जब तक आजादी की याद जिंदा है... तब तक आवाज उठाने का हौसला भी जिंदा रहेगा… बेबाक अंदाज में अपनी बात रखने वाली नेहा बोरा एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों में शामिल हैं. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा अपने भाषणों में छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं. प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए जाने के बाद उनके वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं. थिएटर से छात्र राजनीति तक का सफर तय करने वाली नेहा आखिर कौन हैं और कैसे बनीं छात्र आंदोलन का जाना-पहचाना चेहरा?
हर फोटो और वीडियो में छाी नेहा
इन दिनों जेएनयू स्टूडेंट और ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. उनकी फोटो और वीडियो तेजी से वायरल हो रही है. नेहा बोरा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पीएचडी कर रही हैं. उनका शोध थिएटर और प्रदर्शन अध्ययन से जुड़ा है.
लेकिन ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में भी नेहा की अंदाज की चर्चा हो रही है. कभी पुलिस बैरिकेड्स को हटाते हुए तो कभी डिटेन होने के बाद से नेहा का अंदाज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा. कई लोग तो उन्हें राजनीति के एक उभरते चेहरे के तौर पर देख रहे हैं. इस बीच लोग उनकी एजुकेशन प्रोफाइल के बारे में जानने के लिए भी उत्सुक हैं.
खबरों के मुताबिक, नेहा बोरा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया. इसके बाद उन्होंने डॉ. बीआर. अंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली से पोस्टग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. उनकी पढ़ाई प्रदर्शन अध्ययन पर केंद्रित थी. बाद में उन्होंने JNU के कला एवं सौंदर्यशास्त्र विभाग में थिएटर और प्रदर्शन अध्ययन में पीएचडी के लिए दाखिला लिया.
एक अच्छी कलाकार भी हैं नेहा
बता दें कि नेहा केवल राजनीति में सक्रीय नहीं हैं बल्कि उनकी दिलचस्पी थिएटर में भी रही है. थिएटर से जुड़े अनुभव और विश्वविद्यालयों में चल रही राजनीतिक गतिविधियों ने उन्हें सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया है.
पढ़ाई के साथ छात्र राजनीति में भी सक्रिय
पढ़ाई के साथ नेहा बोरा छात्र राजनीति में भी सक्रिय रही हैं. वह शिक्षा तक पहुंच, छात्रों के अधिकारों और कॉलेजों में जवाबदेही जैसे मुद्दों को उठाती रही हैं. AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर वह परीक्षा से जुड़ी समस्याओं और छात्रों को समान अवसर देने जैसे मुद्दों पर होने वाले प्रदर्शनों में शामिल रही हैं. संगठन अभियान चलाने, विरोध प्रदर्शन करने और छात्रों के बीच जागरूकता बढ़ाने के जरिए उनकी समस्याओं को उठाता है.