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दो परिवारों की रंजिश और गैंगस्टरों का कनेक्शन... दिल्ली में जिम ट्रेनर के कत्ल की Inside Story

दिल्ली के फतेहपुर बेरी में जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस को दो परिवारों की पुरानी रंजिश और गैंगस्टरों के शामिल होने का शक है. पढ़ें इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में सोमवार सुबह जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. हमलावरों ने जिम से बाहर बुलाकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. विजय को 12 से 15 गोलियां मारे जाने की बात सामने आई है. पुलिस इस हत्याकांड को दो परिवारों के बीच चली आ रही पुरानी दुश्मनी से जोड़कर जांच कर रही है. इस रंजिश में पहले भी दो लोगों की हत्या हो चुकी है. विजय के परिवार ने भी हत्या को बदले की कार्रवाई बताया है.

सोमवार सुबह करीब 10 बजे दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में हंसा चौक के पास यह वारदात हुई. विजय कुमार अपने जिम में मौजूद थे, तभी एक व्यक्ति ने उन्हें बाहर बुलाया. बताया गया कि कोई उनसे बात करना चाहता है. जैसे ही विजय बाहर आए, हेलमेट पहने हमलावरों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं.

पुलिस के मुताबिक, इस हमले में दो लोगों ने फायरिंग की. वे मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए थे और वारदात के बाद फरार हो गए. पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावर काली अपाचे बाइक पर सवार थे और फरीदाबाद की ओर भागे. एक सूत्र ने बताया कि आरोपी पिछले कुछ दिनों से विजय की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में गोलियों की आवाज सुनकर लोगों को लगा कि कहीं पटाखे फोड़े जा रहे हैं या बाइक का साइलेंसर फट रहा है. पास में गणेश चतुर्थी का पंडाल भी था. बाद में जब मौके पर भीड़ जुटी, तब लोगों को पता चला कि एक व्यक्ति को गोली मारी गई है. विजय जिम के बाहर खून से लथपथ पड़े थे.

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विजय के शरीर के कई हिस्सों में गोलियां लगी थीं. उनके सिर में भी कम से कम दो गोलियां लगने की जानकारी सामने आई है. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास के लोगों से पूछताछ की.

विजय के परिवार का आरोप है कि उनकी हत्या दो परिवारों के बीच चली आ रही दुश्मनी का नतीजा है. ये दोनों परिवार अरुण लोहिया और रतन लोहिया के हैं. दोनों परिवारों का सरनेम एक ही है. परिवार के मुताबिक, पिछले साल कुछ महीनों के भीतर दोनों पक्षों के बीच दो हत्याएं हुई थीं और अब विजय को निशाना बनाया गया है.

विजय के चाचा नरेंद्र कुमार का कहना कि विजय बेकसूर थे. उनके मुताबिक, नवंबर 2025 में उनके चचेरे भाई रतन की भी इसी तरह हत्या की गई थी. नरेंद्र ने कहा कि रतन की हत्या के बाद अब उनके बेकसूर भतीजे को मार दिया गया है. परिवार का दावा है कि विजय का पहले की हत्याओं से कोई लेना-देना नहीं था.

रतन लोहिया दूध डेयरी का कारोबार करते थे. नवंबर 2025 में आया नगर में उनके घर के पास उन्हें गोली मारी गई थी. परिवार के मुताबिक, उस हमले में करीब 69 गोलियां चलाई गई थीं. बताया जाता है कि रतन ने हमले के समय बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी हुई थी. उनकी हत्या के बाद से परिवार के लोग डर के साये में जी रहे थे.

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नरेंद्र कुमार ने कहा कि अगर विजय को पता होता कि चाचा के बाद अगला निशाना वह बन सकते हैं, तो शायद वह ज्यादा सतर्क रहते. परिवार का कहना है कि रतन की हत्या के बाद विजय को करीब 20 दिनों तक जिम नहीं जाने दिया गया था. इसके बावजूद बाद में उन्होंने फिर से अपना काम शुरू कर दिया था.

विजय की पत्नी रितु ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे उनकी पति से फोन पर बात हुई थी. उन्होंने विजय से नाश्ता तैयार करने के लिए कहा था. रितु के मुताबिक, सुबह 10 बजे के बाद विजय ने फोन उठाना बंद कर दिया. कुछ देर बाद उन्हें पति को गोली मारे जाने की खबर मिली. रितु ने आरोप लगाया कि रामवीर बिधूड़ी ने उनके पति की हत्या कराई है. 

रामवीर बिधूड़ी, अरुण के पिता हैं और उसी इलाके में रहते हैं. हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है. रितु ने बताया कि विजय ने 8 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाया था. रितु के मुताबिक, रतन की हत्या के बाद परिवार लगातार डर में जी रहा था. उन्होंने कहा कि विजय का अरुण की हत्या से कोई लेना-देना नहीं था. 

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विजय की बहन सुधा ने भी दावा किया कि उनके भाई को पिछले करीब 15 दिनों से कुछ लोग परेशान कर रहे थे. उनके मुताबिक, विजय ने उनसे इस बारे में बात की थी. परिवार के एक अन्य सदस्य ने बताया कि विजय को कुछ दिनों पहले भी धमकाया गया था. एक स्थानीय निवासी ने दावा किया कि करीब दो सप्ताह पहले पार्क में फुटबॉल खेलते समय उसने कुछ लोगों को किसी व्यक्ति को धमकाते सुना था. 

