मुंबई के पवई इलाके में मौजूद हीरानंदानी गार्डन्स के एक फ्लैट में चोरी का मामला पुलिस के लिए पहेली बन गया. हैरानी की बात यह है कि फ्लैट में जबरन घुसने या ताला तोड़ने का कोई निशान पुलिस को नहीं मिला. अब इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब फ्लैट के बाथरूम का ड्रेनेज से ही सोने के सिक्कों का पैकेट बरामद हो गया.
असल में हीरानंदानी गार्डन्स की 17वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट से नकदी, सोने और हीरे के गहने और सोने के 20 सिक्के चोरी हो गए थे. चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 26 लाख रुपये बताई गई थी.
पुलिस के मुताबिक, कांसारा दंपति को 15 सितंबर को पता चला कि उनके घर से कीमती सामान गायब है. शुरुआत में परिवार को लगा कि शायद किसी सदस्य ने सामान कहीं रख दिया हो या अपने पास ले लिया हो और बाद में लौटा देगा. इसी उम्मीद में उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क नहीं किया. जब काफी इंतजार के बाद भी नकदी और गहने वापस नहीं मिले, तो उन्होंने शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया.
इसके बाद पवई पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. चोरी हुए सामान में सात लाख रुपये नकद शामिल हैं. इसके अलावा सोने के 20 सिक्के भी गायब हुए थे, जिनमें से प्रत्येक का वजन 10 ग्राम था. इन सिक्कों के साथ शादी में पहने जाने वाले सोने के कंगन, सोने और हीरे के झुमके, ब्रेसलेट, चेन और मंगलसूत्र के दो जोड़े भी चोरी हुए. कुल मिलाकर चोरी गए सामान की कीमत करीब 26 लाख रुपये थी.
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फ्लैट से इतना सामान किस तरह निकाला गया और इसमें किसकी भूमिका हो सकती है. इस मामले में 16 सितंबर को एक अहम सुराग मिला. घर में काम करने वाली मेड रेशमा बाथरूम का जाम हुआ ड्रेनेज साफ कर रही थी. उसी दौरान उसे सोने के सिक्के रखने वाले तीन खाली पैकेट मिले, जिनमें से कुछ पैकेट ड्रेनेज में फंसे हुए थे.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सोने के सिक्कों का एक पैकेट बाथरूम की नाली में अटका हुआ मिला था. इस बरामदगी के बाद पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण हो गया कि पैकेट वहां कैसे पहुंचे और क्या चोरी के दौरान उन्हें छिपाने की कोशिश की गई थी.
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने साल 2008 से 2014 के बीच सोने के सिक्के खरीदे थे. इनकी खरीदारी उन्होंने अपनी कंपनी से मिलने वाले बोनस और अपनी बचत के पैसों से की थी. यानी ये सिक्के कई वर्षों में धीरे-धीरे जमा किए गए थे. परिवार के लिए इनकी कीमत केवल आर्थिक नहीं, बल्कि लंबे समय की बचत से भी जुड़ी थी. इसके अलावा, घर से चोरी हुई सात लाख रुपये की नकदी भी परिवार को हाल ही में मिली थी.
शिकायत के मुताबिक, 13 सितंबर को कच्छ में परिवार की जमीन बेची गई थी. जमीन की बिक्री के बाद कांसारा को उनकी दादी से नकदी मिली थी. इसी रकम को घर में रखा गया था, लेकिन कुछ ही समय बाद यह नकदी गायब हो गई. कांसारा ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 28 अगस्त को नकदी और गहनों की जांच कर उन्हें सुरक्षित रखा था. इसके बाद अलमारी की चाबी अपने लैपटॉप बैग में रख दी थी.
अब पुलिस यह भी जांच रही है कि घर में रखे सामान और चाबियों की जानकारी किस-किस व्यक्ति को थी. कांसारा दंपति ने अपनी पूर्व घरेलू मेड अनितादेवी हेमराज प्रसाद पर शक जताया है. परिवार के मुताबिक, उसे घर के अंदर इंस्टाग्राम वीडियो बनाने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया था.
उनका आरोप है कि नौकरी छोड़ने के बाद भी उसके पास फ्लैट की एक चाबी थी. परिवार ने उससे कई बार चाबी लौटाने के लिए कहा था, लेकिन उनके मुताबिक चाबी वापस नहीं की गई. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की है और पूर्व घरेलू मेड की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
पुलिस को परिवार ने यह भी बताया कि मौजूदा घरेलू मेड बबीता यादव पिछले छह महीने से उनके यहां काम कर रही हैं. वह 29 अगस्त को कांसारा परिवार के साथ भंडारदरा गई थीं और सभी 30 अगस्त को वापस लौट आए थे. परिवार ने पुलिस को बताया कि 28 अगस्त को उन्होंने नकदी और गहनों को जांचकर सुरक्षित रखा था.
पुलिस अब इन तारीखों और घर में आने-जाने वाले लोगों की जानकारी को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि चोरी किस समय हुई और उस दौरान फ्लैट तक किसकी पहुंच थी. पुलिस के मुताबिक, हीरानंदानी गार्डन्स की इमारत में सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, लेकिन घटना से जुड़े CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे थे.
जांचकर्ताओं को आशंका है कि चोरी करने वाले व्यक्ति को कैमरों के बंद होने की जानकारी हो सकती थी. हालांकि, यह अभी जांच का विषय है कि कैमरे तकनीकी खराबी के कारण बंद थे या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी. पुलिस ने बिल्डिंग के सुरक्षा गार्डों को पूछताछ के लिए बुलाया है और आगंतुकों के रजिस्टर की भी जांच की जा रही है.
पुलिस इस मामले में अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है. पुलिस की टीमें संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने और चोरी हुए सामान का पता लगाने की कोशिश में जुटी हैं. फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. जिस पूर्व घरेलू मेड पर परिवार ने शक जताया है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई नतीजा नहीं निकला.