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करीमगंज दक्षिण विधानसभा चुनाव 2026 (Karimganj South Assembly Election 2026)

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चुनाव 2026 के उम्मीदवार

करीमगंज दक्षिण विधानसभा चुनाव 2026 (Karimganj South Assembly Election 2026)

करीमगंज दक्षिण असम की बराक घाटी के श्रीभूमि जिले (पहले करीमगंज जिला) में स्थित एक सामान्य (अनारक्षित) विधानसभा क्षेत्र है. यह करीमगंज लोकसभा क्षेत्र के छह हिस्सों में से एक है. इस सीट की लंबे समय से एक मुस्लिम-बहुल और मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र के रूप में पहचान रही है, जिसे पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है.

1957 में स्थापित, करीमगंज दक्षिण ने अब तक 14 विधानसभा चुनावों में हिस्सा लिया है. कांग्रेस पार्टी ने यह सीट 10 बार जीती है, जिसमें इसकी स्थापना से लेकर 1985 तक के सभी आठ चुनाव शामिल हैं. BJP ने यहां अपनी एकमात्र जीत 1991 में दर्ज की, जिससे कांग्रेस का 34 साल पुराना एकाधिकार समाप्त हो गया. समता पार्टी, एक निर्दलीय उम्मीदवार और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) ने भी यह सीट एक-एक बार जीती है.

सिद्दीक अहमद, जिन्होंने अपने पिछले दो चुनाव 2001 में समता पार्टी (अब जनता दल-यूनाइटेड) के उम्मीदवार के रूप में और 2006 में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते थे, ने 2011 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर करीमगंज दक्षिण सीट जीती. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के इकबाल हुसैन को 23,113 वोटों से हराया. AIUDF के अजीज अहमद खान ने 2016 में अपनी पहली जीत दर्ज की, जब उन्होंने मौजूदा कांग्रेस विधायक सिद्दीक अहमद को 4,416 वोटों से हराया. 2021 में सिद्दीक अहमद ने अजीज अहमद खान (जिन्होंने इस बार AGP उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था) से यह सीट 32,487 वोटों के अंतर से वापस छीन ली.

विधानसभा चुनावों में अपनी एकमात्र जीत की तुलना में, AIUDF ने करीमगंज दक्षिण क्षेत्र में लगातार तीन लोकसभा चुनावों में बढ़त बनाकर कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है. इसने 2009 में कांग्रेस पार्टी पर 14,620 वोटों की बढ़त बनाई, 2014 में BJP पर 53,367 वोटों की और 2019 में 14,125 वोटों की बढ़त बनाई. कांग्रेस पार्टी आखिरकार 2024 में शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रही, जब उसने BJP पर 76,027 वोटों के बड़े अंतर से बढ़त बनाई. BJP लगातार तीसरी बार दूसरे स्थान पर रही. करीमगंज दक्षिण क्षेत्र में कांग्रेस के हाफ़िज राशिद अहमद चौधरी को 136,384 वोट मिले, BJP के कृपानाथ मल्लाह को 60,357 वोट मिले, और AIUDF के सहाबुल इस्लाम चौधरी को 10,579 मतदाताओं का समर्थन मिला.

2026 के विधानसभा चुनावों के लिए करीमगंज दक्षिण की अंतिम मतदाता सूची में 284,408 पात्र मतदाता थे. 2024 में मतदाताओं की संख्या 277,979 थी, जिसमें 2025 के SIR (विशेष सारांश संशोधन) के बाद 6,429 मतदाताओं की वृद्धि देखी गई. हालांकि, 2023 के परिसीमन के दौरान करीमगंज दक्षिण में एक बड़ा बदलाव आया, क्योंकि निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं में फेरबदल के बाद 86,740 नए मतदाताओं के जुड़ने से इसका मतदाता आधार काफी बढ़ गया. 2021 में यहां 191,239 पंजीकृत मतदाता थे, 2019 में 178,320, 2016 में 160,632, 2014 में 151,307 और 2011 में 144,039 रहा,

