प्रोविडेंट फंड
प्रोविडेंट फंड (Provident Fund) या पेंशन फंड का दूसरा नाम भविष्य निधि है. इसका उद्देश्य कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट के समय एकमुश्त बड़ी राशि प्रदान करना है. यह पेंशन फंड से अलग है. इसमें एकमुश्त और मासिक पेंशन भुगतान दोनों के भाग होता है. भारत में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organisation) एक वैधानिक सेवानिवृत्ति योजना है (Retirement Plan).
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) केंद्र सरकार की एक पहल है और रिटायरमेंट के बाद आय का एक विश्वसनीय स्रोत होती है. यह योजना राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों और संगठित और असंगठित क्षेत्रों के निजी कर्मचारियों के लिए चलाई जाती है. यह योजना 18 वर्ष से 60 वर्ष के आयु वर्ग के भारतीय नागरिकों के लिए है. योगदान की राशि कर्मचारी के मासिक वेतन से की जाती है और उतनी ही राशि नियोक्ता यानी सरकारी कर्मचारियों सहित योगदान की जाती है.
सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योगदान 14% और अन्य कर्मचारियों लिए 10% रखा गया है. अन्य योग्य वेतनभोगी कर्मचारियों के मामले में, एनपीएस किसी भी अन्य दीर्घकालिक पेंशन योजनाओं के समान कार्य करता है.
EPFO में बड़ा बदलाव 3 दिन में क्लेम सेटल, ट्रांसफर हुआ आसान. EPFO ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए कई अहम बदलाव किए हैं, जिससे सेवाएं पहले से तेज, आसान और पारदर्शी हो गई हैं. श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि हमरा मकसद सिस्टम को ज्यादा तेज, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाना है. इससे क्लेम सेटलमेंट फास्ट हो जाएगा, प्रोसेस आसान हो जाएगा और डिजिटली एक ही जगह पर सभी सुविधाएं मिल सकेंगी
EPFO के नियमों में कई बड़े बदलाव हुए हैं. इसमें पेंशन से लेकर क्लेमसेटमेंट तक का नियम शामिल है. अब क्लेम सेटमेंट 3 दिन से भी कम समय में पूरा किया जा रहा है. आइए जानते हैं और क्या क्या बदला है?
PF Calculation Formula: ईपीएफओ में ब्याज की गणना मंथली आधार पर की जाती है, लेकिन इसे साल के अंत में PF खाते में डिपॉजिट किया जाता है. फिर ब्याज PF खाते में जमा होते ही वो मूलधन बन जाता है
अगर आपने या आपके रिश्तेदार ने कहीं चंद दिन तक नौकरी करके छोड़ दी, उन्होंने PF क्लेम नहीं किया, लेकिन अब PF की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेज दिए जाएंगे. EPFO करीब 7 लाख निष्क्रिय पीएफ खातों में फंसे हुए 30.52 करोड़ रुपये वापस करने जा रहा है.
EPFO Refund Money: श्रम मंत्रालय के इस फैसले से लाखों लोगों को फायदा होने वाला है, क्योंकि अभी करीब 31 लाख ईपीएफओ खाते निष्क्रिय हैं.
EPFO ने हायर पेंशन सुविधा को फिर से बहाल किया है और इसके तहत अब कुछ कर्मचारी ज्यादा पेंशन योगदान दे सकेंगे. 1 सितंबर 2014 से पहले कर्मचारियों को मूल वेतन के आधार पर पेंशन योगदान को बढ़ाने का ऑप्शन मिलता था और इसका लाभ अब फिर से लिया जा सकेगा.
Salary Account Change Impact On PF: अगर आपका सैलरी अकाउंट चेंज हो जाता है, तो इसकी जानकारी अपने पीएफ खाते के साथ अपडेट नहीं करने पर निकासी में बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है.
PF Interest Rate को लेकर अगले महीने 2 मार्च को केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में बैठक होने वाली है और इसमें ब्याज दरों में बदलाव को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है.
अगर आप अपना यूएएन भूल चुके हैं और अब आपको पीएफ अकाउंट से पैसे निकालने की जरूरत पड़ गई तो फिर कैसे निकाल सकते हैं? यह समस्या कई लोगों के साथ आती है. यहां पूरा प्रॉसेस बताया गया है.
