चाय-ब्रेड के नाश्ते पर पश्चिम बंगाल में महंगाई की तगड़ी मार पड़ी है. दरअसल, यहां पर बेकर्स एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लेते हुए ग्राहकों को झटका दे दिया है और ब्रेड की कीमतें बढ़ा दी हैं. West Bengal Bakers Association के सीईओ अरिफुल इस्लाम ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि ब्रेड की कीमतों में मूल्य संशोधन कर बढ़ोतरी का फैसला बीते 8 अगस्त को कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया था.
'हमारे सामने कोई विकल्प ही नहीं बचा...'
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के बेकर्स एसोसिएशन ने अपने मेंबर्स को इस महीने एक पाउंड की रोटी की कीमत 32 रुपये से बढ़ाकर 36 रुपये करने की अनुमति दे दी है. इस प्राइस हाइक के पीछे कारण आटा, चीनी और पैकेजिंग सामग्री की इनपुट कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी को बताया गया है. अरिफुल इस्लाम के हवाले से कहा गया है कि हमने कुछ समय तक कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन कच्चे माल की लागत में लगातार हो रही वृद्धि ने हमारे सामने कोई विकल्प ही नहीं छोड़ा है.
अचानक क्यों महंगी कर दी ब्रेड?
Bread Price Hike का झटका ऐसे समय में दिया गया है, जबकि संगठित ब्रेड ब्रांड पहले ही स्लाइस ब्रेड की कीमतों में कम से कम 4 रुपये प्रति पाउंड की वृद्धि कर चुके हैं. इसका प्राइस लगभग 36 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति पाउंड किया जा चुका है. बेकरी वाले 36 रुपये प्रति पौंड के घोषित रिटेल प्राइस पर सामान बेच रहे हैं और वितरकों को 22% की छूट दे रहे हैं.
इस्लाम ने बताया कि बीते महीने में मैदे की कीमतों में करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है, जबकि चीनी की कीमतें लगभग 40 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं. बेकर्स एसोसिएशन ने कहा कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की महंगाई के चलते पैकेजिंग कॉस्ट चरम पर पहुंची है और राज्स को बेकरीज पर दबाव बढ़ गया है.
3000 बेकरी, 15 दिन का टाइम
बेकर्स एसोसिएशन के अनुसार, राज्य में लगभग 3,000 बेकरी हैं और इनहें रिटेल विक्रेताओं को संशोधित कीमतों के अनुरूप ढलने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है. इस्लाम के मुताबिक, सार्वजनिक सूचना के बिना कीमतें बढ़ाने पर खुदरा विक्रेताओं को अक्सर उपभोक्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ता है.
यहां बता दें कि वेस्ट बंगाल में बढ़ोतरी 17 अगस्त से लागू की जा रही है, हालांकि क्षेत्रों के अनुसार ब्रेड के आकार में भिन्नता रहती है. साउथ बंगाल में आमतौर पर 200 ग्राम और 400 ग्राम की ब्रेड बेची जाती हैं, जबकि नॉर्थ बंगाल में 175 ग्राम और 250 ग्राम की ब्रेड मिलती हैं.