नेंशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) के IPO का इंतजार करने वाले निवेशकों के लिए एक खास रिपोर्ट सामने आई है. दावा है कि एनएसई ने अपने सभी काम पूरे कर लिए हैं और संस्थागत निवेशकों की मांग को देखते हुए इश्यू प्राइस को उसी के अनुसार रखने वाला है.
लाइव मिंट की रिपोर्ट का दावा है कि NSE का इश्यू प्राइस 2,500-2,800 रुपये प्रति शेयर तक रहने वाला है. वैल्यूवेशन प्रॉसेस शुरू हो चुका है और बाकी घरेलू फंडों के साथ बाकी चर्चाओं के बाद दो सप्ताह के अंदर फेस वैल्यू तय होने की उम्मीद है.
ये बड़े विदेशी निवेशक भी हो सकते हैं शामिल
रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएसई के अधिकारियों ने 150 में से 120 वैश्विक निवेशकों से मुलाकात की और योग्य संस्थागत खरीदारों के तौर पर 1 अरब डॉलर (10,000 करोड़ रुपये) की कमिटमेंट मिल चुकी है. संभावित क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर में अमेरिका की जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी, डेक्कन वैल्यू इन्वेस्टर्स, ऑलस्प्रिंग ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स होल्डिंग्स, ईस्ट ब्रिज कैपिटल मैनेजमेंट और इंडस कैपिटल पार्टनर्स शामिल हैं. इसके अलावा, स्विट्जरलैंड की पिक्टेट एसेट मैनेजमेंट, ब्रिटेन की एचएसबीसी और जापान की नोमुरा होल्डिंग्स भी खरीदारों की रेस में है.
कब तक आ सकता है ये आईपीओ?
रिपोर्ट का दावा है कि अगर NSE IPO को लेकर सबकुछ ठीकठाक चला तो सिंतबर के मध्य में या फिर 25 सितंबर तक लिस्टिंग की उम्मीद है. हालांकि अभी सेबी की मंजूरी का इंतजार है. जून के महीने में एनएसई ने बाजार नियामक सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया, जो भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में से एक होने की संभावना है. इस आईपीओ के तहत OFS के जरिए मौजूदा शेयरधारक 148.9 मिलियन शेयर बेचेंगे. यह एनएसई में 6% हिस्सेदारी का प्रतिनिधित्व करते हैं.
10 साल से चल रहा इंतजार
एनएसई के आईपीओ को लेकर पिछले 10 साल से इंतजार किया जा रहा है. इस स्टॉक एक्सचेंज ने सबसे पहले 2016 में अपने IPO के कागजात फाइल किए थे. इसके बाद NSE का को-लोकेशन स्कैडल मुसीबत बन गया और IPO में देरी हुई. ये मामला बढ़ने के साथ ही लीडरशिप को लेकर भी कई बदलाव हुए और आईपीओ को लेकर फैसला टल गया.
कितनी बड़ी कंपनी है एनएसई?
यह सिर्फ भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज ही नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक है. 2026 में IPO से पहले इसकी अनुमानित valuation करीब ₹5 लाख करोड़ आंकी गई है. हुरुन के 2025 Burgundy Private Hurun India 500 के अनुसार NSE की वैल्यूएशन ₹4.86 लाख करोड़ थी और वह भारत की सबसे वैल्यूएबल अनलिस्टेड कंपनी है.
कंपनी का रेवेन्यू ₹16,600 करोड़ के आसपास रहा और PAT करीब ₹10,180 करोड़ है यानी करीब 61 फीसदी का नेट प्रॉफिट मार्जिन रहा है.