नौकरी की तलाश में युवा कितनी कोशिशें करते हैं, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है. कोई रिज्यूमे भेजता है, कोई लिंक्डइन पर लोगों से संपर्क करता है, तो कोई रेफरल के जरिए इंटरव्यू तक पहुंचने की कोशिश करता है. लेकिन जब लगातार आवेदन करने के बाद भी जवाब न मिले, तो नौकरी तलाशना थकाने वाला हो सकता है. बेंगलुरु के एक बीटेक ग्रेजुएट ने इसी परेशानी के बीच एक पोस्ट के जरिए ऐसी पेशकश की है जिसने लोगों का ध्यान खींचा है. उसने कहा है कि अगर कोई उसे नौकरी दिलाने में मदद करता है, तो वह अपनी पहली महीने की पूरी सैलरी उसे दे देगा.
रेडिट पर वायरल हो रही है पोस्ट
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (AI-ML) में बीटेक करने वाले इस युवा ने रेडिट के r/bangalorejob कम्युनिटी में अपनी बात रखी. उसने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग या AI-ML से जुड़ी नौकरी पाने में मदद मांगी और कहा कि सफल रेफरल मिलने पर वह अपनी पहली महीने की पूरी सैलरी बतौर इनाम देगा. युवा ने पोस्ट में आगे बताया कि उसने PyTorch, FastAPI और RAG पाइपलाइन जैसी तकनीकों पर प्रोजेक्ट्स बनाए हैं. इसके बावजूद कंपनियों की ओर से इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट होना उसके लिए मुश्किल बना हुआ है.

फ्रेशर्स के लिए नौकरी पाना क्यों हो रहा मुश्किल?
इस ग्रेजुएट ने अपनी पोस्ट में कहा कि कई नौकरियों को एंट्री-लेवल बताया जाता है, लेकिन उनमें भी दो से तीन साल का अनुभव मांगा जाता है. ऐसे में पढ़ाई पूरी करके निकले युवाओं के लिए पहली नौकरी हासिल करना चुनौती बन जाता है. पोस्ट में युवा ने आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी परेशानी का भी जिक्र किया है. कंपनियां अक्सर उम्मीदवारों के आवेदन छांटने और मैनेज करने के लिए Applicant Tracking System यानी ATS का इस्तेमाल करती हैं. युवा के मुताबिक, आवेदन भेजने के बाद भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ पाना उसके लिए मुश्किल साबित हो रहा है.
लोगों से मांगी मदद
युवा की इस पेशकश पर रेडिट यूजर्स के बीच अलग-अलग राय देखने को मिली. कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि नौकरी के लिए रेफरल देने के बदले पहली सैलरी देने का प्रस्ताव सही तरीका नहीं है. वहीं, कुछ यूजर्स ने फ्रेशर्स के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की. युवा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि नौकरी दिलाने में मदद की अपील करने वाली कई पोस्ट पर लोग ध्यान नहीं देते. ऐसे में उसने यह पेशकश इसलिए की ताकि लोग उसकी पोस्ट पर गौर करें. उसने इसे रिश्वत देने के बजाय लोगों का ध्यान खींचने का तरीका बताया.
कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि कई कंपनियों में कर्मचारियों को सफल रेफरल के लिए पहले से बोनस मिलता है. वहीं, कुछ लोगों ने युवा को नौकरी के अवसर तलाशने में मदद देने की पेशकश भी की.
पहली नौकरी की तलाश में बढ़ता दबाव
यह मामला सिर्फ एक युवा की नौकरी तलाशने की कहानी नहीं है. यह उस मुश्किल को भी सामने लाता है, जिसका सामना कई नए ग्रेजुएट करते हैं. डिग्री और तकनीकी स्किल होने के बाद भी पहली नौकरी तक पहुंचना आसान नहीं होता, खासकर तब जब शुरुआती पदों पर भी अनुभव की मांग की जाए. हालांकि, पहली सैलरी देने का यह प्रस्ताव नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है. यह एक उम्मीदवार की ओर से मदद पाने की कोशिश है, जिसने ऑनलाइन चर्चा शुरू कर दी है.