गुजरात में सेना से सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए पुलिस में भर्ती का रास्ता आसान बनाने का फैसला किया गया है. उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने इसे लेकर जानकारी शेयर की है. उन्होंने बताया कि पूर्व अग्निवीरों को पुलिस बल में भर्ती के लिए किसी भी तरह की परीक्षा नहीं देनी होगी. इसके साथ ही उन्हें 20 प्रतिशत आरक्षण और अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की छूट देने की भी बात कही है.
सांघवी के मुताबिक, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकारी प्रस्ताव के जरिए विस्तृत जानकारी दी गई है. सरकार की ओर से इस फैसले पर विस्तृत प्रेस नोट भी जारी किया जाएगा.
भर्ती के लिए क्या होगी शर्त?
उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने इसे लेकर बताया कि गुजरात में पूर्व अग्निवीरों को पहले ही शारीरिक परीक्षा से छूट दी गई थी. अब सरकार ने उन्हें भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की परीक्षा से छूट देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा. इसके अलावा, उन्हें एज लिमिट में भी 5 साल की छूट दी जाएगी. हालांकि, भर्ती की प्रक्रिया, पात्रता की शर्तों और बिना परीक्षा चयन से जुड़े विस्तृत नियमों की जानकारी सरकारी प्रस्ताव और आगामी आधिकारिक प्रेस नोट से साफ होगी.
देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले अग्निवीरों को मिलेगा मौका
सांघवी ने कहा कि अग्निवीरों ने देश की सीमाओं पर दिन-रात काम करके राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान दिया है. अब पुलिस बल में उनकी नियुक्ति से राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी. राज्य सरकार के इस फैसले का उद्देश्य सेना में सेवा का अनुभव हासिल कर चुके युवाओं को पुलिस बल में अवसर देना है. भर्ती से जुड़ी विस्तृत शर्तें सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पूर्व अग्निवीरों को चयन के लिए किन प्रक्रियाओं और पात्रता मानकों को पूरा करना होगा.