BJP
INC
नोटा
NOTA
SUCI
IND
Dholai Vidhan Sabha Election Results Live: धोलाई विधानसभा का रिजल्ट घोषित, BJP ने INC को हराया
Dholai Vidhan Sabha Result 2026 Live: धोलाई सीट पर सबसे आगे निकले BJP उम्मीदवार Amiya Kanti Das
Dholai Vidhan Sabha Result 2026 Live: धोलाई सीट पर विशाल जीत की ओर BJP! जानिए कितना पीछे INC?
Assam Election Results 2026 Live: असम चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Dholai Election Results Live 2026: असम के HILLS & BARAK VALLEY क्षेत्र में किस पार्टी या गठबंधन का दबदबा? देखें असम रिजल्ट से जुड़े ताजा अपडेट
Dholai Vidhan Sabha Result 2026 Live: धोलाई सीट पर विशाल जीत की ओर BJP! जानिए कितना पीछे INC?
धोलाई असम के कछार जिले की नरसिंहपुर तहसील में स्थित एक बड़ा गांव है. यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित एक विधानसभा क्षेत्र है और सिलचर लोकसभा सीट के सात हिस्सों में से एक है. इसमें बरजलेंगा, बिनाकांडी, नरसिंहपुर, पालोंघाट और सोनाई विकास खंडों के कुछ हिस्से शामिल हैं.
1967 में स्थापित, धोलाई में अब तक 13 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिनमें 1970 और 2024 में हुए उपचुनाव भी शामिल हैं. BJP ने यहां अपनी पहली जीत 1991 में दर्ज की थी और तब से इसे अपना गढ़ बना लिया है, जिसमें छह जीतें शामिल हैं, खासकर 2016 से लगातार तीन जीतें, जिनमें 2024 का उपचुनाव भी शामिल है. कांग्रेस पार्टी ने यह सीट पांच बार जीती है. नेशनलिस्ट जनता कांग्रेस और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी शुरुआती दो चुनावों (1967 और 1970 के उपचुनाव) में एक-एक बार यह सीट जीती थी.
कांग्रेस पार्टी के गिरेंद्र मलिक ने 2011 में यह सीट BJP के परिमल सुक्लबैद्य को हराकर जीती थी. सुक्लबैद्य ने 1991, 2001 और 2006 में BJP के लिए यह सीट जीती थी, लेकिन 2011 में वे 14,370 वोटों से हार गए. 2011 की हार के बाद, सुक्लबैद्य ने वापसी की और 2016 में अपने 2011 के प्रतिद्वंद्वी गिरेंद्र मलिक को 26,837 वोटों के बड़े अंतर से हराकर यह सीट फिर से हासिल कर ली. उन्होंने 2021 में भी यह सीट बरकरार रखी और कांग्रेस के कामाख्या प्रसाद माला को 20,392 वोटों से हराया. 2024 में सिलचर लोकसभा सीट से सुक्लबैद्य के लोकसभा के लिए चुने जाने के कारण यहां उपचुनाव हुआ, जिसमें BJP के निहार रंजन दास ने कांग्रेस के ध्रुवज्योति पुरकायस्थ को 9,098 वोटों के कम अंतर से हराकर यह सीट बरकरार रखी.
2009 से धोलाई विधानसभा क्षेत्र में हुए लोकसभा चुनावों से BJP और कांग्रेस पार्टी के बीच कड़ी टक्कर का एक जैसा ही पैटर्न देखने को मिलता है. 2009 में BJP ने कांग्रेस पर 11,502 वोटों की बढ़त बनाई थी. 2014 में यह बढ़त पलट गई, जब कांग्रेस ने 2,104 वोटों की बढ़त हासिल कर ली. 2019 में BJP ने कांग्रेस पर फिर से बढ़त बना ली, इस बार 30,580 वोटों की बड़ी बढ़त के साथ; 2024 में यह बढ़त दोगुनी होकर 61,062 वोटों के अंतर तक पहुंच गई. BJP को 101,898 वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 40,836 वोट मिले.
धोलाई सीट पर 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची में 196,571 योग्य मतदाता थे, जो 2024 के 192,938 मतदाताओं की तुलना में एक बढ़ोतरी थी. इससे पहले के आंकड़े 2021 में 190,791, 2019 में 175,315, 2016 में 160,092, 2014 में 151,095 और 2011 में 139,286 थे. मतदाताओं की भागीदारी लगातार ऊंची रही है- 2011 में 73.84 प्रतिशत, 2014 में 78.72 प्रतिशत, 2016 में 80.10 प्रतिशत, 2019 में 79.93 प्रतिशत, 2021 में 78.13 प्रतिशत और 2024 में 78.64 प्रतिशत. 2026 के चुनावों में 78.55 प्रतिशत मतदान हुआ (चुनाव आयोग द्वारा जारी अनंतिम आंकड़े).
जनसांख्यिकी (डेमोग्राफिक्स), जो उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है, जिनमें मुख्य रूप से 2011 की जनगणना के अनुपात को क्षेत्र और परिसीमन परिवर्तनों के अनुसार समायोजित किया गया है, यह दर्शाती है कि मुस्लिम आबादी लगभग 30 प्रतिशत है, जबकि अनुसूचित जाति (SC) की आबादी 23.05 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी लगभग 2 प्रतिशत है. यह मुख्य रूप से एक ग्रामीण सीट है, जहां 97.03 प्रतिशत मतदाता ग्रामीण और 2.97 प्रतिशत मतदाता शहरी हैं. धोलाई निर्वाचन क्षेत्र बराक घाटी के कछार जिले के कुछ हिस्सों को कवर करता है, जहां बराक नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे समतल जलोढ़ मैदान हैं. यहां की जमीन खेती, वेटलैंड में मछली पकड़ने और कृषि के लिए उपयुक्त है, लेकिन यहां मौसमी बाढ़ का खतरा बना रहता है. लोगों की आजीविका मुख्य रूप से धान की खेती, छोटे-मोटे व्यापार, कृषि से जुड़ी गतिविधियों और अंतर्देशीय मत्स्य पालन पर निर्भर है. यहां की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी और भरपूर बारिश इन गतिविधियों को बनाए रखने में मदद करती है. बुनियादी ढांचे में सड़क संपर्क और ग्रामीण सड़कों व छोटी सिंचाई योजनाओं में चल रहे विकास कार्य शामिल हैं.