EPF Earns Interest Till 58 Years of Age: अगर आपने नौकरी छोड़ दी है और अपना PF का पैसा नहीं निकाला है, तो वह पैसा खाली नहीं पड़ा रहेगा. सरकार उस पर निर्धारित दर से ब्याज देती रहेगी. जब तक कि धाताधारक की उम्र 58 साल नहीं हो जाती है.
PF Money Withdraw By UPI: सरकार ने यूपीआई के जरिए पीएफ के पैसों की निकासी की सुविधा देने की तैयारी कर ली है. इसके लेकर बड़ा अपडेट भी सामने आ गया है. सरकार के इस कदम से करीब 8 करोड़ ईपीएफओ मेंबर्स को लाभ होगा.
PF New Rules: पीएफ की सबसे खास बात यह थी कि इसे आसानी से नहीं निकाला जा सकता था. कुछ इमरजेंसी मौकों पर ही कोई एम्प्लाई इस पैसे को हाथ लगाने के लिए उठापटक करता था. लेकिन, अब पीएफ के नियमों में पैसे निकालने की प्रक्रिया को बैंक की तरह आसान बनाया जा रहा है, और यही सबसे ज्यादा चिंताजनक है.
PF Withdrawal New Rule: सरकार के मुताबिक अब डेबिट कार्ड और ATM में EPFO निकासी विकल्प को जोड़ दिया जाएगा. जिससे जरूरत पड़ने पर कर्मचारी कभी भी अपने PF का 75 फीसदी पैसा निकाल सकेंगे.
Easy Way to Check PF Balance: अक्सर ईपीएफओ पोर्टल पर बैलेंस चेक करने संबंधी समस्याएं दिखाई देती हैं, लेकिन आप बिना पोर्टल की मदद के कई अन्य तरीकों से पीएफ का पैसा चेक कर सकते हैं. यहां पूरी जानकारी दी गई है.
पीएफ विड्रॉल पर नए नियम आने के बाद बहुत सी बातों को लेकर कंफ्यूजन चल रहा है. जिसे लेकर अब ईपीएफओ ने सभी कंफ्यूजन को दूर किया है. यहां आप अपने हर सवाल का जवाब पा सकते हैं.
EPFO ने पीएफ निकासी के नियमों में बड़े बदलावों का ऐलान किया है, लेकिन इसे लेकर विपक्ष निशाना साध रहा है. तृणमूल कांग्रेस के सांसद साकेत गोखले ने Minimum Balance के नए नियम को कर्मचारियों के लिए अपनी ही कमाई तक पहुंच रोकने वाला करार दिया है.
EPFO Rule Change: ईपीएफओ की ओर से पीएफ निकासी से जुड़े तमाम नियमों में बदलाव किया गया है. इसके जरिए PF Withdrawl को और आसान बनाया गया है और नौकरी पेशा मिनिमम बैलेंस को छोड़ पूरा पैसा निकास सकेंगे.
ईपीएफओ कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. उम्मीद की जा रही है कि जनवरी से पीएफ कर्मचारी एटीएम के माध्यम से पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं.
अगर आप नौकरी बदल रहे हैं, तो नए नियोक्ता के पास पीएफ अकाउंट आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं. यह प्रॉसेस ऑनलाइन अब और भी आसान हो चुका है. अगर आप ऑनलाइन इसे ट्रांसफर कर रहे हैं तो फिजिकल तौर पर Form 13 भरकर जमा करने की आवश्यकता नहीं है.
7 करोड़ लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. सरकार ने करीब सभी अकाउंट में पीएफ पर ब्याज का पैसा डिपॉजिट कर दिया है. वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ईपीएफ ब्याज दर 8.25 फीसदी की मंजूरी सरकार ने दी थी.
अगर कोई 1 लाख रुपये या उससे कम का अमाउंट क्लेम करता था तो एडवांस क्लेम के तहत ऑटोमैटिक तरीके से यह अमाउंट मंजूर हो जाती थी, लेकिन अगर 1 लाख रुपये से ज्यादा का अमाउंट है तो उसके लिए मैन्युअल जांच की आवश्यकता होती थी, जिससे ये प्रॉसेस बहुत लंबा हो जाता था. हालांकि अब ये लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक कर दी गई है.