ग्रहों की चाल के लिहाज से जुलाई का तीसरा और चौथा सप्ताह बहुत महत्वपूर्ण रहने वाला है. ज्योतिष गणना के अनुसार, इस वक्त सभी बड़े ग्रह राहु-केतु के बीच फंसे हुए नजर आ रहे हैं. सूर्य, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और चंद्रमा ये सभी ग्रह राहु और केतु के बीच फंसे हुए हैं. इनसे न केवल ग्रहों का शुभ प्रभाव कमजोर पड़ रहा है, बल्कि कुछ राशियों को संकट-बाधाओं का सामना भी करना पड़ रहा है. आइए जानते हैं कि यह सभी बड़े ग्रह आखिर कैसे राहु-केतु के बीच फंसे हुए हैं. राहु-केतु का यह मायाजाल कब टूटेगा. इसके टूटते ही किन राशियों को सबसे ज्यादा लाभ होगा.
कैसे राहु-केतु के बीच फंसे ग्रह?
ज्योतिष में 12 राशियों का एक पूर्ण चक्र होता है. इसका अर्धचक्र 180 डिग्री का होता है, जिसमें कुल छह राशियां होती हैं. यदि इस अर्धचक्र में कहीं भी सारे ग्रह एकसाथ आकर बैठ जाएं तो वे स्वत: राहु-केतु के बीच आकर फंस जाते हैं, क्योंकि राहु-केतु हमेशा एक दूसरे के सामने 180 डिग्री कोण पर स्थित रहते हैं. इस समय राहु कुंभ राशि और केतु सिंह राशि में बैठा हुआ है. जबकि सूर्य मिथुन, चंद्रमा कर्क, मंगल वृषभ, बुध मिथुन, गुरु कर्क, शुक्र सिंह और शनि मीन राशि में है. इस तरह ये सभी ग्रह राहु-केतु के बीच आकर फंस गए हैं. 19 जुलाई को जब चंद्रमा सिंह से कन्या राशि में गोचर करेगा, तब राहु-केतु का यह मायाजाल टूट जाएगा.
19 जुलाई के बाद 3 राशियां को लाभ
कर्क राशि
चंद्रमा के राहु-केतु के घेरे से बाहर निकलने के बाद आपका मानसिक दबाव कम हो सकता है. परिवार में पहले से बेहतर तालमेल बनने की संभावना रहेगी. भावनात्मक फैसलों में संतुलन आएगा. कामकाज और जिम्मेदारियों को संभालना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है.
मिथुन राशि
संवाद और वाणी से जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं. कार्यक्षेत्र में निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होगी. भाई-बहनों और करीबी लोगों के साथ संबंधों में सुधार आने की संभावना रहेगी. पेशेवर जीवन में सकारात्मक गति मिल सकती है.
मीन राशि
कार्यों में आ रही रुकावटें धीरे-धीरे कम हो सकती हैं. मानसिक दबाव में कमी आने की संभावना रहेगी. जिम्मेदारियों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में आसानी होगी. धैर्य और अनुशासन का बेहतर परिणाम मिलने लग सकता है.