12वीं बोर्ड परीक्षा देने के बाद हर छात्र के मन में सवाल होता है कि वह अब आगे क्या करेंगे. छात्रों का एक गलत फैसला उनके करियर को डूबा सकता है. ट्रेडिशनल डिग्री के बजाय आज के समय में छात्र ऐसे कोर्स करना चाहते हैं, जो न केवल उन्हें अच्छी नौकरी दिलाने में मदद करें बल्कि उससे अलग भी कमाई करवा सके. दरअसल, आजकल बदलते लाइफस्टाइल और बढ़ती महंगाई की वजह से केवल नौकरी के भरोसे बैठा रहना भी सही नहीं है. ऐसे में युवा कुछ ऐसा काम करना चाहता है, जिससे वह अलग से पैसे कमा सकें.
12वीं के बाद 50 हजार की नौकरी + फ्रीलांस
सोचिए, आप भी 12वीं के बाद ऐसा कोर्स करना चाहते हैं, जिससे आपकी शुरुआती कमाई 50 हजार रुपये हो. साथ ही आप फ्रीलांस के तौर पर भी कमाई की जा सके.
ये कोर्स हैं खास
डिजिटल मार्केटिंग
आज हर ओर छोटी से लेकर बड़ी कंपनियां अपने बिजनेस को ऑनलाइन ले जाने के लिए डिजिटल मार्केटर्स की तलाश करती हैं. इसके लिए आपको प्लेटफॉर्म के साथ-साथ मार्केट का नॉलेज भी होना चाहिए.
योग्यता: 12वीं पास (किसी भी स्ट्रीम से)
अवधि: 3 महीने से 1 साल (सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स)
करियर और सैलरी: शुरुआत में इंटर्नशिप या शुरुआती जॉब से ₹20,000 से ₹25,000 प्रतिमाह मिलते हैं. जैसे-जैसे आपको एसईओ (SEO), सोशल मीडिया और विज्ञापनों (Ads) का अनुभव होता है, यह सैलरी आसानी से ₹50,000 या उससे अधिक हो जाती है. इस कोर्स की सबसे अच्छी बात यही है कि आप नौकरी के साथ फ्रीलांस की मदद से भी पैसे कमा सकते हैं.
ग्राफिक डिजाइनिंग और एनिमेशन
क्रिएटिव फील्ड में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए यह एक शानदार विकल्प है. इसमें लोगो डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग, सोशल मीडिया पोस्ट डिजाइन और वीएफएक्स (VFX) सिखाया जाता है. VFX यानी विजुअल इफेक्ट्स आज के दौर में तकनीक और कला का एक ऐसा अनूठा संगम बन चुका है, जिसका उपयोग स्कूल की पढ़ाई से लेकर सिनेमा की दुनिया तक में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. सिनेमा के क्षेत्र में इसके बिना आज के समय की कल्पना भी नहीं की जा सकती, फिल्मों में अंतरिक्ष के नजारे, उड़ने वाले सुपरहीरो, खतरनाक स्टंट और विशालकाय जीवों जैसे असंभव दिखने वाले दृश्यों को VFX और कंप्यूटर-जनरेटेड इमेजरी के जरिए ही पर्दे पर दिखाया जाता है.
योग्यता: 12वीं पास
अवधि: 6 महीने से 3 साल (डिप्लोमा या डिग्री)
करियर और सैलरी: मीडिया हाउस, एडवरटाइजिंग एजेंसियों और टेक कंपनियों में इनकी भारी डिमांड है. स्किल्ड डिजाइनर्स की शुरुआती सैलरी ही ₹25,000 से ₹30,000 होती है, जो फ्रीलांसिंग के जरिए और भी बढ़ सकती है और अगर आपके पास अच्छा एक्सपीरियंस है, तो ये 80 से 90 हजार तक भी पहुंच सकती है.
वेब डेवलपमेंट और प्रोग्रामिंग
कोडिंग और टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी रखने वाले छात्र 12वीं के तुरंत बाद वेब डेवलपमेंट (HTML, CSS, JavaScript, React आदि) का कोर्स कर सकते हैं. HTML
यह किसी भी वेबसाइट की बुनियाद या ढांचा तैयार करती है. जैसे किसी मकान को बनाने के लिए सबसे पहले ईंट-पत्थर से दीवारें और कमरे खड़े किए जाते हैं, वैसे ही वेबसाइट पर टेक्स्ट, इमेज, वीडियो या टेबल डालने के लिए HTML का उपयोग किया जाता है. वैसे ही अलग-अलग प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का काम अलग-अलग होता है.
योग्यता: 12वीं (गणित या बिना गणित के भी)
अवधि: 6 महीने से 1 साल के बूटकैंप या डिप्लोमा
करियर और सैलरी: सॉफ्टवेयर कंपनियों और स्टार्टअप्स में फ्रेशर्स को भी अच्छी सैलरी मिलती है. थोड़ा अनुभव होने पर इस क्षेत्र में ₹50,000 से ₹1 लाख प्रति माह तक कमाना आम बात है.
होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी
पर्यटन और होटल इंडस्ट्री तेजी से उभर रही है. इसमें होटल ऑपरेशन, फूड प्रोडक्शन, फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट और हाउसकीपिंग सिखाई जाती है.
योग्यता: 12वीं पास (अंग्रेजी विषय के साथ)
अवधि: 3 साल (डिग्री) या 1 से 2 साल (डिपार्टमेंटल डिप्लोमा)
करियर और सैलरी: 5-स्टार होटल्स, क्रूज शिप्स और एयरलाइंस में बेहतरीन प्लेसमेंट मिलते हैं. शुरुआत में ट्रेनिंग और शुरुआती पदों के बाद सैलरी तेजी से ₹40,000 से ₹50,000 के आंकड़े को पार कर जाती है.
फॉरेन लैंग्वेज कोर्स
फ्रेंच, जर्मन, जापानी, स्पेनिश या चीनी जैसी विदेशी भाषाएं सीखने वाले युवाओं के लिए कॉर्पोरेट सेक्टर, टूरिज्म और मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में कई सारे मौके मिलते हैं. इतना ही नहीं उनके पास अच्छे पैकेज के जॉब ऑफर भी मिलते हैं.
योग्यता: 12वीं पास
अवधि: 1 से 2 साल (सर्टिफिकेट या डिप्लोमा)
करियर और सैलरी: अनुवादक (Translator), दुभाषिया (Interpreter) या कस्टमर केयर एक्सपर्ट के रूप में काम करने पर बहुराष्ट्रीय कंपनियां शुरुआती स्तर पर ही आकर्षक सैलरी देती हैं. जो कुछ वर्षों के अनुभव के साथ ₹50,000 प्रतिमाह से काफी आगे निकल जाता है और अगर आप कुछ अपना या अलग करना चाहते हैं, तो ये एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है.