दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपत्ति से करीब 15 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं. वारदात के चार दिन बीत जाने के बाद भी न तो कोई गिरफ्तारी हुई है और न ही रकम की रिकवरी. ठगों ने बुजुर्गों को दो हफ्ते तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर उनकी जीवन भर की जमापूंजी लूट ली.
Cyber Crime: दिल्ली में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर एक बुजुर्ग डॉक्टर दंपती को दो हफ्ते तक कैद में रखा. खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताने वाले ठगों ने गिरफ्तारी की धमकी देकर उनसे करीब 14 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए.
डिजिटल अरेस्ट के जरिए साइबर ठगी का एक खतरनाक खेल सामने आया है. दिल्ली पुलिस ने 80 साल के बुजुर्ग से करीब 96 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में दो प्राइवेट बैंक कर्मचारियों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
फरीदाबाद पुलिस ने क्रेडिट कार्ड ठगी के मामले में दिल्ली के द्वारका से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है. इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही हजारों रुपये की साइबर ठगी का खुलासा भी हुआ है. पढ़ें पूरी कहानी.
इन दिनों लोगों को ट्रैफिक चलान का मैसेज मिल रहा है. पेमेंट करने के बाद पता चल रहा है कि उनके साथ स्कैम हो गया. वेबसाइट देखने में भारत सरकार की वेबसाइट की तरह ही लग रही है. लेकिन इस स्कैम ने लोगों को परेशान कर रखा है. आइए जानते हैं इसे कैसे पहचानें और कैसे बचें.
cyber crime: बैतूल में रिटायर्ड बैंक अधिकारी बसंत कुमार को ठगों ने 3 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 23.50 लाख रुपये ठग लिए. बैंक मैनेजर की सूझबूझ से करोड़ों का सोना बिकने से बचा. जानें कैसे बचें डिजिटल अरेस्ट के जाल से...
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर होने वाली ठगी का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिला टीम ने एक ऐसे ही शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए लोगों को रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर उनके बैंक खाते खाली कर देता था.
भारत सरकार OCND के जरिए का गैंगस्टर और आतंकियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करने जा रही है. NIA की पहल से तैयार इस सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में बिश्नोई गैंग, खालिस्तानी नेटवर्क और विदेश में बैठे अपराधियों की पूरी डिजिटल प्रोफाइल दर्ज होगी. जानें पूरी कहानी.
देश में साइबर अपराधियों का सिंडिकेट अब जांच एजेंसियों से सौ कदम आगे निकल चुका है. ये ठग सिर्फ आपके खाते से पैसे नहीं निकाल रहे, बल्कि 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए आपकी मानसिक शांति और जान भी ले रहे हैं. पंजाब के पूर्व आईजी से 8 करोड़ की लूट हो या कानपुर में 70 दिनों का टॉर्चर, ये रिपोर्ट आपको झकझोर देगी.
पंजाब के पूर्व आईजी अमर सिंह चहल साइबर ठगी का शिकार हुए और 8 करोड़ 10 लाख रुपए गंवा बैठे. ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी और वेल्थ एडवाइजर बताया और निवेश का झांसा दिया. शुरुआत में थोड़े मुनाफे दिखाए गए, लेकिन बाद में बड़ी रकम ट्रांसफर करवाई गई. अमर सिंह ने तीन बैंक खातों से कुल 7 करोड़ रुपए उधार लेकर भेजे. ठगी के बाद, उन्होंने डीजीपी को 12 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा और खुद को गोली मारकर आत्महत्या की कोशिश की.
दिल्ली में इंश्योरेंस पॉलिसी सेटलमेंट के नाम पर ठगी का बड़ा खेल उजागर हुआ है. नकली कॉल सेंटर चलाकर लोगों से करीब 1 करोड़ रुपए ऐंठने वाले गिरोह का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. RBI, IRDAI और दिल्ली हाई कोर्ट के फर्जी दस्तावेजों के जरिए भरोसा जीतकर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था.
ठाणे में साइबर ठगों ने फॉरेक्स और कमोडिटी ट्रेडिंग में हाई रिटर्न का झांसा देकर 38 वर्षीय युवक से 17.61 लाख रुपये की ठगी कर डाली. पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
Ex IPS Amar Singh Chahal: पटियाला में पूर्व पुलिस अधिकारी अमर सिंह चहल ने खुद को गोली मार ली. एक नोट में उन्होंने साइबर ठगों पर 8.10 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप लगाया है. गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती अमर चहल ने फाइनेंशियल फ्रॉड, मानसिक दबाव और शर्मिंदगी का दर्द बयां किया है.
दिल्ली में बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है. साल 2025 में चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी 1197 इनपुट के आधार पर 60 FIR दर्ज की गईं. आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल अपराध के खिलाफ निगरानी बढ़ी है, लेकिन खतरा अब भी गंभीर बना हुआ है.
नकली ट्रैवल बुकिंग वेबसाइट और फर्जी कस्टमर केयर का जाल बिछाकर US में रहने वाले एक व्यक्ति से ठगी करने वाले साइबर क्रिमिनल को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी ने खुद को Booking.com का एग्जीक्यूटिव बताकर OTP और UPI डिटेल्स हासिल कर ली. इसके बाद 57 हजार रुपए ठग लिए.
देश में हजारों लोगों को ऑनलाइन निवेश, लोन और नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले एक बड़े ट्रांसनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है. CBI की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम इधर-उधर की गई, जिसकी कमान विदेश से संभाली जा रही थी.