संख्या 90.65 प्रतिशत थी. वोटर टर्नआउट लगातार ज्यादा रहा है. 2011 में 87.55%, 2014 में 88.62%, 2016 में 91.89%, 2019 में 90.73%, और 2021 में 90.31% रहा. 2024 के लोकसभा चुनाव में यह थोड़ा कम होकर 86.92% हो गया.
इस निर्वाचन क्षेत्र में पश्चिमी असम के गोलपारा जिले के कुछ हिस्से आते हैं. यहां ब्रह्मपुत्र नदी के बाढ़ के मैदानों के साथ-साथ समतल, जलोढ़ मैदान हैं, जिनके बीच-बीच में 'चार' (नदी के टापू) और निचले इलाके भी हैं. यहां की जमीन धान की खेती, जूट की खेती और मछली पकड़ने के काम के लिए अच्छी है, लेकिन यहां हर साल बाढ़ आने, जमीन कटने और ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों के रास्ते बदलने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है. गोलपारा पश्चिम में लोगों की रोजी-रोटी मुख्य रूप से खेती-बाड़ी, नदी वाले इलाकों में मछली पकड़ने, छोटे-मोटे व्यापार और खेती से जुड़े मौसमी कामों पर निर्भर करती है. यहां की उपजाऊ मिट्टी और भरपूर बारिश इन कामों को बनाए रखने में मदद करती है, हालांकि बाढ़ आने से अक्सर इनमें रुकावट आ जाती है.
यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर में स्टेट हाईवे, गांव की आम सड़कें और तटबंध शामिल हैं. यहां से जिले के हेडक्वार्टर, गोलपारा शहर तक कनेक्टिविटी है, जो अलग-अलग इलाकों के हिसाब से लगभग 10-20 km दूर है. इसके अलावा, यहां से दुधनोई (लगभग 20-30 km पूरब में) और कृष्णाई और रंगजुली जैसे आस-पास के दूसरे इलाकों तक भी पहुंचा जा सकता है. गोलपारा शहर रेलवे स्टेशन पर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जो निर्वाचन क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 15-30 km दूर है. यहां से गुवाहाटी और दूसरे बड़े स्टेशनों के लिए ट्रेनें मिलती हैं. राज्य की राजधानी, गुवाहाटी, यहां से लगभग 120-150 km पूर्व में स्थित है. इस निर्वाचन क्षेत्र के उत्तर में ब्रह्मपुत्र नदी है. दक्षिण में मेघालय का पूर्वी गारो हिल्स जिला है (सीमा की दूरी कुछ हिस्सों में 0-20 km है, और मेघालय के शहर जैसे तुरा यहां से लगभग 80-100 km दक्षिण में हैं) और पश्चिम में धुबरी जिला है, जिसके और पश्चिम में बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा है. 2023 के परिसीमन ने विपक्षी दलों (AIUDF, कांग्रेस, AAMSU और अन्य) की ओर से 'जेरीमैंडरिंग' (चुनावी क्षेत्रों की मनमानी सीमाबंदी) के आरोप लगाए जाने को जन्म दिया. इन आरोपों में निचले असम में मुस्लिम मतदाताओं को एक जगह इकट्ठा करने या उन्हें बिखेरने के जरिए उनके प्रभाव को कम करने की बात शामिल थी. खास तौर पर गोलपारा पश्चिम में, आलोचकों ने दावा किया कि मुस्लिम-बहुल इलाकों को अलग करके मुस्लिम-बहुमत वाली सीटें बनाई गईं, जबकि आदिवासी इलाकों को ST आरक्षण लागू करने के लिए जोड़ा गया. आरोप है कि 2026 से पहले "मूल निवासी" समूहों के पक्ष में आबादी का ढांचा बदलकर BJP और उसके सहयोगियों को फायदा पहुंचाया गया.
