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झारखंड के जामताड़ा में दिल्ली पुलिस के साइबर सेल की छापेमारी, ऑनलाइन ठगी के 'रॉकस्टार' समेत 14 गिरफ्तार

झारखंड का जामताड़ा एक ऐसा इलाका है, जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी साइबर ठगी के लिए जाना जाता है. पिछले कई दिनों से दिल्ली पुलिस का साइबर सेल ऑपरेशन प्रहार के तहत ऑनलाइन ठगी के इस नेटवर्क का पीछा कर रहा था.

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साइबर सेल की टीम ने एक सप्ताह तक जामताड़ा में रहकर आरोपियों को पकड़ा
साइबर सेल की टीम ने एक सप्ताह तक जामताड़ा में रहकर आरोपियों को पकड़ा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एक सप्ताह तक जामताड़ा में रही साइबर सेल की टीम
  • एक-एक कर 14 आरोपियों को किया गिरफ्तार
  • ऑनलाइन ठगी का मास्टरमाइंड अल्ताफ भी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने झारखंड के जामताड़ा में छापेमारी की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. इस रेड के दौरान साइबर सेल ने 14 लोगों को गिरफ्तार कर साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गैंग का भंडाफोड़ किया है. इस गैंग का मास्टमाइंड भी पकड़ा गया. जिसकी जामताड़ा इलाके में करोड़ों रुपये की संपत्ति और गाड़ियां मौजूद हैं. 

झारखंड का जामताड़ा एक ऐसा इलाका है, जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी साइबर ठगी के लिए जाना जाता है. पिछले कई दिनों से दिल्ली पुलिस का साइबर सेल ऑपरेशन प्रहार के तहत ऑनलाइन ठगी के इस नेटवर्क का पीछा कर रहा था. इसी ऑपरेशन के चलते साइबर सेल की टीम ने झारखंड के जामताड़ा में करीब एक हफ्ते तक डेरा डाले रही. और इसी दौरान इस टीम ने एक बाद एक 14 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया.

इस गैंग का मास्टरमाइंड अल्ताफ है, जो "रॉकस्टार" के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि उसे साइबर ठगी में महारत हासिल है. अल्ताफ के गैंग में दर्जनों लोग हैं और हर किसी का अलग अलग काम है. इस गैंग में सभी को अपने काम में महारत हासिल है. 

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दिल्ली पुलिस साइबर सेल के डीसीपी अनियेश रॉय के मुताबिक इस गैंग के लोग यूपीआई पेमेंट करने के नाम पर, केवाईसी अपग्रेड करने के नाम पर या फिर अलग-अलग बैंक केफर्ज़ी एप और साइट्स बनाकर ठगी करते हैं. ये लोग एप के या बैंक के फ़र्ज़ी लिंक ग्राहकों को भेजते हैं और फिर ऑनलाइन ठगी करते हैं. अभी तक ये करोड़ो की ठगी कर चुके हैं. इस गैंग के पकड़े जाने से 9 राज्यों में साइबर ठगी के 36 केस सुलझे हैं. जिसमें कुल मिलाकर 1.2 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी.

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डीसीपी अनियेश रॉय ने बताया कि इस गैंग का एक मेम्बर हर रोज कम से कम 40 लोगों को कॉल करता था. जिसमें 4-5 लोग फंस जाते थे. इसके अलावा इन 14 लोगों में एक आरोपी मास्टर जी उर्फ गुलाम अंसारी है, जो फ़र्ज़ी वेबसाइट बनाने में माहिर है. वो फेक वेबसाइट को गूगल एड के जरिये पुश करता था. अल्ताफ इस काम के लिए हर रोज मास्टर जी को 40-50 हज़ार रुपये देता था. इस गैंग के लोग पुलिस से बचने के लिए छोटे-छोटे मॉड्यूल में काम कर रहे थे.

ये लोग ग़ाज़ियाबाद के लोनी, कलकत्ता और लखनऊ से भी काम कर रहे थे. पुलिस ने इनके 400 फोन नंबर भी ब्लॉक करवा दिए हैं. गिरफ्तारी के वक्त अल्ताफ कार में बैठकर बंगाल भागने की कोशिश कर रहा था. पुलिस ने 100 किलोमीटर तक उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया. ठगी के पैसे से अल्ताफ ने जामताड़ा में 2 करोड़ रुपये की कीमत का घर और लाखों रुपये की गाड़ियां खरीदी हैं, जो पुलिस ने जब्त कर ली हैं.

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