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TRE-4 से पहले अभ्यर्थियों की बड़ी जीत! बिहार में STET 2026 की राह साफ, 17 अगस्त से आवेदन शुरू

यह कदम लाखों बीएड और पोस्ट ग्रेजुएट अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है, जो TRE-4 से पहले STET कराने की मांग कर रहे थे. परीक्षा की तिथियां, सिलेबस और अन्य विवरण विज्ञप्ति में शामिल होंगे. यह फैसला अभ्यर्थियों के लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद लिया गया है, जिससे वे शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे.

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(Photo: ITG)
(Photo: ITG)


बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों बीएड और पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं के लिए यह खबर किसी राहत के बड़े पैकेज से कम नहीं है. महीनों से पटना के गर्दनीबाग से लेकर सोशल मीडिया के डिजिटल मंचों पर गूंज रही अभ्यर्थियों की एक ही जिद थी, 'TRE-4 लाने से पहले हमारा STET कराओ!'

आखिरकार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) और शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों की इस पुरजोर मांग के आगे हरी झंडी दिखा दी है. बिहार बोर्ड अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम की ओर से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, राज्य में STET 2026 के आयोजन की तैयारियां आधिकारिक रूप से शुरू हो गई हैं.

14 अगस्त को विज्ञापन, 17 से भरे जाएंगे फॉर्म
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों (कक्षा 9वीं से 12वीं) में शिक्षक पात्रता हासिल करने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बोर्ड ने पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है. बिहार बोर्ड 14 अगस्त को समाचार पत्रों और आधिकारिक पोर्टल पर STET 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन (विज्ञप्ति) प्रकाशित करने जा रहा है.

17 अगस्त से अभ्यर्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और फॉर्म सबमिशन कर सकेंगे. परीक्षा की संभावित तिथियां, विषयवार सिलेबस, आवेदन शुल्क और योग्यता से जुड़ी तमाम बारीकियां इसी नोटिफिकेशन में साफ होंगी.

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क्यों मचा था TRE-4 से पहले STET कराने का बवाल?

दरअसल, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) जल्द ही शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के चौथे चरण यानी BPSC TRE-4.0 का विज्ञापन निकालने की तैयारी में है. लेकिन पिछले एक-डेढ़ साल से STET परीक्षा का आयोजन न होने की वजह से लाखों नए बीएड पास आउट अभ्यर्थी इस भर्ती प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर होने के कगार पर खड़े थे.अभ्यर्थियों का तर्क बिल्कुल साफ था कि अगर बिना STET कराए TRE-4 का नोटिफिकेशन आ गया, तो वे बिना किसी गलती के शिक्षक भर्ती की इस दौड़ से सीधे बाहर हो जाएंगे. इसी को लेकर राज्य भर में लगातार ज्ञापन सौंपे जा रहे थे और आंदोलन की रूपरेखा बन रही थी.

क्या है आगे की रणनीति?
बिहार बोर्ड अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम के इस ऐलान के बाद अब उन लाखों युवाओं के चेहरे खिल गए हैं, जो पिछले कई महीनों से किताबों के साथ-साथ गर्दनीबाग के आंदोलन में पसीना बहा रहे थे.शिक्षा विभाग का यह फैसला दिखाता है कि अगर युवाओं की मांग वाजिब हो, तो सिस्टम को भी अपनी सुस्ती छोड़कर फैसले लेने ही पड़ते हैं.

अब देखना यह होगा कि बोर्ड आवेदन प्रक्रिया पूरी कराने के बाद परीक्षा की तारीख कितनी जल्दी घोषित करता है, ताकि TRE-4 में इन सभी अभ्यर्थियों को शामिल होने का मौका मिल सके.

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