पॉलिसीबाजार और पैसाबाजार की पैरेंट कंपनी PB Fintech लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार के कारोबार में भारी गिरावट जारी रही. इसका शेयर 6.24 प्रतिशत गिरकर 1,080 रुपये के नए 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए. इस के साथ देखा जाए तो यह शेयर चार कारोबारी दिनों में 42.85 प्रतिशत गिर चुका है.
पीबी फिनटेक के शेयर की लिस्टिंग नवंबर 2021 में 1,150 रुपये प्रति शेयर पर हुई थी, लेकिन अब ये उससे भी नीचे चला गया है. ऐसे में निवेशकों को इस स्टॉक ने भारी नुकसान कराया है और आशंका है कि आगे भी इसमें गिरावट हावी रह सकती है.
मंगलवार को आई गिरावट भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) द्वारा कमीशन, मैनेजमेंट एक्सपेंसेस (EOM) और वितरण सुधारों पर अपने परामर्श पत्र जारी करने के बाद आई है. प्रस्तावित बदलाव के तहत यह माना जा रहा है कि बीमा उत्पादकों के लिए कमीशन कम हो सकता है, जिस कारण पीबी फिनटेक पर इसका सबसे ज्यादा असर हुआ है.
शेयर में गिरावट पर कंपनी ने क्या दिया जवाब?
कंपनी ने शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव को लेकर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि हम स्पष्ट करते हैं कि यह दस्तावेज मौजूदा समय में परामर्श के तहत है और इसमें प्रस्तावित नीतिगत बदलाव शामिल हैं जो जनता और हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए खुले हैं.यह कोई अंतिम नियामक आदेश या निर्देश नहीं है.
कंपनी ने आगे कहा कि परामर्श पत्र में दिए गए प्रस्तावों में स्ट्रक्चरल बदलाव शामिल हैं, जिनमें डिस्ट्रीब्यूशन खर्च स्ट्रक्चर और कमीशन लिमिट में दोनों शामिल हैं. हमारी प्रमुख सहायक कंपनी पॉलिसीबाजार, भारत में फाइनेंशियल फ्रीडम और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बीमा मध्यस्थ के रूप में कार्य करती है. पिछले 18 वर्षों में, इस प्लेटफॉर्म ने शिक्षा, डिजिटल ऑनबोर्डिंग, बिक्री से पहले सलाह और स्वास्थ्य और सावधि बीमा जैसे कम प्रचलित उत्पादों के लिए संपूर्ण दावा सहायता में पर्याप्त निवेश किया है. अगर इस स्तर पर IRDAI का ये प्रस्तव लागू भी होता है तो भी ये पूरी तरह से बंद नहीं हो सकता है.
नियामक के साथ हो रही बातचीत
कंपनी ने आगे कहा कि हालांकि कंपनी अन्य कारोबार हितकारों के साथ मिलकर इन प्रस्तावित बदलाव के प्रभाव का वैल्यूवेशन कर रही है और IRDAI के साथ बातचीत कर रही है. हम तय परामर्श के दौरान IRDAI और संबंधित अधिकारियों की विस्तार से प्रतिक्रिया पेश करेंगे.
बीएसई और एनएसई ने पीबी फिनटेक को शॉर्ट टर्म निगराली ढांचे के तहत रखा है. एक्सचेंज निवेशकों को असामान्य मूल्य उतार-चढ़ाव और बढ़ी हुई अस्थिरता के प्रति सचेत करने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक एएसएम ढांचे का उपयोग करते हैं.
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुख्य अनुसंधान अधिकारी रवि सिंह ने सुझाव दिया कि चार्ट पर शेयर कमजोर दिखाई दे रहा है.