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अब 'श्री राम सेतु' से गाजियाबाद में एंट्री, दिल्ली बॉर्डर पर दिखेगा अद्भुत नजारा

दिल्ली और गाजियाबाद को जोड़ने वाली करीब 11 किलोमीटर लंबी हिंडन एलिवेटेड रोड का नाम अब आधिकारिक रूप से श्री राम सेतु होगा. दिल्ली-गाजियाबाद सीमा पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत से भव्य श्री राम सेतु द्वार भी बनाया जा रहा है. नगर निगम के अनुसार, इसका उद्देश्य शहर को नई सांस्कृतिक पहचान देना है.

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दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर बनेगा भव्य श्री राम सेतु. (Photo: ITG).
दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर बनेगा भव्य श्री राम सेतु. (Photo: ITG).

राजधानी दिल्ली से गाजियाबाद आने वाले लाखों लोगों को अब शहर की नई पहचान दिखाई देगी. दिल्ली और गाजियाबाद को जोड़ने वाली करीब 11 किलोमीटर लंबी हिंडन एलिवेटेड रोड का नाम अब आधिकारिक रूप से श्री राम सेतु होगा. इसके साथ ही दिल्ली-गाजियाबाद सीमा पर नगर निगम की तरफ से भव्य श्री राम सेतु द्वार का निर्माण कराया जा रहा है. यह निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और जल्द ही लोगों के लिए तैयार हो जाएगा.

नगर निगम का कहना है कि यह परियोजना केवल सड़क का नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान और भारतीय परंपराओं को सामने लाने का प्रयास भी है. प्रवेश द्वार को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि दिल्ली से गाजियाबाद में प्रवेश करने वाले लोगों को शहर की पहली झलक भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ी दिखाई दे.

करीब एक वर्ष पहले नगर निगम बोर्ड की बैठक में हिंडन एलिवेटेड रोड का नाम बदलकर श्री राम सेतु रखने का प्रस्ताव पारित किया गया था. इसके बाद प्रवेश द्वार के निर्माण और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया गया. नगर निगम की योजना है कि सावन माह के दौरान यह भव्य द्वार पूरी तरह तैयार हो जाए.

सावन में पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा निर्माण कार्य

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करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बन रहे श्री राम सेतु द्वार को पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. द्वार के दोनों ओर मंदिर वास्तुकला से प्रेरित विशाल स्तंभ बनाए गए हैं. पूरे ढांचे में हल्के भगवा रंग का उपयोग किया गया है, जिससे इसे सांस्कृतिक स्वरूप मिलता है.

इस प्रवेश द्वार की सबसे खास पहचान इसके शीर्ष पर लगाया गया विशाल सुनहरा धनुष और बाण है. इसे भगवान श्रीराम के शौर्य, मर्यादा और धर्म की विजय का प्रतीक माना गया है. इसके नीचे बड़े अक्षरों में श्री राम सेतु और उसके नीचे गाजियाबाद नगर निगम अंकित किया गया है, जिससे इसकी आधिकारिक पहचान भी स्पष्ट होती है.

नगर निगम का मानना है कि इस परियोजना से गाजियाबाद की ब्रांडिंग को नई दिशा मिलेगी. दिल्ली से आने वाले लोगों को शहर में प्रवेश करते ही ऐसा अनुभव मिलेगा, जिससे गाजियाबाद केवल औद्योगिक या आवासीय शहर के रूप में नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान वाले शहर के रूप में भी स्थापित होगा. इसी उद्देश्य से प्रवेश द्वार के आसपास के क्षेत्र का भी व्यापक सौंदर्यीकरण किया जा रहा है.

राजनगर एक्सटेंशन से गाजीपुर बॉर्डर तक फैली यह एलिवेटेड रोड एनसीआर के सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में शामिल है. वर्ष 2018 में करीब 1,147 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क ने दिल्ली और गाजियाबाद के बीच यात्रा का समय काफी कम कर दिया था. आज इस मार्ग से रोजाना हजारों निजी, सार्वजनिक और व्यावसायिक वाहन गुजरते हैं.

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नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि श्री राम सेतु द्वार का निर्माण अंतिम चरण में है और इसे जल्द पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली की तरफ से गाजियाबाद में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्ग उत्तर प्रदेश के प्रवेश द्वार की तरह हैं. इसलिए इन्हें आकर्षक, सुव्यवस्थित और सांस्कृतिक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है.

2018 में शुरू हुआ था 11 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड

वहीं, महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि यह पहल गाजियाबाद की नई पहचान बनेगी. इससे शहर आने वाले लोगों को भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ा अलग अनुभव मिलेगा. नगर निगम का मानना है कि श्री राम सेतु नाम और भव्य स्वागत द्वार के साथ गाजियाबाद आने वाले समय में अपनी सांस्कृतिक छवि और स्थापत्य सौंदर्य के कारण भी पहचाना जाएगा.
 

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