धोलाई जिला मुख्यालय, सिलचर से लगभग 25-30 किमी दूर स्थित है. यह नरसिंहपुर तहसील (नरसिंहपुर से लगभग 9 किमी दूर) के अंतर्गत आता है, जबकि सोनाई यहां से लगभग 14-20 किमी और पालोंघाट लगभग 7-15 किमी दूर है. धोलाई के 30 किमी के दायरे में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है, सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन सिलचर रेलवे स्टेशन है, जो लगभग 35 किमी दूर है. राज्य की राजधानी, दिसपुर, यहां से लगभग 300-320 किमी दूर है. स्थानीय संपर्क मुख्य रूप से बसों, ऑटो और निजी वाहनों के माध्यम से सड़क परिवहन द्वारा होता है.
धोलाई और कछार के आस-पास के इलाकों की एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है जो बराक घाटी से जुड़ी हुई है. यहां असमिया और बंगाली परंपराओं, स्थानीय बाजारों और सामुदायिक संस्थाओं का एक अनूठा मेल देखने को मिलता है.
BJP ने अपने मौजूदा विधायक का टिकट काटने का फैसला किया, संभवतः 2024 के उपचुनाव में उनकी जीत का अंतर कम होने के कारण, और अमिया कांति दास को अपना उम्मीदवार बनाया. वहीं, कांग्रेस पार्टी ने ध्रुबज्योति पुरकायस्थ पर अपना भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट दिया. सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) के गौर चंद्र दास और परिमल दास (निर्दलीय) भी चुनावी मैदान में उतरे, जिससे यह मुकाबला देखने में तो बहुकोणीय लग रहा था, लेकिन असल में यह BJP और कांग्रेस पार्टी के बीच एक सीधा मुकाबला था. हाल के वर्षों में, विधानसभा और लोकसभा, दोनों चुनावों में BJP के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए, यह माना जा रहा है कि 2026 के विधानसभा चुनावों में भी धोलाई सीट पर BJP का ही कब्ज़ा रहेगा.
(अजय झा)
Kamakhya Prasad Mala
INC
Gour Chandra Das
SUCI
Nota
NOTA
Parimal Das
IND
Dipak Ranjan Roy
IND
Ram Ratan Dusad
ASMJTYP
Ananta Mohan Roy
IND
असम में हिमंता बिस्वा सरमा के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत कूटनीतिक नजरिए से भी बेहद अहम रही. गुवाहाटी में हुए भव्य शपथ ग्रहण समारोह में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मौजूदगी ने साफ संकेत दिया कि पूर्वोत्तर भारत अब वैश्विक साझेदारियों और व्यापारिक संभावनाओं के नए केंद्र के तौर पर देखा जा रहा है.
असम चुनाव के बाद आई ADR रिपोर्ट ने चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है. जहां एक तरफ आपराधिक मामलों वाले विधायकों की संख्या में कमी आई है, वहीं दूसरी तरफ विधायकों की संपत्ति में तेज उछाल दर्ज हुआ है. हिमंत बिस्वा सरमा 35 करोड़ की संपति के साथ तीसरे नंबर पर हैं.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 90 सीटों पर चुनाव लड़ा और 82 सीटों पर जीत दर्ज की. उसके सहयोगी दलों में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF), जिसने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा, और असम गण परिषद (AGP), जिसने 26 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, दोनों ने 10-10 सीटें जीतीं.
ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने 100 से अधिक सीटों पर लूट की है. बीजेपी ने वोटों की चोरी की है. उन्होंने मेरा घेराव किया. यह बीजेपी की अनैतिक जीत है. मैंने बंगाल चुनाव आयुक्त से शिकायत की है.
Vidhan Sabha Chunav Parinam 2026 Live Updates: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल में जहां बीजेपी ने टीएमसी को पटखनी दे दी, तो वहीं असम में जीत की हैट्रिक लगाई. तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने डीएमके को सत्ता से उखाड़ फेंका, केरल में कांग्रेस ने 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया और लेफ्ट को हराकर जीत दर्ज की.
असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे अपनी-अपनी सीट बचाने में असफल रहे और उन्हें बीजेपी उम्मीदवारों के हाथों हार का सामना करना पड़ा. जनता ने वंशवादी राजनीति को साफ नकार दिया है.
हिमंता बिस्वा सरमा ने असम में BJP की प्रचंड जीत के बाद पवन खेड़ा पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ने उनका पेड़ा बना दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बयानों से लोग भावनात्मक रूप से आहत हुए और इसका असर नतीजों में दिखा. BJP गठबंधन ने 100 से अधिक सीटें जीतीं, जबकि पार्टी ने अपने दम पर बहुमत हासिल किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपरी असम के चाय बागान इलाकों में विशेष जनसंपर्क और योजनाओं का असर चुनाव नतीजों में साफ दिख रहा है. चाय बागान वाले छह विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल कर ली है. पीएम मोदी के सीधे संपर्क और विकास योजनाओं ने कांग्रेस के परंपरागत गढ़ को बीजेपी के मजबूत किले में बदल दिया है.