अब जब ST आरक्षण लागू हो गया है, तो गैर-ST उम्मीदवार, जिनमें कांग्रेस के तीन बार के विजेता अब्दुर राशिद मंडल भी शामिल हैं, जो बाद में रायजोर दल में शामिल हो गए थे, चुनाव लड़ने के अयोग्य हो गए हैं. कांग्रेस ने मार्कलिन मारक को अपना उम्मीदवार बनाया है. यह सीट "पुरानी बोतल में नई शराब" जैसी है. आबादी का ढांचा बदल गया है. मुस्लिम मतदाता, जो अब अल्पसंख्यक हो गए हैं, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन से AIUDF के अलग होने के बाद और भी बंट सकते हैं. इससे BJP और उसके सहयोगियों को ST और गैर-मुस्लिम मतदाताओं के एकजुट समर्थन के जरिए बढ़त मिल सकती है. अभी तक कोई नहीं जानता कि यहां के इस पहले ST-आरक्षित चुनाव में कौन सी पार्टी आगे निकलेगी, लेकिन बदले हुए समीकरणों ने इसे 2026 के लिए एक अहम चुनावी अखाड़ा बना दिया है.
(अजय झा)
Sheikh Shah Alom
AGP
Chan Ali Miah
IND
Nabajyoti Rabha
IND
Abdul Baten Sikdar
NPEP
Nota
NOTA
Puspadhar Nath
VPI
Pabitra Kumar Nath
IND
Nizam Uddin
AITC
Mohibul Islam
SUCI
Safior Rahman
ASMJTYP
Jehirul Islam
IND
Jahangir Alom Mondal
IND
Delowar Hussain
IND
Abtabul Ambia Mollah
JD(U)
असम में हिमंता बिस्वा सरमा के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत कूटनीतिक नजरिए से भी बेहद अहम रही. गुवाहाटी में हुए भव्य शपथ ग्रहण समारोह में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मौजूदगी ने साफ संकेत दिया कि पूर्वोत्तर भारत अब वैश्विक साझेदारियों और व्यापारिक संभावनाओं के नए केंद्र के तौर पर देखा जा रहा है.
असम चुनाव के बाद आई ADR रिपोर्ट ने चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है. जहां एक तरफ आपराधिक मामलों वाले विधायकों की संख्या में कमी आई है, वहीं दूसरी तरफ विधायकों की संपत्ति में तेज उछाल दर्ज हुआ है. हिमंत बिस्वा सरमा 35 करोड़ की संपति के साथ तीसरे नंबर पर हैं.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 90 सीटों पर चुनाव लड़ा और 82 सीटों पर जीत दर्ज की. उसके सहयोगी दलों में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF), जिसने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा, और असम गण परिषद (AGP), जिसने 26 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, दोनों ने 10-10 सीटें जीतीं.
ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने 100 से अधिक सीटों पर लूट की है. बीजेपी ने वोटों की चोरी की है. उन्होंने मेरा घेराव किया. यह बीजेपी की अनैतिक जीत है. मैंने बंगाल चुनाव आयुक्त से शिकायत की है.
Vidhan Sabha Chunav Parinam 2026 Live Updates: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल में जहां बीजेपी ने टीएमसी को पटखनी दे दी, तो वहीं असम में जीत की हैट्रिक लगाई. तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने डीएमके को सत्ता से उखाड़ फेंका, केरल में कांग्रेस ने 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया और लेफ्ट को हराकर जीत दर्ज की.
असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे अपनी-अपनी सीट बचाने में असफल रहे और उन्हें बीजेपी उम्मीदवारों के हाथों हार का सामना करना पड़ा. जनता ने वंशवादी राजनीति को साफ नकार दिया है.
हिमंता बिस्वा सरमा ने असम में BJP की प्रचंड जीत के बाद पवन खेड़ा पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ने उनका पेड़ा बना दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बयानों से लोग भावनात्मक रूप से आहत हुए और इसका असर नतीजों में दिखा. BJP गठबंधन ने 100 से अधिक सीटें जीतीं, जबकि पार्टी ने अपने दम पर बहुमत हासिल किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपरी असम के चाय बागान इलाकों में विशेष जनसंपर्क और योजनाओं का असर चुनाव नतीजों में साफ दिख रहा है. चाय बागान वाले छह विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल कर ली है. पीएम मोदी के सीधे संपर्क और विकास योजनाओं ने कांग्रेस के परंपरागत गढ़ को बीजेपी के मजबूत किले में बदल दिया है.