प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का एक हिस्सा एम्प्लॉय प्रोविडेंट फंड (EPF) में जमा होता है. कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डियरनेस अलाउंस (DA) का 12% कंट्रीब्यूशन ईपीएफ में जाता है. एम्प्लॉयर भी 12% कंट्रीब्यूशन ईपीएफ में करता है. हालांकि, अब ज्यादातर कंपनियों में दोनों हिस्सा कर्मचारी के कोटे से ही काटा जाने लगा है.
एम्प्लॉयर की ओर से जो 12% कंट्रीब्यूशन ईपीएफ में जाता है, उसका 8.33% हिस्सा कर्मचारी के पेंशन फंड (Employees' Pension Scheme) में जाता है. एम्प्लॉयी पेंशन फंड आपकी नौकरी के दौरान जमा होने वाले रिटायरमेंट बेनिफिट का एक अहम हिस्सा है और पात्रता पूरी होने पर बुढ़ापे में मंथली पेंशन का आधार बनता है. हालांकि, EPS पेंशन का वास्तविक लाभ कर्मचारी की पेंशन योग्य सैलरी, सर्विस पीरियड और लागू नियमों पर निर्भर करता है. इसलिए रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए यह समझना जरूरी है कि EPS में पेंशन की गणना किस तरह होती है.
EPS पेंशन का फॉर्मूला क्या है?
EPS में मासिक पेंशन की गणना एक तय फॉर्मूले से की जाती है:
मासिक पेंशन = पेंशन योग्य सैलरी × पेंशन योग्य सर्विस ÷ 70
इस फॉर्मूले में दो चीजें सबसे महत्वपूर्ण हैं- पेंशन योग्य सैलरी और पेंशन योग्य सर्विस.
25 साल की सर्विस पर कितना बनेगा पेंशन?
1 सितंबर 2014 के बाद के मामलों में सामान्य EPS गणना के लिए पेंशन योग्य सैलरी की अधिकतम सीमा ₹15,000 प्रति महीना है. अगर किसी कर्मचारी की पेंशन योग्य सैलरी ₹15,000 है और उसने 25 साल की पेंशन योग्य सर्विस पूरी की है, तो गणना इस तरह होगी:
₹15,000 × 25 ÷ 70 = ₹5,357.14
यानी कर्मचारी को करीब ₹5,357 प्रति महीने की EPS पेंशन बन सकती है.
साल में कितनी पेंशन मिलेगी?
अगर मासिक पेंशन करीब ₹5,357 है, तो 12 महीने में कुल रकम होगी:
₹5,357 × 12 = ₹64,284
यानी 25 साल की पेंशन योग्य सर्विस और ₹15,000 की पेंशन योग्य सैलरी के उदाहरण में सालाना EPS पेंशन करीब ₹64,284 होगी.
पूरी बेसिक सैलरी पर नहीं बनती पेंशन
EPS को लेकर सबसे आम गलतफहमियों में से एक यह है कि कर्मचारी की पूरी बेसिक सैलरी को पेंशन कैलकुलेशन में शामिल किया जाता है. सामान्य गणना में ऐसा नहीं है.
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹20,000, ₹30,000 या इससे ज्यादा है, तब भी लागू वेतन सीमा के कारण पेंशन योग्य सैलरी ₹15,000 तक सीमित हो सकती है. ऐसे में पेंशन की गणना पूरी बेसिक सैलरी के बजाय निर्धारित पेंशन योग्य सैलरी पर होगी.
हायर पेंशन वालों के लिए अलग नियम
हालांकि, जिन कर्मचारियों ने हायर पेंशन के विकल्प के तहत पात्रता पूरी की है, उनके मामलों में अलग नियम और गणना लागू हो सकती है. इसलिए ज्यादा बेसिक सैलरी वाले हर कर्मचारी के लिए ₹15,000 की सीमा को अंतिम पेंशन राशि मान लेना सही नहीं होगा.