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बलिया में पुलिस मुठभेड़ के बाद गवाह हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

बलिया में पुराने मुकदमे के गवाह की हत्या के आरोपी सौरभ उपाध्याय को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के पैर में गोली लगी है और उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं. पढ़ें, गवाह हत्याकांड की साजिश की पूरी कहानी.

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ASP संजय वर्मा ने इस एनकाउंटर की जानकारी दी (फोटो-ITG)
ASP संजय वर्मा ने इस एनकाउंटर की जानकारी दी (फोटो-ITG)

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पुराने मुकदमे के एक गवाह की हत्या के आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई. घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पूछताछ में उसने गवाह की हत्या की साजिश से जुड़े कई अहम खुलासे भी किए हैं.

पुलिस के मुताबिक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने बताया कि रविवार रात करीब 11 बजे सूचना मिली थी कि एक वांछित आरोपी गढ़वार क्षेत्र में रतसर से नूरपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित पुलिया के पास मौजूद है. सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जाल बिछाया. इसी दौरान वहां पहुंचे आरोपी ने पुलिस टीम को देखते ही भागने की कोशिश की और जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी. 

इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान गढ़वार थाना क्षेत्र के आसनवार गांव निवासी 27 वर्षीय सौरभ उपाध्याय के रूप में हुई है. मुठभेड़ में घायल होने के बाद उसे तत्काल रतसर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. 

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पीटीआई के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक देशी तमंचा और कई कारतूस भी बरामद किए हैं. बरामद हथियार को कब्जे में लेकर पुलिस ने उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी. पूछताछ के दौरान सौरभ उपाध्याय ने पुलिस को बताया कि उसने अपने पिता देवेंद्र उपाध्याय और उनके साथियों के कहने पर पुराने मामले के गवाह विनोद उपाध्याय की हत्या की साजिश रची थी. 

पुलिस के अनुसार, इस साजिश के तहत 4 जुलाई को विनोद उपाध्याय की हत्या कर दी गई थी. जांच एजेंसियां अब इस मामले में आरोपी के पिता और अन्य कथित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं, ताकि पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया जा सके.

पुलिस ने बताया कि सौरभ उपाध्याय के खिलाफ पहले से ही बलिया के रसड़ा थाने में हत्या का मामला दर्ज है. वह पहले भी एक मामले में जेल जा चुका था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था. पुलिस के अनुसार, जेल से रिहा होने के बाद उसने पुराने मुकदमे के गवाह विनोद उपाध्याय की हत्या कर दी, ताकि उसके खिलाफ चल रहे मामले को प्रभावित किया जा सके. फिलहाल, आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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