परिसीमन से पहले के दौर में करीमगंज दक्षिण में लगभग 68 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता थे, जबकि अनुसूचित जातियों की हिस्सेदारी 14.25 प्रतिशत थी. अब इन आंकड़ों में बदलाव आने की उम्मीद है, हालांकि मतदाताओं का नवीनतम जनसांख्यिकीय वर्गीकरण अभी उपलब्ध नहीं है. करीमगंज दक्षिण की मतदाता सूची में कोई शहरी मतदाता नहीं था, और उम्मीद है कि यह स्थिति अब भी वैसी ही बनी हुई है. मतदाताओं की भागीदारी लगातार मजबूत रही है- 2011 में 72.51 प्रतिशत, 2014 में 80.94 प्रतिशत, 2016 में 79.74 प्रतिशत, 2019 में 78.92 प्रतिशत, 2021 में 77.79 प्रतिशत और 2024 में 78.07 प्रतिशत.

इस क्षेत्र की जड़ें व्यापक बराक घाटी क्षेत्र से जुड़ी हैं, जो ऐतिहासिक रूप से प्राचीन कामरूप साम्राज्य का हिस्सा था और बाद में दिमासा और त्रिपुरा साम्राज्यों से प्रभावित हुआ. ब्रिटिश शासन के दौरान, यह सिलहट और कछार जिलों का हिस्सा था. 1947 के विभाजन के बाद, जब सिलहट का अधिकांश हिस्सा पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में चला गया, तो करीमगंज उप-मंडल को भारत में ही रखा गया. उस समय यहां मुस्लिम-बहुल आबादी होने के बावजूद, इसे मुख्य रूप से रणनीतिक और प्रशासनिक कारणों से भारत में बनाए रखा गया

करीमगंज दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र बराक घाटी में श्रीभूमि जिले के कुछ हिस्सों को कवर करता है, जहां समतल जलोढ़ मैदान, छोटी-छोटी पहाड़ियां और उपजाऊ निचले इलाके हैं. यहां की जमीन धान की खेती और कुछ चाय बागानों के लिए उपयुक्त है, लेकिन यह कुशियारा, लोंगई और सिंगला जैसी नदियों से होने वाली मौसमी बाढ़ की चपेट में आ जाती है. करीमगंज दक्षिण में लोगों की आजीविका मुख्य रूप से धान की खेती, छोटे-मोटे व्यापार, सीमा से जुड़ी गतिविधियों और कृषि-संबंधी कार्यों पर निर्भर है. बुनियादी ढांचे में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के माध्यम से आस-पास के क्षेत्रों से सड़क संपर्क शामिल है. रेल सुविधा करीमगंज या बदरपुर स्टेशनों पर उपलब्ध है, जो गांव के आधार पर लगभग 20-40 किमी दूर हैं. गांवों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, और ग्रामीण सड़कों तथा सिंचाई के क्षेत्र में विकास कार्य लगातार जारी हैं.

सबसे नजदीकी प्रमुख कस्बा श्रीभूमि है, जो जिले का मुख्यालय भी है (पहले इसे करीमगंज कहा जाता था) और लगभग 15-25 किमी दूर स्थित है. आस-पास के अन्य कस्बों में पश्चिम की ओर पत्थरकंडी (लगभग 20-30 किमी दूर) और पूर्व की ओर हैलाकंडी (लगभग 30-40 किमी दूर) शामिल हैं. राज्य की राजधानी, दिसपुर, यहां से उत्तर दिशा में लगभग 300-350 किमी दूर स्थित है. यह निर्वाचन क्षेत्र दक्षिण और पश्चिम में बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित है (कुछ हिस्सों में यह दूरी कम है, लेकिन ज्यादातर यह कुशियारा नदी प्रणाली द्वारा अलग किया गया है). सीमा पार दक्षिण-पश्चिम में लगभग 50-70 किलोमीटर की दूरी पर बांग्लादेश के कुरिग्राम जैसे शहर स्थित हैं, जो स्थानीय व्यापार और सीमा-पार आपसी मेलजोल को प्रभावित करते हैं.

