
डॉक्टर बनने का सपना लेकर हर साल लाखों बच्चे NEET की परीक्षा देते हैं, लेकिन सीमित सीटों और कड़े मुकाबले के चलते हज़ारों होनहार छात्र मेडिकल की मुख्य धारा से बाहर हो जाते हैं. लेकिन अब भारतीय युवाओं की सोच में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) नई दिल्ली में दाखिला पाने की होड़ केवल MBBS तक सीमित नहीं रही, अब B.Sc नर्सिंग और B.Sc अलाइड एंड हेल्थकेयर कोर्सेज युवाओं की पहली पसंद बनते जा रहे हैं.
सूचना के अधिकार (RTI) से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, बीते 5 सालों (2021 से 2025) में एम्स के B.Sc (Hons.) नर्सिंग कोर्स में आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या में 1000 प्रतिशत (10 गुना से अधिक) का भारी-भरकम उछाल दर्ज किया गया है.
अगस्त 2026 सेशन: 3 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने ठोकी दावेदारी
एम्स परीक्षा विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 सेशन के लिए रिकॉर्डतोड़ रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए हैं. यहां B.Sc (Hons.) नर्सिंग में कुल 1,90,740 अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक आवेदन दर्ज कराया है. वहीं B.Sc अलाइड एंड हेल्थकेयर कोर्सेज के लिए कुल 1,17,033 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है. यानी सिर्फ एक सेशन में 3 लाख से अधिक युवाओं ने एम्स के इन दो नॉन-MBBS मेडिकल कोर्सेज के लिए किस्मत आजमाई है.
'NEET में सीमित सीटें और सरकारी नौकरी की गारंटी': क्यों बढ़ा रुझान?
इस पूरे आंकड़े को RTI के जरिए सामने लाने वाले मोटिवेशनल स्पीकर और करियर काउंसलर विपुल शर्मा ने इस बदलाव की वजह बताई है. विपुल शर्मा के मुताबिक देश में NEET की तैयारी करने वाले लाखों बच्चों के सामने MBBS और BDS की बेहद सीमित सीटें होती हैं. पहले छात्रों को MBBS के अलावा दूसरे हेल्थकेयर सेक्टर्स की जानकारी नहीं होती थी, लेकिन अब इन कोर्सेज के प्रति अवेयरनेस तेजी से बढ़ी है.

विपुल आगे कहते हैं कि नर्सिंग और अलाइड व हेल्थकेयर सेक्टर्स में न केवल सरकारी नौकरियों का स्पष्ट और पारदर्शी रास्ता उपलब्ध है, बल्कि विदेशों में भी करियर की अपार संभावनाएं हैं. यही वजह है कि आज छात्र NEET के विकल्प के रूप में एम्स के B.Sc नर्सिंग और B.Sc अलाइड एंड हेल्थकेयर कोर्सेज को प्राथमिकता दे रहे हैं.
5 साल का रिपोर्ट कार्ड: 16,485 से 1.80 लाख पहुंचे आवेदक
साल 2021 से 2025 तक B.Sc नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के आवेदकों का कैटेगरी वाइज ब्योरा एम्स में बढ़ती होड़ को साफ बयां करता है. यहां देखें डेटा...
| वर्ष | OBC (NCL) | अनारक्षित (UR) | EWS | SC | ST | कुल अभ्यर्थी |
| 2021 | 6,754 | 5,542 | 1,334 | 2,292 | 563 | 16,485 |
| 2022 | 8,708 | 6,487 | 1,700 | 2,755 | 817 | 20,467 |
| 2023 | 32,526 | 19,180 | 5,405 | 9,883 | 2,520 | 69,514 |
| 2024 | 65,637 | 34,772 | 11,865 | 22,109 | 6,470 | 1,40,853 |
| 2025 | 78,319 | 48,988 | 15,218 | 28,543 | 9,049 | 1,80,117 |
अलाइड व हेल्थकेयर कोर्सेज में भी रिकॉर्ड उछाल
B.Sc अलाइड एंड हेल्थकेयर सेक्टर्स का हाल भी अलग नहीं है. 2021 में जहां अलाइड एंड हेल्थकेयर कोर्सेज के लिए कुल 6,878 आवेदन (OBC: 3326, UR: 1737, SC: 859, EWS: 759, ST: 197) आए थे. वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,26,968 (OBC: 54489, UR: 35137, SC: 20150, EWS: 11586, ST: 5606) तक पहुंच गई.
RTI अपील के बाद एम्स ने जारी किया डेटा
रोहतक (हरियाणा) निवासी विपुल शर्मा ने जब RTI के तहत डेटा मांगा, तो शुरुआत में परीक्षा विभाग ने जानकारी देने से मना कर दिया था. इसके बाद मामला प्रथम अपीलीय प्राधिकारी एवं डीन (परीक्षा) प्रो. (डॉ.) संदीप चौहान के पास पहुंचा. डीन के सख्त निर्देश के बाद एम्स के एसोसिएट डीन व सीपीआईओ डॉ. टोनी जॉर्ज जैकप ने यह संशोधित आंकड़े सार्वजनिक किए हैं.