पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब पुलिस जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि केतन की हत्या की साजिश एक दिन में नहीं बनी थी, बल्कि इसकी कई दिनों तक योजना तैयार की गई थी. जांच में यह भी सामने आया है कि 18 जून को कथित हत्या से पहले 14 जून को भी केतन की जान लेने की कोशिश की गई थी, जबकि उससे कुछ दिन पहले मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने पूरी वारदात का कथित तौर पर 'रिहर्सल' भी किया था.
धक्का देकर नीचे गिराने की प्रैक्टिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 14 जून से करीब चार-पांच दिन पहले सिया और चेतन एक अन्य स्थान पर मिले थे. यहां दोनों ने कथित तौर पर यह योजना बनाई कि लोहगढ़ किले पर केतन को किस तरह धक्का देकर नीचे गिराया जाएगा. जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों ने पहले ही लोहगढ़ किले के कई स्थानों की जानकारी जुटा ली थी और यह तय किया था कि घटना को किस जगह और किस समय अंजाम देना सबसे आसान रहेगा.
गूगल और यूट्यूब से तरीका सीखा
सूत्रों के अनुसार, दोनों ने कथित तौर पर इंटरनेट का भी सहारा लिया. जांच में सामने आया है कि उन्होंने गूगल और यूट्यूब पर किसी व्यक्ति की हत्या करने के अलग-अलग तरीके खोजे. विभिन्न विकल्पों पर विचार करने के बाद दोनों ने कथित रूप से यह निष्कर्ष निकाला कि लोहगढ़ किले से धक्का देना उनके लिए सबसे आसान तरीका होगा. पुलिस इन डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है.
साथ में देखे क्रिकेट मैच
जांच में यह भी सामने आया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी की पहली मुलाकात पिछले वर्ष दिवाली के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में हुई थी. वहीं से दोनों की दोस्ती शुरू हुई और बाद में दोनों कथित तौर पर रिश्ते में आ गए. पुलिस सूत्रों का कहना है कि मार्केट यार्ड में खेले जाने वाले क्रिकेट मैचों के दौरान भी दोनों को साथ देखा गया था. जांच एजेंसियों को संदेह है कि सिया का भाई साहिल गोयल भी दोनों के संबंधों से परिचित था. हालांकि इस पहलू की भी जांच जारी है.
फरवरी में सगाई, नवंबर में होनी थी शादी
इसी बीच पारिवारिक परिचय के जरिए केतन अग्रवाल और सिया गोयल का रिश्ता तय हुआ. फरवरी में दोनों की सगाई हुई और नवंबर में शादी प्रस्तावित थी. पुलिस के अनुसार, सगाई के बाद कुछ समय के लिए सिया ने चेतन से दूरी बना ली थी, लेकिन बाद में दोनों के बीच फिर से बातचीत शुरू हो गई.
सिया शादी नहीं करना चाहती थी
जांच एजेंसियों का दावा है कि सिया शादी को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थी, लेकिन सगाई हो जाने के बाद उसके पास रिश्ता तोड़ने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था. पुलिस को संदेह है कि इसी दौरान उसने अपनी परेशानी चेतन से साझा की, जिसके बाद दोनों ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
ऐसे की पूरी प्लानिंग
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या से पहले दोनों ने कथित तौर पर पूरी योजना तैयार की थी. इसमें यह तय किया गया कि लोहगढ़ किले पर कौन किस जगह खड़ा रहेगा, चेतन किस दिशा से आएगा और किस समय केतन को धक्का दिया जाएगा. चूंकि सिया पहले भी केतन के साथ लोहगढ़ किला जा चुकी थी, इसलिए उसे वहां के रास्तों और स्थानों की अच्छी जानकारी थी. जांच एजेंसियां अब इस कथित रिहर्सल और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं.
जांच में यह भी सामने आया है कि मार्च और अप्रैल के दौरान सिया शादी की तैयारियों में सक्रिय रूप से शामिल रही. इस दौरान दोनों के फोटोशूट हुए, गिफ्ट, लिया दिया और परिवारों के बीच कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए. हालांकि पुलिस का दावा है कि शादी को लेकर सिया की असहमति खत्म नहीं हुई थी. जांच एजेंसियों के अनुसार, चेतन के दोबारा संपर्क में आने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया और इसके बाद कथित साजिश को अंतिम रूप दिया गया.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित साजिश किस तरह बनाई गई और उसमें किन-किन लोगों की क्या भूमिका थी. मामले में आगे की जांच जारी है.
