रोज ऑफिस जाने और एक जैसा काम करने से व्यक्ति थक जाता है. कई लोग नौकरी की रोजमर्रा की भागदौड़ से निकलकर ऐसी जिंदगी जीना चाहते हैं, जिसमें अपने लिए ज्यादा समय हो और काम के साथ-साथ अन्य चीजों पर भी ध्यान दिया जा सके. लेकिन जब नियमित सैलरी और जानी-पहचानी दिनचर्या पीछे छूट जाती है, तो नई शुरुआत के साथ अनिश्चितता भी आती है. अर्पिता साहू का अनुभव कुछ ऐसा ही है. दिल्ली में कॉरपोरेट HR की नौकरी छोड़कर गोवा जाने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव शेयर किया है. उनका कहना है कि नई जगह पर जिंदगी शुरू करना जितना आसान और आकर्षक लगता है, असल में उतना आसान नहीं होता.
बड़े कंपनियों में काम फिर गोवा का सफर
बता दें कि सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में अर्पिता ने बताया कि उन्होंने MBA की पढ़ाई पूरी करने के बाद करीब 4.5 साल तक काम किया. वहीं, उनके LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, वह Cognizant और Info Edge India जैसी कंपनियों में HR प्रोफेशनल के तौर पर काम कर चुकी हैं. लेकिन इसके बाद से उन्होंने नौकरी छोड़कर गोवा जाने का फैसला किया. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में उन्होंने अपने सामान को सूटकेस में पैक करके दिल्ली से निकलने और नई जिंदगी शुरू करने का अनुभव बताया.
अर्पिता के लिए गोवा जाना केवल घूमने या कुछ दिन की छुट्टी बिताने का फैसला नहीं था. वह वहां अपना जीवन को नए सिरे से शुरू करना चाहती हैं. उनकी कोशिश थी कि उन्हें ऐसी जगह मिले, जहां वह अपनेपन का एहसास कर सकें, नए लोगों से जुड़ सकें और यह समझ सकें कि आगे जिंदगी में क्या करना चाहती हैं.
मैं बहुत डरी हुई हूं...
लेकिन जब वह गोवा पहुंची, तब उन्होंने एक वीडियो को शेयर करते हुए अपना अनुभव बताया. उन्होंने बताया कि ये पहला सोमवार जिसमें वह ऑफिस नहीं गईं हैं लेकिन उनके लिए यह उत्साह के बजाय डर लेकर आया.
उन्होंने कहा कि आज पहला सोमवार है, जब मुझे ऑफिस नहीं जाना है और मैं बहुत डरी हुई हूं.
अर्पिता ने बताया कि नौकरी छोड़ने और गोवा जाने का फैसला कुछ लोगों को सपने जैसा लग सकता है, लेकिन इसके साथ मुश्किल दिन भी आते हैं. ऐसे समय में वह अपने फैसलों और भविष्य को लेकर सवाल करने लगती हैं. उन्हें यह भी चिंता होती है कि क्या उन्होंने सही फैसला लिया है.
पैसों के खत्म होने की भी है चिंता
इस सफर में अर्पिता के सामने पैसे को लेकर भी बड़ी चुनौती थी, जिसके बारे में लोग कम बात करते हैं. नियमित सैलरी न मिलने पर उन्हें यह चिंता सताती है कि उनके पास मौजूद पैसे आखिर कितने समय तक चल पाएंगे.
उन्होंने एक वीडियो में कहा कि उनके ऊपर यह अनकहा दबाव है कि उन्हें अपने फैसले को सफल बनाकर दिखाना है. साथ ही, बैंक खाते में मौजूद रकम भी उन्हें लंबे समय तक चलने के लिए पर्याप्त नहीं लगती.
अर्पिता ने यह भी बताया कि इन दिनों उनका ध्यान भटक रहा है. वह कुछ देखने बैठती हैं, तो बार-बार फोन उठाकर इंस्टाग्राम स्क्रॉल करने और फॉलोअर्स की संख्या देखने लगती हैं.
उनके अनुभव से पता चलता है कि नौकरी छोड़ने के बाद केवल काम की दिनचर्या नहीं बदलती, बल्कि आर्थिक सुरक्षा और भविष्य को लेकर सोचने का तरीका भी बदल सकता है.
यूजर्स की प्रतिक्रिया
जैसे ही उन्होंने अपने इस अनुभव को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया, यूजर्स की प्रतिक्रिया सामने आने लगी. कुछ लोगों ने उन्हें समय देने और धैर्य रखने की सलाह दी, जबकि कुछ ने अपने अनुभव साझा किए कि उन्होंने भी जिंदगी में नए मकसद की तलाश में नौकरी छोड़ी या गोवा का रुख किया था. वहीं, कुछ यूजर्स उनका हौसला बढ़ाते भी दिखें.