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यूपी के 6 जिलों में बनेंगे 3,090 नए मकान और दुकानें, ₹1,664 करोड़ का होगा निवेश

यूपी में रियल एस्टेट बाजार को रफ्तार देने के साथ-साथ रोजगार के नए रास्ते खोलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. यूपी रेरा की 214वीं बैठक में लखनऊ, गाजियाबाद, हापुड़, कानपुर, अयोध्या और प्रयागराज में ₹1,663.85 करोड़ की लागत वाले 12 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है.

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उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट को बड़ा बूस्ट (Photo-ITG)
उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट को बड़ा बूस्ट (Photo-ITG)

उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने राज्य के 6 जिलों में 1,663.85 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वाले 12 नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. चेयरमैन संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित यूपी रेरा की 214वीं अथॉरिटी बैठक में स्वीकृत किए गए इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कुल 3,090 आवासीय और कमर्शियल यूनिट्स का निर्माण किया जाएगा.  

इस पूरी योजना के तहत सबसे अधिक निवेश और यूनिट्स लखनऊ जिले के हिस्से में आए हैं. लखनऊ में चार प्रोजेक्ट्स स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें दो आवासीय, एक व्यावसायिक और एक मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट शामिल हैं. इन पर कुल ₹609.35 करोड़ का निवेश होगा और 1,972 यूनिट्स तैयार की जाएंगी, इसके बाद गाजियाबाद में ₹605.06 करोड़ के निवेश से 3 आवासीय प्रोजेक्ट्स के तहत 574 यूनिट्स बनाई जाएंगी. 

वहीं हापुर जिले में ₹123.45 करोड़ के अनुमानित निवेश वाले 2 आवासीय प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, जिनसे 192 यूनिट्स का निर्माण होगा. 

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अयोध्या, प्रयागराज और कानपुर में भी नए प्रोजेक्ट्स 

राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में कानपुर में एक प्रोजेक्ट के लिए ₹201.72 करोड़ का निवेश मंजूर किया गया है, जिसके तहत 158 यूनिट्स का निर्माण होगा. धर्मनगरी अयोध्या में ₹72.61 करोड़ की लागत से 85 आवासीय यूनिट्स और प्रयागराज में ₹51.66 करोड़ के निवेश से 109 यूनिट्स वाले एक-एक प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई है.

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निर्माण गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी

यूपी रेरा का मानना है कि इन परियोजनाओं की शुरुआत से राज्य भर में निर्माण गतिविधियों में तेज़ी आएगी, इसके साथ ही सीमेंट, सरिया, इंजीनियरिंग और ट्रांसपोर्ट जैसे संबद्ध उद्योगों एवं सहयोगी क्षेत्रों में भी नए व्यापारिक और रोज़गार के अवसर पैदा होंगे,

अथॉरिटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य ध्यान रेरा अधिनियम (RERA Act) का कड़ाई से अनुपालन कराने, परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने और घर खरीदारों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर रहेगा. यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र का पारदर्शी व व्यवस्थित विकास, परियोजनाओं की समय पर मंजूरी और उनकी नियमित निगरानी अथॉरिटी की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है.

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