अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की एक गोपनीय रिपोर्ट ने इजरायल को लेकर गंभीर चेतावनी दी है. अगस्त 2026 में तैयार की गई 'फ्रैक्चर फ्रॉम विदिन' नाम की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यहूदी इजरायलियों के बीच गहरे राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक मतभेद देश को गृहयुद्ध या राज्य पतन की ओर धकेल सकते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक देश 'एक चिंगारी दूर' असली अंदरूनी संघर्ष से है. यह रिपोर्ट CIA के रेड सेल यूनिट ने बनाई है, जिसका काम आम सोच को चुनौती देना और सबसे खराब संभावित हालात का आकलन करना होता है. सीआईए ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है. यह जानकारी ड्रॉप साइट न्यूज की रिपोर्टिंग पर आधारित है, जिसमें अमेरिकी सूत्रों का हवाला दिया गया है.
रिपोर्ट में कई दबावों का जिक्र है जो एक साथ इकट्ठा हो रहे हैं. सबसे बड़ा मुद्दा है अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स (हरेदी) समुदाय को सैन्य सेवा से छूट. लंबे समय से ये लोग धार्मिक पढ़ाई के नाम पर सेना में नहीं जाते, जबकि बाकी नागरिक बार-बार रिजर्व ड्यूटी पर जाते हैं.
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गाजा, लेबनान और ईरान से जुड़े लंबे युद्ध के बाद यह नाराजगी और बढ़ गई है. सैनिक थके हुए हैं और कई मनोवैज्ञानिक आघात के साथ घर लौट रहे हैं. कई के पास हथियार भी हैं. खाने-पीने की महंगाई पिछले दो साल में 9.5 प्रतिशत बढ़ चुकी है. सैन्य खर्च आसमान छू रहा है. वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा भी बढ़ रही है.
🧵CIA Report Warns Israel Could Head Toward Civil War, Total Collapse U.S. intelligence raises fears of civil unrest and state breakdown in Israel ahead of October 27 elections ⤵️
— Drop Site (@DropSiteNews) October 6, 2026
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सत्ता बचाने की कोशिश में हैं, जिससे संवैधानिक तनाव पैदा हो रहा है. 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले चुनाव में सर्वे बताते हैं कि न तो नेतन्याहू का गुट और न ही विपक्ष आसानी से 61 सीटें पा रहा है. कोई साफ बहुमत न निकलने की आशंका है.
कितना गंभीर मानें इस आकलन को
CIA का रेड सेल जानबूझकर सबसे खराब परिदृश्य सोचता है. यह कोई भविष्यवाणी नहीं, बल्कि चेतावनी है. इजरायल ने 2023 में न्यायिक सुधारों के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन झेले थे, लेकिन व्यवस्था नहीं टूटी. देश लोकतांत्रिक संस्थानों वाला है और पहले भी कई संकटों से उबरा है.
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फिर भी लंबे युद्ध, आर्थिक दबाव और समाज के अंदर का विभाजन इस बार अलग है. रिपोर्ट लिखने वाले इजरायल विशेषज्ञ हैं, इसलिए इसे पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. एक साधारण घटना- जैसे चुनाव नतीजों पर विवाद या किसी बड़े विरोध प्रदर्शन- चिंगारी का काम कर सकती है.
इजरायल अमेरिका का सबसे करीबी सहयोगी है, खासकर ईरान से जुड़े संघर्ष में. अगर इजरायल अंदरूनी रूप से कमजोर पड़ता है तो अमेरिका को और ज्यादा बोझ उठाना पड़ सकता है. प्यू रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार अब करीब 60 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक इजरायल को नकारात्मक नजरिए से देखते हैं. यह आंकड़ा पिछले सालों में बढ़ा है. एक कमजोर और बंटा हुआ इजरायल वाशिंगटन के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर सकता है.
Israel is at risk of civil war or state collapse, a classified CIA assessment warns, as years of genocide in Gaza and war in Lebanon and Iran deepen political, economic, and social fractures within the country. The August report, titled “Fracture From Within,” was compiled by experts in the CIA’s Red Cell, according to two U.S. sources who described the contents of the report to Drop Site News.
— Drop Site (@DropSiteNews) October 6, 2026
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चुनाव ही असली परीक्षा
27 अक्टूबर का चुनाव इस चेतावनी की असली परीक्षा है. अगर साफ नतीजे आते हैं और सत्ता हस्तांतरण शांतिपूर्ण रहता है तो यह आकलन गलत साबित होगा. अगर नतीजे उलझे रहे और सड़कों पर तनाव बढ़ा तो रिपोर्ट की बातें सही साबित हो सकती हैं. इजरायल का समाज युद्ध से थका हुआ है. सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य, महंगाई और समानता के मुद्दे अब सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी बन गए हैं.
यह रिपोर्ट याद दिलाती है कि बाहरी युद्ध जितने खतरनाक होते हैं, अंदरूनी दरारें भी उतनी ही घातक हो सकती हैं. इजरायल को अपनी एकता बनाए रखने की चुनौती है. अमेरिका समेत दुनिया इस चुनाव और उसके नतीजों पर नजर रखे हुए है.