करीमगंज दक्षिण के मतदाताओं के पास इस बार कई विकल्प होंगे, क्योंकि चुनावी मैदान में 15 उम्मीदवार हैं. इनमें से 10 निर्दलीय उम्मीदवार हैं, जिनसे चुनाव के नतीजों पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है. इसके अलावा, अकेली महिला उम्मीदवार रूपोश्री गोस्वामी 'सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ़ इंडिया (कम्युनिस्ट)' के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. वहीं, 2016 के विजेता अजीज अहमद खान इस बार तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. AIUDF ने अजीज खान की दावेदारी को नजरअंदाज करते हुए उनकी जगह शिहाब उद्दीन को अपना उम्मीदवार बनाया था, जिसके बाद अजीज ने तृणमूल का दामन थाम लिया. कांग्रेस पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार को बदलते हुए अमीनुर राशिद चौधरी को मैदान में उतारा है. दूसरी ओर, एकबाल हुसैन, जो 2011 में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर दूसरे स्थान पर रहे थे, इस बार BJP के नेतृत्व वाले 'नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस' की ओर से AGP के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।.

मौजूदा हालात को देखते हुए, कांग्रेस पार्टी के लिए 11वीं बार करीमगंज दक्षिण सीट जीतना आसान नहीं होगा. हालांकि, अपने शानदार चुनावी इतिहास और 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली जबरदस्त बढ़त को देखते हुए, कांग्रेस अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले थोड़ी बेहतर स्थिति में नजर आ रही है. इसके अलावा, AIUDF के तेजी से कमजोर पड़ने का नतीजा यह हुआ है कि मुस्लिम मतदाताओं का एक बड़ा तबका एक बार फिर कांग्रेस पार्टी की ओर झुकता हुआ दिखाई दे रहा है.

(अजय झा)

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Phase 1

चुनाव शेड्यूल

मतदान की तारीख
09 अप्रैल 2026
मतगणना की तारीख
04 मई 2026
पूरे चुनाव शेड्यूल के लिए
यहां क्लिक कीजिए
करीमगंज दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में मतदान फेज 1 में 09 अप्रैल 2026 को होगा और मतगणना 04 मई 2026 को की जाएगी.

करीमगंज दक्षिण विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2021
2016
WINNER

Siddeque Ahmed

img
INC
वोट88,909
विजेता पार्टी का वोट %59.2 %
जीत अंतर %21.7 %

करीमगंज दक्षिण विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Aziz Ahmed Khan

    AGP

    56,422
  • Hussain Ahmed

    IND

    1,167
  • Nota

    NOTA

    985
  • Pronab Kumar Roy

    BLSP

    704
  • Sufian Ahmed

    IND

    516
  • Sayed Ali Ahmed

    IND

    297
  • Bimal Krishna Das

    IND

    241
  • Shamim Ahmed Choudhury

    IND

    166
  • Rajesh Dey Purkayastha

    IND

    148
  • Bilal Ahmed

    IND

    141
  • Abu Sufian

    IND

    131
  • Faiz Ahmed

    IND

    123
  • Jaharul Haque

    IND

    122
  • Forzan Khan

    IND

    106
  • Abdul Basit

    IND

    102
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असम विधानसभा चुनाव 2026 से जुड़े Frequently Asked Questions (FAQs)

करीमगंज दक्षिण विधानसभा सीट के लिए मतदान की तारीख क्या है? यहां किस चरण में मतदान होगा?

करीमगंज दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2021) विधायक कौन हैं?

2021 में करीमगंज दक्षिण में INC का विजयी वोट प्रतिशत कितना था?

2021 के करीमगंज दक्षिण चुनाव में Siddeque Ahmed को कितने वोट मिले थे?

2021 में करीमगंज दक्षिण सीट पर उपविजेता कौन था?

असम विधानसभा चुनाव 2026 कब आयोजित होंगे?

पिछले करीमगंज दक्षिण विधानसभा चुनाव 2021 किस पार्टी ने जीता था?

असम विधानसभा सीट चुनाव परिणाम 2026 कब घोषित होंगे?

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