उसके मुताबिक, राहगीरों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद वे लोग वहां से चले गए थे. विजय की बहन सुधा के मुताबिक, उनके भाई को संपत्ति विवाद से जुड़े एक मामले में अदालत में बयान दर्ज कराने जाना था. परिवार ने यह भी दावा किया कि विजय को पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति से कई बार धमकियां मिली थीं. हालांकि, इन सभी दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

विजय तीन भाइयों में मझले थे और पिछले आठ साल से जिम ट्रेनर के तौर पर काम कर रहे थे. करीब चार साल पहले उन्होंने अपना जिम शुरू किया था. परिवार के मुताबिक, विजय अपने काम में व्यस्त रहते थे और उनका पहले की हत्याओं से कोई संबंध नहीं था. विजय की शादी करीब पांच साल पहले हुई थी. उनके छोटे भाई अजय की शादी भी उसी दिन हुई थी. दोनों भाइयों की पत्नियां आपस में बहनें हैं. परिवार के मुताबिक, विजय अपने घर के अकेले कमाने वाले सदस्य थे.

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परिजनों ने बताया कि विजय की पत्नी पहले से बीमार थीं और पति की मौत की खबर सुनने के बाद उनकी हालत और बिगड़ गई. रितु ने कहा कि विजय घर से बाहर जाते थे तो हर घंटे फोन करके उनका हाल पूछते थे और जरूरत की चीजों के बारे में पूछते थे. विजय के परिवार के घर एक-दूसरे के पास बने हुए हैं. उनके पैतृक घर की जमीन को तीन हिस्सों में बांटा गया था, ताकि तीनों भाई अपने-अपने मकान बना सकें. विजय का नया तीन मंजिला मकान भी उनके भाइयों के घरों के पास है. अब तीनों घरों में मातम पसरा है.

पुलिस के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच दुश्मनी की शुरुआत अरुण लोहिया और रतन लोहिया के बेटे दीपक के बीच हुए विवाद से हुई थी. दोनों पहले दोस्त हुआ करते थे. लेकिन पैसों के लेन-देन और जमीन से जुड़े विवाद के चलते उनकी दोस्ती में खटास आ गई. आरोप है कि इसी दौरान अरुण ने दीपक के साथ मारपीट की थी. परिवार के मुताबिक, अप्रैल 2024 में छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास अरुण की हत्या कर दी गई थी. 

इस मामले में दीपक और विजय का छोटा भाई अजय आरोपी हैं. दोनों तिहाड़ जेल में बंद हैं. बाद में मई 2025 में भी छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास गोलीबारी की एक वारदात हुई, जिसमें अरुण की हत्या का मामला सामने आया. पुलिस के अनुसार, इस गोलीबारी में दीपक और उसके साथियों पर अरुण की हत्या का आरोप लगा था. 

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बताया गया कि अरुण अपने पिता के साथ एसयूवी में घर लौट रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया. अरुण के पिता ने दावा किया था कि हमले के दौरान 20 से 25 गोलियां चलाई गई थीं. इस मामले में पुलिस ने दीपक और अजय समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 30 नवंबर 2025 को दीपक के पिता रतन लोहिया की हत्या कर दी गई. वह आया नगर में अपने घर के पास डेयरी जा रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ. 

परिवार ने दावा किया था कि रतन पर करीब 70 गोलियां चलाई गई थीं. इस घटना के बाद दोनों परिवारों के बीच दुश्मनी और गहरी हो गई. पुलिस को विजय की हत्या में गैंगस्टरों के शामिल होने का भी शक है. रतन लोहिया की हत्या के मामले में गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया का नाम सामने आया था. पुलिस को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर रणदीप भाटी की भूमिका पर भी शक था. आरोप था कि उसने हत्या को अंजाम देने के लिए शूटर उपलब्ध कराए थे.

अब जांचकर्ता इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या विजय की हत्या में उसी गैंग के नए शूटर शामिल थे. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह वारदात पुरानी हत्याओं का बदला लेने के लिए की गई है. हालांकि, अभी तक किसी गैंग की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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सोमवार देर शाम सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आया, जिसमें गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने विजय की हत्या की जिम्मेदारी ली. पुलिस ने कहा कि वह इस पोस्ट की सच्चाई की जांच कर रही है. पोस्ट करने वाले व्यक्ति की पहचान और हत्या में उसकी भूमिका की पुष्टि होना अभी बाकी है.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, फतेहपुर बेरी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 यानी हत्या के तहत FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई हैं. अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है. साउध दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या की वजह आपसी रंजिश लग रही है. पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. 

हमलावरों की पहचान करने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों से जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की हो सकती है. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विजय की दिनचर्या और उनके जिम आने-जाने के समय की जानकारी हमलावरों को कैसे मिली. पुलिस को शक है कि हमले की योजना पहले से बनाई गई थी.

फिलहाल, इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस पुरानी रंजिश, परिवार के लगाए आरोपों और गैंगस्टरों से संभावित संबंधों की जांच कर रही है. विजय की हत्या के पीछे की असली वजह और हमलावरों की पहचान जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी.

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