कन्नौज के एक सरकारी स्कूल में बच्चों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि मामला सीधे शिक्षा विभाग तक पहुंच गया. स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं ने पढ़ाई करने के बजाय विरोध शुरू कर दिया. इसके बाद इंचार्ज प्रधानाध्यापक की गाड़ी को ही घेर लिया. बच्चे वहीं खड़े होकर अपनी शिकायतें बताने लगे. मामला कन्नौज के गुगरापुर स्थित पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय का है.
अब पूरी कहानी समझिए. रोज की तरह बच्चे स्कूल पहुंचे थे, लेकिन इस बार माहौल अलग था. कई छात्र-छात्राएं इंचार्ज प्रधानाध्यापक के खिलाफ नाराज थे. देखते ही देखते बच्चों ने स्कूल का बहिष्कार कर दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बात इतनी बढ़ी कि प्रधानाध्यापक की गाड़ी जैसे ही सामने आई, बच्चों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. स्कूल में मौजूद बच्चों के इस विरोध का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्र गाड़ी के आसपास खड़े नजर आ रहे हैं.

आखिर बच्चों को गुस्सा किस बात पर था?
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों ने इंचार्ज प्रधानाध्यापक पर कई आरोप लगाए. बच्चों का कहना है कि उनके साथ भेदभाव किया जाता है. इसके अलावा प्रधानाध्यापक पर अभद्रता और छात्रों के साथ मारपीट करने के आरोप भी लगाए गए. यानी बच्चों की शिकायत सिर्फ पढ़ाई या स्कूल की किसी एक व्यवस्था को लेकर नहीं थी. उनके आरोप सीधे स्कूल के प्रधानाध्यापक के व्यवहार से जुड़े थे.
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बच्चों ने विद्यालय परिसर में लगे हरे पेड़ों को कटवाने का आरोप भी स्कूल प्रबंधन पर लगाया. इन तमाम शिकायतों को लेकर बच्चे नाराज थे और इसी वजह से उन्होंने स्कूल का बहिष्कार कर प्रदर्शन शुरू कर दिया. स्कूल में बच्चों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने छात्रों और उनके परिजनों से बातचीत की और मामले की जानकारी ली.

मामला शांत कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी भी पहुंचे. बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप सिंह ने बच्चों से बातचीत की. उनकी शिकायतें सुनीं और उन्हें समझाने की कोशिश की. अधिकारी के समझाने के बाद बच्चों का गुस्सा शांत हुआ. प्रदर्शन खत्म हुआ और इसके बाद स्कूल में पढ़ाई फिर से शुरू कराई गई.
बच्चों का प्रोटेस्ट क्यों बना चर्चा का विषय?
इस पूरे घटनाक्रम ने स्कूलों में बच्चों की शिकायतों और उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं. खास बात यह रही कि बच्चों ने अपनी शिकायत रखने के लिए सीधे स्कूल का बहिष्कार किया और प्रधानाध्यापक की गाड़ी तक घेर ली. फिलहाल छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी. शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामला शांत करा चुके हैं. अब देखना होगा कि आरोपों को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है.