राजस्थान के भिवाड़ी में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी करने वाले हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश किया है. पॉश सोसायटी से फर्जी कॉल सेंटर चलाकर आरोपी अमेरिका, कनाडा समेत 10 देशों के नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट और नकली गिरफ्तारी वारंट का डर दिखाकर ठगते थे. पुलिस ने तीन सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को गिरफ्तार कर लाखों डॉलर की ठगी का खुलासा किया है.
गाजियाबाद पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. राजेंद्र नगर स्थित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. आरोप है कि गिरोह जॉब पोर्टलों से बेरोजगारों का डेटा खरीदकर उनसे रजिस्ट्रेशन और इंटरव्यू फीस के नाम पर ठगी करता था.
साइबर ठगों ने खुद को निवेश सलाहकार बताया. पर्जी निवेश पोर्टल तैयार कर छह महीने में 21 करोड़ से अधिक की धनराशि निवेश करा दी. ठगी का खेल तब खुला, जब बुजुर्ग सीए ने निवेश की गई रकम निकालने की कोशिश की.
मध्य प्रदेश के ग्वालियर से साइबर अपराध इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. जहां ठगों ने एक रिटायर्ड चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को अपनी जालसाजी का शिकार बनाकर 6 महीने के भीतर 21 करोड़ रुपये से अधिक की मोटी रकम ऐंठ ली.
आरोपी खुद को प्रतिष्ठित एविएशन कंपनी का प्रतिनिधि बताकर फोन करते थे और नियुक्ति के अलग-अलग चरणों का उल्लेख कर मोटी रकम ऐंठते थे.
गुजरात पुलिस के 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' में दुबई से संचालित 250 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पांच शहरों में कार्रवाई करते हुए 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक निजी यूनिवर्सिटी का MBA छात्र भी शामिल है, जिसने पढ़ाई के दौरान कई बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों की साइबर ठगी में मदद की.
छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है, जहां आधार और बायोमेट्रिक का गलत इस्तेमाल कर लोगों के नाम पर चोरी-छिपे फर्जी SIM कार्ड एक्टिव किए जा रहे थे. जानिए कैसे चलता था यह पूरा रैकेट? पुलिस ने कैसे किया इस जालसाजी का पर्दाफाश.
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में साइबर पुलिस ने बच्चों से जुड़े अश्लील डिजिटल कंटेंट मामले में अमेरिकी एजेंसी 'NCMEC' की खुफिया टिप के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने एक 4 साल की मासूम बच्ची का छेड़खानी वाला एडिटेड वीडियो अपने गूगल ड्राइव में सेव कर रखा था.
दिल्ली पुलिस की साइबर साउथ यूनिट ने 7.22 लाख रुपये के डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का खुलासा करते हुए पश्चिम बंगाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से मोबाइल, लैपटॉप, डेबिट कार्ड और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं. जानें क्या है पूरा मामला?
सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.31 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए गाजियाबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 26 ATM कार्ड, 24 बैंक पासबुक, 19 चेकबुक, लैपटॉप, सात सिम कार्ड, पासपोर्ट और फर्जी दस्तावेजों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है.
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस अधिकारी बताकर 69 वर्षीय रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन को 37 दिन तक डराकर रखा. इस दौरान उनकी एफडी तुड़वाकर अलग-अलग खातों में 1.58 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
गुरुग्राम साइबर क्राइम यूनिट ने दिल्ली से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गैंग का पर्दाफाश किया है. निवेश के नाम पर 2.53 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले इस नेटवर्क से 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. पुलिस ने 36 मोबाइल, 53 एटीएम कार्ड समेत कई उपकरण बरामद किए हैं. टेलीग्राम के जरिए चल रहे इस हाईटेक फ्रॉड में 15 राज्यों के पीड़ित जुड़े हैं.
दिल्ली पुलिस ने संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में CEO/WhatsApp के नाम का गलत इस्तेमाल किए जाने और धोखाधड़ी से सीधा संबंध सामने आया है. जानें क्या है पूरा मामला.