निकाला गया कैंडल मार्च
शनिवार को गहुंजे स्थित बेलमोंडो सोसाइटी में केतन अग्रवाल को न्याय दिलाने के लिए एक कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, मित्र और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए. इस दौरान परिवार ने भावुक होकर अपनी पीड़ा साझा की और सरकार से जल्द न्याय दिलाने की मांग की.
परिवार क्या बोला?
केतन के एक परिजन ने कहा कि जब सिया गोयल का पूरा परिवार शादी का रिश्ता लेकर उनके घर आया था, तब उन्होंने केतन के बारे में कोई भी बात नहीं छिपाई थी. परिवार ने साफ कहा कि अगर सिया को किसी भी बात पर आपत्ति थी या वह शादी नहीं करना चाहती थी, तो उसे उसी समय मना कर देना चाहिए था. उन्होंने सवाल उठाया कि सिया लंबे समय तक केतन के साथ घूमती रही, बाहर डिनर पर जाती रही, समय बिताती रही, लेकिन उसने कभी भी इस रिश्ते पर कोई आपत्ति नहीं जताई. परिजन ने कहा, 'अगर उसे हमारा बेटा पसंद नहीं था तो पहले ही दिन 'ना' कह देती. आज हमारा बच्चा हमारे बीच होता. हमें सरकार से सिर्फ अपने बेटे और पूरे परिवार के लिए न्याय चाहिए.'
सिया गोयल के परिवार ने शादी का दबाव बनाया
कैंडल मार्च के दौरान केतन के दादा देविचंद अग्रवाल भी मौजूद रहे. भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि जिस परिवार पर वर्षों से भरोसा था, उसी ने उनका विश्वास तोड़ दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सिया गोयल के परिवार ने उस पर केतन से शादी करने का दबाव बनाया होगा. उनका कहना था कि पुलिस को केवल सिया गोयल और चेतन चौधरी की ही नहीं, बल्कि इस शादी से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की भी जांच करनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि दोनों मुख्य आरोपियों को मृत्युदंड दिया जाए.
10 घंटे तक पूछताछ
कैंडल मार्च में मौजूद लोगों ने 'केतन को न्याय दो' के नारे लगाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. इस दौरान पुणे ग्रामीण पुलिस ने भी सिया गोयल के माता-पिता और उसके भाई से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी.
केतन की मां ने भी न्याय की मांग दोहराते हुए कहा कि उनके बेटे को न्याय तभी मिलेगा, जब सिया गोयल और चेतन चौधरी के साथ-साथ यदि जांच में किसी और की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्होंने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की और कहा कि उनका परिवार तब तक चैन से नहीं बैठेगा, जब तक दोषियों को कानून के मुताबिक सजा नहीं मिल जाती.
'बेटे को न्याय चाहिए'
वहीं, केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनका परिवार किसी मुआवजे या किसी अन्य सहायता की मांग नहीं कर रहा है. उन्हें केवल अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, उनका परिवार कानूनी लड़ाई जारी रखेगा. विशाल अग्रवाल ने यह भी बताया कि घटना वाले दिन लोहगढ़ किले पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन अभी तक उनमें से कई लोग पुलिस के सामने गवाही देने नहीं आए हैं. उन्होंने अपील की कि जो भी व्यक्ति उस दिन घटनास्थल पर मौजूद था और जिसने कुछ देखा है, वह आगे आए और पुलिस की जांच में सहयोग करे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि गवाही देने वालों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात
केतन के पिता ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी आभार जताया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने परिवार को निष्पक्ष और त्वरित जांच का भरोसा दिया है. साथ ही परिवार की मांग स्वीकार करते हुए मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को सरकारी पक्ष का विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है.
गौरतलब है कि पुलिस के अनुसार 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके 22 वर्षीय कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर आरोप है कि दोनों ने मिलकर 18 जून को पुणे जिले के मावल तालुका स्थित लोहगढ़ किले पर 25 वर्षीय केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर हत्या कर दी. पुलिस का दावा है कि केतन और सिया की नवंबर में शादी होने वाली थी, लेकिन सिया यह शादी नहीं करना चाहती थी. इसी कारण उसने कथित तौर पर चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल जारी है.