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ऑफिस में देखते हैं YouTube-Netflix, फिर भी मिलती है 2.6 करोड़ की सैलरी, फिर क्यों हो रहा पछतावा?

वैसे तो ऑफिस में काम करने वाले लोग काम के प्रेशर, डेडलाइन और बॉस की उम्मीदों से हमेशा परेशान ही रहते हैं. लेकिन सोचिए आपको लाखों रुपये का पैकेज मिले लेकिन ऑफिर जाकर कोई काम ही नहीं करना हो, तो? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक यूजर ने अपनी स्टोरी शेयर की है , जिसके बाद से लोग हैरान हो गए हैं. 

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रेडिट पर टेक प्रोफेशनल शेयर किया काम करने का एक्सपीरियंस.
रेडिट पर टेक प्रोफेशनल शेयर किया काम करने का एक्सपीरियंस.

नौकरी में अच्छी सैलरी और काम का दबाव कम हो, ऐसी चाहत तो बहुत से लोगों की होती है. लेकिन लाखों की सैलरी मिलने के बाद भी आपके पास करने के लिए कोई काम न हो तो, क्या होगा? अमेरिका में एक टेक प्रोफेशनल ने अपनी नौकरी को लेकर ऐसा ही अनुभव शेयर किया है. उसका दावा है कि वह ऑफिस में काम करने के बजाय YouTube और Netflix देखता था, न्यूयॉर्क की सड़कों पर घूमता था, फिर भी उसे सालाना करीब 2.6 करोड़ रुपये की सैलरी मिल रही थी. शुरुआत में भले ही उसे यह अच्छा लगा हो लेकिन धीरे-धीरे काम न मिलने का असर उसके  आत्मविश्वास और करियर  पर दिखाई देने लगा. 

कंपनी में बदलाव के बाद खत्म हो गई जिम्मेदारी

रेडिट पोस्ट में टेक प्रोफेशनल ने बताया कि वह करीब एक दशक से एक बड़ी टेक कंपनी में काम कर रहा था और इस दौरान पांच अलग-अलग भूमिकाओं में जिम्मेदारी निभा चुका था. उसने 2025 की शुरुआत में एक नई टीम में जाने का फैसला किया था. उसे उम्मीद  थी इस बदलाव से उसे करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. लेकिन नई भूमिका शुरू करने के पहले ही दिन कंपनी में बड़ा संगठनात्मक बदलाव हो गया. जिस मैनेजर और डायरेक्टर ने उसे टीम में शामिल किया था, वे दोनों कंपनी से हटा दिए गए.

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इसके बाद उसकी भूमिका और टीम की दिशा को लेकर स्थिति साफ नहीं रही. टेक प्रोफेशनल के मुताबिक, उसे न तो स्पष्ट जिम्मेदारियां दी गईं और न ही यह बताया गया कि उससे किस तरह के काम की उम्मीद की जा रही है. 

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करोड़ों की सैलरी, लेकिन ऑफिस में देखते थे Netflix

टेक प्रोफेशनल ने आगे बताया कि इस दौरान उसकी सालाना सैलरी करीब 2.75 लाख डॉलर थी,जो रिपोर्ट के अनुसार लगभग 2.6 करोड़ रुपये हो सकती है. उसका दावा था कि इतनी सैलरी मिलने के बावजूद उसके पास करने के लिए कोई खास काम नहीं था. उसने अपने अनुभव के बारे में बताया कि वह ऑफिस के कैफे में बैठकर YouTube और Netflix देखता था. नया शहर होने के कारण वह न्यूयॉर्क के मशहूर रेस्तरां में खाना खाने जाता और मैनहैटन की सड़कों पर घूमता रहता था.

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हालांकि, बाहर से यह जिंदगी जितनी आरामदायक लग सकती है, अंदर से उसका अनुभव वैसा नहीं था. उसने बताया कि वह कई महीनों तक अपने मैनेजर से ज्यादा काम और नई चीजें सीखने के अवसर मांगता रहा, लेकिन उसे कोई जिम्मेदारी नहीं मिली.  

पहले हुआ अपराधबोध, फिर करियर की चिंता

टेक प्रोफेशनल ने बताया कि शुरुआत में उसे इस बात का बुरा लगता था कि वह कंपनी से अच्छी सैलरी ले रहा है, लेकिन कोई काम नहीं कर रहा है. धीरे-धीरे उसे इस बात की चिंता होने लगी कि लंबे समय तक काम न करने से उसके करियर पर असर पड़ सकता है. करीब दो साल तक बिना किसी खास जिम्मेदारी के रहने के बाद उसने दूसरी भूमिका तलाशनी शुरू की. रिपोर्ट के मुताबिक, उसने करीब छह महीने तक इंटरव्यू दिए और आखिरकार उसी कंपनी में दूसरी रोल  हासिल कर ली. 

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हालांकि, नई रोल मिलने के बाद भी उसके लिए सब कुछ आसान नहीं था. लंबे समय तक काम से दूर रहने के कारण उसे लगा कि वह अपने स्किल और काम करने की आदतों में पीछे रह गया है.उसे दोबारा काम की लय पकड़ने में परेशानी हुई.इसके बावजूद, उसने कहा कि अब वह ऐसी भूमिका में है, जिस पर उसे गर्व है. 

रेडिट यूजर ने शेयर किए अनुभव 

इस पोस्ट के बाद Reddit पर कई दूसरे यूजर्स ने भी अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि कंपनी में विलय, छंटनी या दूसरे संगठनात्मक बदलावों के बाद कई बार कर्मचारियों के पास करने के लिए बहुत कम काम रह जाता है. कुछ यूजर्स ने कहा कि ऐसे बदलावों के दौरान कर्मचारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट नहीं रहतीं और वे लंबे समय तक खाली बैठे रहते हैं. वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि शुरुआत में काम का दबाव न होना अच्छा लग सकता है, लेकिन लंबे समय तक कुछ नया न सीखने से व्यक्ति खुद को बेकार महसूस करने लगता है. 

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