सीआईए यानी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (Central Intelligence Agency) अमेरिका की प्रमुख विदेशी खुफिया एजेंसी है. इसकी स्थापना वर्ष 1947 में अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत की गई थी. सीआईए का मुख्यालय वर्जीनिया राज्य के लैंगली में स्थित है. यह एजेंसी सीधे तौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को रिपोर्ट करती है.
सीआईए का मुख्य कार्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां इकट्ठा करना, उनका विश्लेषण करना और सरकार को संभावित खतरों के बारे में समय रहते चेतावनी देना है. यह एजेंसी मुख्य रूप से विदेशों में खुफिया जानकारी जुटाने पर काम करती है. घरेलू जासूसी या कानून प्रवर्तन इसकी जिम्मेदारी नहीं है, क्योंकि यह कार्य एफबीआई (FBI) के अंतर्गत आता है.
सीआईए कई तरीकों से सूचनाएं एकत्र करती है, जिनमें मानव खुफिया (HUMINT), तकनीकी निगरानी, सैटेलाइट इमेजरी और साइबर इंटेलिजेंस शामिल हैं. इसके अलावा एजेंसी दुनिया भर में आतंकवाद, साइबर हमलों, परमाणु हथियारों के प्रसार और राजनीतिक अस्थिरता जैसे मुद्दों पर नजर रखती है.
इतिहास में सीआईए की भूमिका कई बार विवादों में भी रही है. शीत युद्ध के दौरान विभिन्न देशों में कथित गुप्त अभियानों, सत्ता परिवर्तन की कोशिशों और हस्तक्षेप के आरोप इस एजेंसी पर लगे हैं. इसके बावजूद अमेरिका का मानना है कि सीआईए ने देश को कई बड़े खतरों से बचाने में अहम भूमिका निभाई है.
आज के समय में सीआईए आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की मदद से तेजी से बदलते वैश्विक खतरों का सामना कर रही है. वैश्विक राजनीति, आतंकवाद और साइबर युद्ध के दौर में सीआईए अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनी हुई है.
आजादी की 250वीं वर्षगांठ मना रहे अमेरिका में CIA के कुख्यात माइंड कंट्रोल प्रोग्राम 'MK ULTRA' की फाइलें खोलने की मांग उठी है. संसद की विस्फोटक सुनवाई में इसके तार कोविड वायरस फंडिंग और डॉ. फाउची विवाद से जोड़े जा रहे हैं, जिसने 'मानवाधिकार रक्षक' अमेरिका का असली और डरावना चेहरा बेनकाब कर दिया है.
पेंटागन के लीक दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि कोल्ड वॉर के दौरान अमेरिकी सेना ने मच्छरों और टिक्स को जैविक हथियार के रूप में विकसित करने के लिए नागरिकों और सैनिकों पर गुप्त परीक्षण किए थे.
पूर्व अमेरिकी इंटेलिजेंस अफसर ने दावा किया है कि अलास्का, ऑस्ट्रेलिया, जिम्बाब्वे और पाइरेनीज के पहाड़ों में एलियंस के 4 सीक्रेट अड्डे हैं. ये ठिकाने UFO की मरम्मत, एलियंस के प्रवेश द्वार जैसे काम करते हैं.
सीआईए का अधिकारी अपने घर पर 370 करोड़ की सोने की ईंटें मिलने के बाद से चर्चा में है. आरोप है कि इस शख्स ने खजाने से इतना सोना गायब किया है.
ये कहानी CIA के एक हाई प्रोफाइल ऑपरेशन की है. कैसे दिल्ली जिमखाना क्लब से CIA एजेंट ने भारतीय सेना के टैंक की खुफिया जानकारियां हासिल की. ये टैंक सोवियत रूस में बना था, लेकिन इससे जुड़ा खेल में नई दिल्ली में खेला जा रहा था.
क्या आप जानते हैं कि ओसामा बिन लादेन को मारने के बाद अमेरिकी नेवी के जवान उस घर से 13 ईंट भी लेकर आए थे. तो जानते हैं आखिर ऐसा क्यों किया गया था.
ईरान जंग में CIA ने पहली बार ‘घोस्ट मरमर’ नाम की सीक्रेट टेक्नीक का इस्तेमाल किया. यह क्वांटम मैग्नेटोमीट्री और AI से 64 किलोमीटर दूर से इंसान की दिल की धड़कन पकड़ लेती है. इससे ईरान में गिरे दूसरे अमेरिकी पायलट को 48 घंटे बाद पहाड़ की दरार से सुरक्षित बचाया गया.
Oracle में global layoffs की खबर है, जिसमें भारत में 12 हजार कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है. AI और data center पर बढ़ते खर्च के कारण कंपनी cost cutting कर रही है. हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक 'व्हाइट मैन' का जिक्र कर बंगाल की खाड़ी में एक 'क्रिश्चयन स्टेट' बनाने की एक कथित साजिश का जिक्र किया था. 2025 में मिजोरम के मुख्यमंत्री ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के अनुभवी सैनिक म्यांमार में प्रवेश करने के लिए इस राज्य का इस्तेमाल कर रहे थे. NIA द्वारा 7 विदेशी नागरिकों की गिरफ़्तारी के बाद विशेषज्ञों ने यह सुझाव दिया है कि ये घटनाएं आपस में जुड़ी हो सकती हैं.
जिनेवा में बातचीत के बावजूद अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमला क्यों किया? कैसे और क्यों नेतन्याहू की साजिश में मोहरा बन गया अमेरिका? और यूएस में होने वाले मिडटर्म चुनाव से जुड़ी इस पूरी साजिश की कहानी.
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास पर संदिग्ध ईरानी ड्रोन से हमला हुआ है. जिसमें CIA स्टेशन को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है. हमले में दो ड्रोन शामिल थे, जिससे सीमित आग और नुकसान होने की बात सामने आई है. पढ़ें पूरी कहानी.
अमेरिकी केंद्रीय खुफिया एजेंसी (CIA) ने सोशल मीडिया पर उन ईरानियों के लिए फारसी भाषा में एक पोस्ट डाला है जो जासूसी सेवा से सुरक्षित रूप से संपर्क करना चाहते हैं.
अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA दुनिया भर में खुफिया ऑपरेशन करती रही है. ऐसे अनेक मौके आए जब उसके जासूस और एजेंट रंगे हाथ ऑपरेशन को अंजाम देते हुए पकड़े गए. ऐसे मौकों पर अमेरिका ने बड़ी बेशर्मी से पूरी कहानी ही बदल दी. एक बार सोवियत रूस ने जब अमेरिका के जासूसी प्लेन को गिरा दिया तो अमेरिका ने तो यह कह दिया था कि NASA के लिए काम रहा विमान था जो मौसम से जुड़ी जानकारी जुटा रहा था. लेकिन सबूतों के आगे US तिलमिला कर रह गया.