बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) का भी शेयर बाजार में बड़ा निवेश है. हाल के दिनों में उन्होंने स्मॉल-कैप कंपनी डी.पी. वायर्स लिमिटेड (D.P. Wires Ltd) में अपनी हिस्सेदारी में कुछ बदलाव किए हैं. हालांकि इस कंपनी से अमिताभ बच्चन को अभी तक अच्छा रिटर्न नहीं मिला है. इसलिए उन्होंने अपना पॉजीशन थोड़ा हल्का किया है.
अमिताभ बच्चन का ब्लॉक डील ट्रांजैक्शन
दरअसल, D.P. Wires Ltd का शेयर अपने नवंबर 2023 के रिकॉर्ड हाई से 68 फीसदी तक टूट चुका है. 24 जून 2026 को एक ब्लॉक डील के जरिए अमिताभ बच्चन ने इस कंपनी के शेयरों की बिकवाली और कुछ खरीदारी की है.
अमिताभ बच्चन मार्च 2018 तिमाही से इस कंपनी में एक पब्लिक शेयरहोल्डर के रूप में बने हुए हैं, उन्होंने बुधवार को डी.पी. वायर्स के 1,23,622 शेयर औसतन 200.84 रुपये प्रति शेयर के भाव में बेचे. इस बिकवाली की कुल वैल्यू करीब 2.48 करोड़ रुपये रही.
वहीं दूसरी तरफ उन्होंने एक अन्य ट्रांजैक्शन में इसी कंपनी के 41,566 शेयर 199.90 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे, जिसकी कुल कीमत करीब 83 लाख रुपये थी.
क्या बिग बी के पास अब भी है यह स्टॉक?
कॉपोरेट डेटाबेस AceEquity के आंकड़ों के मुताबिक इस हालिया ब्लॉक डील से पहले अमिताभ बच्चन पिछले चार तिमाहियों से कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 2.11 फीसदी पर बरकरार रखे हुए थे. उनके पास इस कंपनी के कुल 3,27,590 शेयर थे. इस हफ्ते नए लेनदेन के बाद भी अमिताभ बच्चन के पास डी.पी. वायर्स के शेयर मौजूद हैं, हालांकि अब उनकी हिस्सेदारी में थोड़ी कमी आई है.
आंकड़ों को देखें तो मार्च 2018 के अंत में उनके पास इस कंपनी की 2.45 फीसदी हिस्सेदारी (3,32,800 शेयर) थी, जो सितंबर 2023 तिमाही में घटकर 1.47 फीसदी के निचले स्तर पर आ गई थी. इसके बाद नवंबर 2023 में कंपनी ने 1:7 के अनुपात में बोनस शेयर जारी किए थे.
स्टॉक की चाल
डी.पी. वायर्स लिमिटेड स्टील वायर्स, स्पेशलाइज्ड LRPC स्ट्रैंड्स और जियोमेम्ब्रेन शीट्स बनाने वाली कंपनी है. वित्तीय वर्ष 2018 में यह कंपनी SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई थी, और बाद में फिर 17 जनवरी 2020 को इसे मैन बोर्ड पर माइग्रेट किया गया.
हालांकि पिछले 5 दिन में यह स्टॉक करीब 22 फीसदी भाग चुका है. शुक्रवार को करीब 2.50 फीसदी की तेजी देखी गई और शेयर 215.59 रुपये पर बंद कारोबार कर रहा था. लेकिन यह 17 नवंबर 2023 को छुए गए अपने ऑल-टाइम हाई 681.45 रुपये से लगभग 68% नीचे कारोबार कर रहा है. साल 2026 में अब तक इस स्टॉक ने करीब 7 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि पिछले 5 वर्षों में इसने महज 44 फीसद का मामूली रिटर्न दिया है.
कमजोर नतीजे से शेयर पर दबाव
स्टॉक की इस भारी गिरावट के पीछे कंपनी का कमजोर वित्तीय प्रदर्शन भी एक मुख्य कारण माना जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी की स्टैंडअलोन बिक्री घटकर 480.11 करोड़ रुपये रह गई, जो वित्तीय वर्ष 2025 में 620.93 करोड़ रुपये थी. इसी तरह कंपनी का सालाना मुनाफा भी 22.20 करोड़ रुपये से घटकर 17.58 करोड़ रुपये पर आ गया है.