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लिफ्ट खराब, एम्बुलेंस में ड्राइवर नहीं... छात्र की मौत पर IIIT रांची में फूटा छात्रों का गुस्सा, प्रदर्शन तेज

IIIT रांची के फर्स्ट ईयर के छात्र आदित्य सिंह की मौत के बाद संस्थान के 1000 से अधिक छात्र सड़कों पर उतर आए हैं. छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में खराब लिफ्ट, एम्बुलेंस में ड्राइवर और ऑक्सीजन की कमी के कारण समय पर इलाज नहीं मिला. छात्रों ने निदेशक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की है. 

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कुव्यवस्था ने ली छात्र की जान? IIIT रांची के 1000 छात्रों ने खोला मोर्चा
कुव्यवस्था ने ली छात्र की जान? IIIT रांची के 1000 छात्रों ने खोला मोर्चा

झारखंड के प्रतिष्ठित संस्थान IIIT रांची के कैंपस से इस वक्त बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. संस्थान के फर्स्ट ईयर के छात्र आदित्य सिंह की आत्महत्या की कोशिश और फिर इलाज के अभाव में हुई मौत के बाद छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. हालात इतने बेकाबू हो गए कि B.Tech, M.Tech और PhD करने वाले करीब 1000 छात्र सड़कों पर उतर आए और खेलगांव के पास टाटीसिलवाई को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए.

यह सिर्फ एक छात्र की मौत का मामला नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है जो देश के भविष्य को गढ़ने का दावा करती है. आइए जानते हैं आखिर इस हाई-प्रोफाइल संस्थान के भीतर चल क्या रहा है...

वो काली रात... जब लिफ्ट खराब थी और एम्बुलेंस में ड्राइवर नहीं था!

छात्रों का आरोप है कि आदित्य सिंह को जिस वक्त तुरंत अस्पताल पहुंचाने की सबसे ज्यादा जरूरत थी, उस समय कैंपस के भीतर मौत का तांडव चल रहा था. जब छात्र की जान बचाने के लिए हर सेकंड की कीमत थी, हॉस्टल की लिफ्ट खराब पड़ी थी. छात्रों को गंभीर हालत में उसे सीढ़ियों से नीचे उतारना पड़ा.

यहां कैंपस में एम्बुलेंस तो खड़ी थी, लेकिन उसका ड्राइवर गायब था. हद तो तब हो गई जब पता चला कि उस एम्बुलेंस में न तो ऑक्सीजन मास्क था और न ही कोई जरूरी मेडिकल सुविधा. छात्रों का साफ कहना है कि अगर समय पर बुनियादी इलाज मिल जाता, तो आदित्य की जान बचाई जा सकती थी.

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गंदे खाने से लेकर डायरेक्टर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
आंदोलन कर रहे छात्रों का गुस्सा सिर्फ एक दिन की व्यवस्था पर नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही प्रशासनिक लापरवाहियों पर फूटा है: छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में उन्हें ऐसा घटिया और अस्वच्छ खाना दिया जा रहा है, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है.

छात्रों ने IIIT रांची के डायरेक्टर राजीव श्रीवास्तव पर कई स्तरों पर भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैया अपनाने का खुला आरोप लगाया है. छात्र अब मौजूदा डायरेक्टर के तत्काल इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं.

चेयरपर्सन की मान-मनौव्वल और प्रशासन का पक्ष

हालात बिगड़ते देख संस्थान की चेयरपर्सन लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. भट्ट मौके पर पहुंचीं और नाराज छात्रों को मनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. हालांकि पुलिस ने मशक्कत के बाद सड़क को खाली करा लिया है, लेकिन कैंपस के भीतर तनाव अब भी बरकरार है.

चेयरपर्सन लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. भट्ट ने कहा है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि यह एक सरकारी संस्थान है. हम इस बात की तह तक जाएंगे कि आखिर पहले साल के छात्र की रहस्यमय हालात में मौत कैसे हुई. जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.

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डायरेक्टर के इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि निदेशक की नियुक्ति देश के राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद होती है, इसलिए इस्तीफा तुरंत नहीं हो सकता, लेकिन विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई तय है. कैंपस के भीतर सुलगती यह चिंगारी अब देश के तमाम तकनीकी संस्थानों में मिलने वाली सुविधाओं और छात्रों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है.

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