scorecardresearch
 

NEET पेपर लीक के बाद NTA में बड़ा फेरबदल, 2 नए निदेशक और संयुक्त निदेशक नियुक्त

नीट पेपर लीक के बाद अब केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में दो नए निदेशक और एक संयुक्त निदेशक नियुक्त किए हैं. सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए चार-स्तरीय पेपर चेकिंग प्रक्रिया लागू करने और विशेषज्ञों को बदलने जैसा कदम भी उठाया है. इसके साथ ही नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स भी बनाई गई है.

Advertisement
X
NTA में सुधार के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं. (Photo: India Today)
NTA में सुधार के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं. (Photo: India Today)

NEET पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर विवादों से घिरी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में केंद्र सरकार ने बड़ा फेरबदल किया है. कार्मिक मंत्रालय ने एजेंसी में दो नए निदेशकों और एक संयुक्त निदेशक की नियुक्ति की है.

IAS अधिकारी प्रसन्न वेंकटेश वीभी और IPS अधिकारी रवि कुमार सिंह को NTA में निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है. जबकि 2016 बैच के IRS-कस्टम्स एंड इनडायरेक्ट टैक्सेज अधिकारी अमित सामदरिया को संयुक्त निदेशक के रूप में चुना गया है.

मंत्रालय के सर्कुलर के मुताबिक, तीनों अधिकारियों को आदेश जारी होने के तीन सप्ताह के भीतर अपना पदभार ग्रहण करना होगा. ऐसा न करने पर 'सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम' से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

परीक्षा प्रणाली में सुधार का खाका

हाल ही में सरकार ने NTA की परीक्षा प्रणाली में परिवर्तन का ऐलान किया था. इसके तहत चार-स्तरीय पेपर चेकिंग प्रक्रिया लागू करना, 600 विशेषज्ञों को हटाना और नए डोमेन स्पेशलिस्ट को शामिल करना जैसे बड़े कदम उठाए गए हैं.

नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स ने मांगे सुझाव

Advertisement

इसके साथ ही, भारत सरकार ने परीक्षाओं के पारदर्शी संचालन, सुरक्षा, डिजाइन और प्रशासन में सुधार की सिफारिशों के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है. ये टास्क फोर्स परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने, एडवांस टेक्नीक का इस्तेमाल करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और छात्रों की मेंटल डेवलपमेंट को सुरक्षित रखने के उपायों पर काम कर रही है.

टास्क फोर्स का मकसद देश में एक मजबूत, सुरक्षित, पारदर्शी और भविष्य के लिए सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली का निर्माण करना है. इसके लिए आम जनता और विशेषज्ञों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं.

टास्क फोर्स ने छात्र और परीक्षा अभ्यर्थी, अभिभावक और शिक्षक, शैक्षणिक संस्थान और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाएं, विषय विशेषज्ञ और तकनीक पेशेवर के साथ-साथ उद्योग जगत और नागरिक समाज संगठन से सुझाव मांगे हैं.

देश की परीक्षा प्रणाली को लीक-प्रूफ और मजबूत बनाने के हितधारक 13 सितंबर 2026 तक, वेबसाइट-https://examreforms-taskforce.dopt.gov.in पर अपने सुझाव दे सकते हैं. इन सुझावों के आधार पर ही टास्क फोर्स अपनी फाइनल रिपोर्ट और सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगी.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement