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करना चाहता था अपने पिता की हत्या, अदालत ने कलयुगी बेटे को सुनाई 10 साल की सजा

पीएन स्वामी ने बताया कि यह घटना साल 2022 में हुई थी. उस वक्त पीड़ित बलिराम तिवारी टीका देवरी गांव में अपने खेत पर गया था, जहां उसके बेटे सुनील ने उसके साथ गाली-गलौज की और फिर उसे जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर हमला कर दिया.

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दोषी बेटे को अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है
दोषी बेटे को अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है

उत्तर प्रदेश के बलिया में एक स्थानीय अदालत ने एक शख्स को अपने पिता पर जानलेवा हमला करने के आरोप में दोषी करार दिया और इस गुनाह के लिए उसे 10 साल कैद की सजा सुना दी. संबंधित अधिकारियों ने यह जानकारी शुक्रवार को दी.

अभियोजन विभाग के प्रभारी संयुक्त निदेशक पीएन स्वामी के अनुसार, जिला न्यायाधीश अमित पाल सिंह की अदालत ने गुरुवार को सुनील तिवारी को दोषी ठहराया और उसे 10 साल कैद की सजा सुनाई है. स्वामी ने बताया कि दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

पीएन स्वामी ने पीटीआई को बताया कि यह घटना साल 2022 में हुई थी. उस वक्त पीड़ित बलिराम तिवारी टीका देवरी गांव में अपने खेत पर गया था, जहां उसके बेटे सुनील ने उसके साथ गाली-गलौज की और फिर उसे जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार से उसकी गर्दन पर हमला कर दिया.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इस जानलेवा हमले के दौरान बलिराम को गंभीर चोटें आईं. इस घटना के बाद आरोपी सुनील के खिलाफ उसकी भाभी निर्मला तिवारी ने चित्रदुर्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था.

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इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने सुनील के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी. और अब ​​कोर्ट ने दोषी को सजा सुना दी है. 
 

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