देश के बड़े-बड़े बैंक कस्टमर्स को एक मैसेज भेज रहे हैं, और यह बता रहे हैं कि अगर आप कोई ट्रांजेक्शन पूरा करना चाहते हैं तो फटाफट कर लीजिए, क्योंकि आने वाले कुछ दिनों में बैंक ब्रांच बंद रह सकते हैं. बैंकों ने जानकारी दी है कि लगातार तीन दिनों तक बैंक बंद रह सकते हैं.
SBI, PNB और केनरा बैंक ने कस्टमर्स को यह मैसेज भेजना शुरू किया है और कहा है कि 28 से 30 सितंबर 2026 तक पूरे देश में हड़ताल रहने वाली है. मैसेज में लिखा, 'प्रिय ग्राहक, बैंक यूनियनों की 3 दिवसीय हड़ताल (28-30 सितंबर 2026) के दौरान डिजिटल सेवाएं (ATM/मोबाइल/इंटरनेट बैंकिंग/यूपीआई) वह बीसी सेवाएं चालू रहेंगी. असुविधा से बचने के लिए अन्य बैंकिग काम 25 सितंबर तक पूरा कर लें.

क्यों हड़ताल कर रहे बैंक यूनियन?
बैंकों में पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने हड़ताल करने का ऐलान किया है. सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल रद्द करने और बातचीत जारी रखने का निवेदन किया है, लेकिन यूनियनों ने 22 सितंबर को हुई सुलह बैठके बाद कहा कि हड़ताल जारी रहेगी.
बैंकों ने ग्राहकों को नियमित लेनदेन के लिए एटीएम, डिजिटल बैंकिंग और अन्य वैकल्पिक माध्यमों का उपयोग करने की सलाह दी है, लेकिन समस्या है कि सभी काम इन्हीं माध्यमों से नहीं हो सकते हैं. कुछ कामों के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता होती है और बैंक जाना पड़ सकता है.

रविवार को खुले रहेंगे बैंक
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि हड़ताल वीकेंड के तत्काल बाद शुरू हो रहा है. ऐसे में रविवार को बैंक खोले जाने चाहिए और कस्टमर्स का काम पूरा किया जाना चाहिए. हालांकि, शनिवार को महीने के चौथे शनिवार के कारण सभी बैंक बंद रहने वाले हैं.
ऐसे में देखा जाए तो बैंकों का चार दिन का अवकाश रहने वाला है यानी कि चौथे शनिवार के साथ बैंक 4 दिन के लिए बंद रहने वाले हैं. इस दिन बैंकों का कोई भी काम नहीं होगा. सिर्फ एटीएम ओर बाकी ऑनलाइन सर्विसेज ही चालू रहेंगी. बैंक ब्रांच में कोई काम नहीं किया जाएगा.
कौन सी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं?
सबसे ज्यादा असर उन सेवाओं पर पड़ने की आशंका है जिनके लिए बैंक शाखा या कर्मचारी की सहायता की आवश्यकता होती है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक ने पहले ही ग्राहकों को चेतावनी दे दी है कि प्रस्तावित हड़ताल की अवधि के दौरान शाखाओं के कामकाज पर असर पड़ सकता है.
इसका मतलब यह है कि जिन ग्राहकों को बैंकिंग कार्य के लिए शाखा में जाने की आवश्यकता है, उन्हें आदर्श रूप से इसे 28 सितंबर से पहले पूरा कर लेना चाहिए. हालांकि, इन सलाहों में यह नहीं कहा गया है कि सभी बैंकिंग सेवाएं बंद हो जाएंगी. बैंकों ने कस्टमर्स से खासतौर से रिक्वेस्ट की है कि जहां भी संभव हो, वे वैकल्पिक माध्यमों का उपयोग करें.

कर्मचारियों की क्या है मांगे?
यह तत्काल हड़ताल पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर है. यूनियनों ने शुरू में दो प्रमुख मांगें उठाई थीं - पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का कार्यान्वयन और प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की वापसी. सरकार ने कहा है कि उसने पीएलआई योजना को पहले ही स्थगित कर दिया है, जिससे प्रभावी रूप से दो मांगों में से एक का समाधान हो गया है. बाकी बचा पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था है.
हालांकि, यूएफबीयू का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग मांग पर मार्च 2024 में पिछले वेतन संशोधन समझौते के तहत सहमति बनी थी और हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है.