केंद्रीय कर्मचारियों के मन में 8वें वेतन आयोग को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि बढ़ी हुई सैलरी कब से मिलेगी और क्या 1 जनवरी 2026 से एरियर यानी बकाया भी दिया जाएगा? अगर आयोग की सिफारिशें लागू होने में ज्यादा समय लगता है, तो कर्मचारियों को एरियर का पैसा मिलने की संभावना है. हालांकि, अभी सरकार ने एरियर को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. कर्मचारी संगठन 1 जनवरी 2026 से वेतन संशोधन लागू करने की मांग कर रहे हैं.
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) का गठन केंद्र सरकार द्वारा 3 नवंबर 2025 को किया गया था. इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. आईआईएम बैंगलोर के प्रोफेसर और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य पुलक घोष आयोग के अंशकालिक-सदस्य और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं. 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.
इस हिसाब से रिपोर्ट मई 2027 के आसपास आने की उम्मीद है. इसके बाद सरकार सिफारिशों पर विचार करेगी और मंजूरी के बाद ही वेतन में बदलाव लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. अगर सरकार वेतन संशोधन के लिए 1 जनवरी 2026 की तारीख मंजूर करती है, तो 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी के बावजूद कर्मचारियों को उस तारीख से एरियर मिल सकता है. लेकिन यह अभी एक संभावना है, पक्का फैसला नहीं. अंतिम तारीख सरकार की मंजूरी और अधिसूचना पर निर्भर करेगी.
बकाया यानी एरियर क्या होता है?
मान लीजिए कि सरकार वेतन संशोधन की प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 तय करती है, लेकिन बढ़ी हुई सैलरी का भुगतान बाद में शुरू होता है. ऐसी स्थिति में जनवरी 2026 से नई सैलरी लागू होने तक की अवधि का अंतर कर्मचारियों को बकाये यानी एरियर के रूप में मिल सकता है. उदाहरण के लिए, अगर नई सैलरी जुलाई 2027 से मिलनी शुरू होती है, लेकिन वेतन संशोधन 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाता है, तो बीच के 18 महीने का एरियर कर्मचारियों को मिल सकता है. एरियर की वास्तविक रकम इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार नई सैलरी, महंगाई भत्ते और दूसरी शर्तों को किस तरह मंजूरी देती है.
पिछले वेतन आयोगों में क्या हुआ था?
पिछले वेतन आयोगों के अनुभव बताते हैं कि सिफारिशें लागू होने में देरी होने पर कर्मचारियों को एरियर दिया गया था. 5वें और 6ठे वेतन आयोग के दौरान केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर का भुगतान सरकारी खर्च पर असर डालने वाला बड़ा मुद्दा बना था. 7वें वेतन आयोग ने इस मामले में अलग रुख अपनाया था. आयोग ने अपनी सिफारिशों में एरियर की रकम सीमित कर दी थी, इसलिए इसका सरकारी खजाने पर बहुत बड़ा असर नहीं पड़ा था. हालांकि, पुराने वेतन आयोगों का अनुभव अपने आप यह तय नहीं करता कि 8वें वेतन आयोग में भी एरियर मिलेगा. इस पर स्पष्टता वेतन आयोग की रिपोर्ट आने और सरकार के फैसले के बाद ही होगी.
7वां वेतन आयोग कबसे हुआ था प्रभावी
सातवें वेतन आयोग ने वेतन संशोधन के लिए 1 जनवरी 2016 की प्रभावी तारीख तय की थी. इससे पहले कर्मचारी पक्ष की ओर से 1 जनवरी 2014 से संशोधन लागू करने की मांग की गई थी. इसके पीछे महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी और सैलरी के रियल पर्चेजिंग पावर में कमी जैसे तर्क दिए गए थे. लेकिन आयोग ने 1 जनवरी 2016 की तारीख को उचित माना. उसका तर्क था कि सातवें वेतन आयोग का गठन 2014 में हुआ था और 1 जनवरी 2016 तक सातवें वेतन आयोग के लागू होने का समय आ गया था. इससे यह साफ होता है कि प्रभावी तारीख तय करना आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसले पर निर्भर करता है.
फिटमेंट फैक्टर और एरियर का क्या संबंध?
आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी कर्मचारियों के बीच चर्चा है. फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसकी मदद से मौजूदा मूल वेतन को संशोधित मूल वेतन में बदला जाता है. लेकिन इसका पूरा असर समझने के लिए महंगाई भत्ते को भी ध्यान में रखना जरूरी है. सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय किया गया था. इसमें महंगाई भत्ते के विलय का हिस्सा भी शामिल था, इसलिए इसे पूरी तरह से 157 फीसदी की वास्तविक वेतन बढ़ोतरी समझना सही नहीं होगा. आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, वास्तविक वेतन बढ़ोतरी का हिस्सा इससे काफी कम था. आठवें वेतन आयोग में अंतिम फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, यह अभी तय नहीं है. इसी तरह, बकाये की गणना भी अंतिम वेतन संरचना और सरकार द्वारा तय प्रभावी तारीख के आधार पर होगी.
क्या 2027 में फैसला होने पर मिलेगा बकाया?
अगर आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर फैसला 2027 में होता है, तो भी 1 जनवरी 2026 से बकाया यानी एरियर मिलने की संभावना बनी रह सकती है. लेकिन इसके लिए सरकार को वेतन संशोधन की प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 मंजूर करनी होगी. अगर प्रभावी तारीख अलग तय की जाती है, तो बकाये की अवधि भी उसी हिसाब से बदलेगी. इसलिए कर्मचारियों को फिलहाल दो बातों पर नजर रखनी चाहिए- आयोग की सिफारिशें कब आती हैं और सरकार वेतन संशोधन की प्रभावी तारीख क्या तय करती है. 8वें वेतन आयोग में एरियर, फिटमेंट फैक्टर की अंतिम स्थिति सरकार के फैसले और आधिकारिक अधिसूचना से ही स्पष्ट होगी.