अगर आपने अब तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (ITR File) नहीं किया है, तो सब काम छोड़कर पहले इसे कर लें. दरअसल, आईटीआर फाइलिंग का आज आखिरी तारीख है. अगर आप इसे भरने से चूक जाते हैं, तो तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इनकम टैक्स विभाग की ओर से जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जो इनकम के हिसाब से 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक हो सकता है.
5.5 करोड़ लोगों ने किया ITR फाइल
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजकर अलर्ट करता आ रहा है कि इस काम को जल्द से जल्द करें. ताजा आंकड़ों को देखें, तो आयकर विभाग के मुताबिक, अब तक AY 2026-27 के लिए देश के 5.5 करोड़ से ज्यादा लोगों ने ये काम कर लिया है और इनमें 42 लाख लोगों ने सिर्फ 30 जुलाई को रिटर्न दाखिल किया. अगर आप अब भी इस लिस्ट में नहीं हैं, तो फटाफट इस काम को कर लें.
⏳ Less than 24 hours to go!
— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) July 31, 2026
Over 5.5 crore ITRs have already been filed for AY 2026-27 (with over 42 lakh filed on July 30 alone!).
File now, File calmly!
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डेडलाइन चूकी, तो क्या होगा?
आयकर रिटर्न को लेकर इनकम टैक्स विभाग द्वारा तय किए गए नियमों को देखें, तो ITR Filing तय डेडलाइन तक करना जरूरी है और अगर ऐसा नहीं होता है, तो भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसमें जुर्माने का भी प्रावधान है. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत डेडलाइन के बाद रिटर्न फाइल करने पर ऐसे टैक्सपेयर्स जिनपर टैक्स देनदारी है, उनपर इनकम के हिसाब से अधिकतम 5000 रुपये तक की पेनाल्टी लगाई जा सकती है.
IT नियम मुताबिक, अगर किसी टैक्सपेयर्स की कुल इनकम 5 लाख रुपये या इससे अधिक से अधिक है, तो फिर देरी से आईटीआर फाइल करने पर उन्हें 5,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है. वहीं जिनकी आय 5 लाख रुपये से कम है, उनके लिए जुर्माने की राशि 1,000 रुपये निर्धारित है.
डेडलाइन चूकी तो ये परेशानियां भी
आईटीआर फाइलिंग में देरी के चलते जहां जुर्माना भरना पड़ सकता है, तो वहीं अन्य परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है. अगर टैक्स बकाया है, तो सेक्शन 234A के तहत बकाया राशि पर 1% मंथली इंटरेस्ट देना पड़ेगा. इसके साथ ही बता दें कि ITR Filing की तय डेडलाइन के बाद दाखिल किए गए रिटर्न की प्रोसेसिंग में आमतौर पर लंबा समय लग जाता है, जिससे रिफंड के पैसे वापस पाने की उम्मीद लगाए बैठे टैक्सपेयर्स को देरी का सामना करना पड़ता है.
जेल का भी है प्रावधान
आईटीआर फाइलिंग में जानकारी छिपाने या गलत जानकारी देने के मामले में जेल तक का सामना करना पड़ सकता है. लगातार टैक्स न भरने वालों या फिर जानबूझकर टैक्स चोरी करने के गंभीर मामलों के लिए इस तरह की कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है. जिसमें गंभीरता और इरादे के आधार पर तीन महीने से लेकर दो साल तक की जेल शामिल है.