SSB ने जवानों और कर्मियों को साइबर ठगी से बचने के लिए अलर्ट जारी किया है. एडवाइजरी में हनी ट्रैप, फर्जी ऑनलाइन दोस्ती, संदिग्ध वीडियो कॉल, अनजान लिंक और APK फाइलों से सावधान रहने की सलाह दी गई है. जानें क्या है पूरा मामला.
साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब शातिर ठग बुजुर्गों को अपना निशाना बना रहे हैं. हाल ही में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक 80 साल की सेवानिवृत्त महिला डॉक्टर से लाखों रुपये की ठगी कर ली गई. पीड़ित महिला डॉक्टर से जालसाजों ने करीब 8.50 लाख रुपये ऐंठ लिए. इस गंभीर घटना की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस तुरंत हरकत में आई और तत्परता से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
दक्षिण-पूर्वी जिला साइबर पुलिस ने जामताड़ा-मूवाट साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में 100 से ज्यादा संदिग्ध फ्यूल कार्ड और करीब 10 करोड़ रुपये के संभावित ट्रेल का पता चला है. जानें क्या है पूरा मामला.
जयपुर में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. विद्याधर नगर में एक फ्लैट के भीतर फर्जी Apple Customer Support और Technical Support बनकर USA के नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था. पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मौके से मोबाइल, लैपटॉप समेत बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं.
बेंगलुरु में 47 साल के टेक प्रोफेशनल से फेसबुक पर दिखे ऑनलाइन ट्रेडिंग विज्ञापन के जरिए 1.9 करोड़ रुपये की कथित ठगी हुई. पीड़ित को फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश के लिए राजी किया गया. पढ़ें पूरी कहानी.
डेटिंग ऐप पर शुरू हुई दोस्ती ने युवकों को एक ऐसे जाल में पहुंचा दिया, जहां मुलाकात के साथ भारी-भरकम बिल और ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हो जाता था. गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच ने इस कथित गिरोह का खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. फर्जी प्रोफाइल, क्लब की मुलाकात और धमकी के जरिए लाखों रुपये की ठगी का आरोप है.
रायबरेली की हरचंदपुर, चंदापुर और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी विदेशी प्रोफाइल बनाकर लड़कियों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अरविंद, प्रसून, शिवा और मिथिलेश को दतौली लिंक रोड से गिरफ्तार कर लिया.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का AI से तैयार डीपफेक वीडियो बनाकर लोगों से आर्थिक मदद के नाम पर ठगी करने के मामले में राजस्थान के अलवर से आरोपी गिरफ्तार हुआ है. तमिलनाडु क्राइम ब्रांच-CID की जांच में डिजिटल सुरागों के जरिए पुलिस लक्ष्मणगढ़ पहुंची. आरोपी के मोबाइल से कथित तौर पर डीपफेक वीडियो और ठगी से जुड़े सबूत मिले हैं.
भावनगर में फेसबुक पर दोस्ती कर व्यापारी को सारंगपुर दर्शन के बहाने बुलाया गया. खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर एनकाउंटर की धमकी दी और 3.05 लाख रुपये ऐंठे. महिला समेत तीन गिरफ्तार, दो फरार आरोपियों की तलाश जारी. पढ़ें ये सनसनीखेज कहानी.