मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ (Jio IPO) का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है. इसे लेकर अब बड़ा अपडेट आ गया है. इस इश्यू को देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक प्रस्ताव बताया जा रहा है. नाम न छापने की शर्त पर मामले से जुड़े बैंकिंग और अन्य सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया है कि Jio IPO के लिए कंपनी इसी महीने मार्केट रेग्युलेटर के पास फाइनल डॉक्युमेंट्स जमा कर सकती है.
कितनी वैल्यूएशन पर लिस्टिंग?
पीटीआई की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने विदेशों में रोडशो संपन्न कर लिए हैं. इसके बाद अब उम्मीद है कि कंपनी 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में अपने आईपीओ के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास अंतिम दस्तावेज दाखिल कर देगी.
बैंकिंग सूत्रों के मुताबिक, विदेशी रोडशो से मिली रुचि के आधार पर देखा जाए तो जियो प्लेटफॉर्म्स के इस महीने के अंत तक 143-146 अरब डॉलर या कम से कम 12 ट्रिलियन रुपये के आधार बिजनेस वैल्यूएशन पर लिस्ट होने की संभावना है.
US-UK से दुबई तक रोडशो
अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में आयोजित विदेशी रोडशो का नेतृत्व जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक और रिलायंस जियो के अध्यक्ष आकाश अंबानी के साथ रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने किया. रिपोर्ट की मानें, तो 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में भारत में आईपीओ के लिए रोडशो आयोजित किए जा सकते हैं.
IPO को लेकर ये बड़ा अपडेट भी आया
बैंकिंग सूत्रों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स द्वारा दशहरा से पहले एंकर राउंड शुरू किए जाने की उम्मीद है और इश्यू दशहरा के बाद 23 अक्टूबर से पहले खुल सकता है. इसके अलावा अक्टूबर महीने के अंत तक शेयर बाजार में इसके शेयर लिस्ट हो सकते हैं. गौरतलब है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने बीते जून महीने में अपने आईपीओ के मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे. हालांकि, इस संबंध में जियो प्लेटफॉर्म्स (JPL) को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला है.
27 करोड़ शेयर जारी करने की प्लानिंग
जियो प्लेटफॉर्म्स के ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, कंपनी 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है. सूत्रों की मानें, तो कंपनी इस पेशकश से लगभग 3.8 अरब डॉलर जुटा सकती है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स का लगभग 66.4% हिस्सा है, जबकि मेटा और गूगल के पास मिलकर लगभग 17.7% हिस्सेदारी है. गौरतलब है कि Jio IPO साल 2008 के बाद रिलायंस ग्रुप का पहला सार्वजनिक प्रस्ताव होगा और समूह के भीतर कंज्यूमर बेस्ड बिजनेस का पहला आईपीओ होगा.