इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return, ITR) एक ऐसा फॉर्म है जिसमें व्यक्ति या संस्था अपनी सालाना आय, कर योग्य आय, टैक्स भुगतान और छूट (deductions) का विवरण सरकार को देता है. इसे भारत में आयकर विभाग (Income Tax Department) को ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से जमा किया जाता है.
हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य होता है कि वह अपने देश के विकास में आर्थिक रूप से योगदान दे. भारत में यह योगदान इनकम टैक्स (Income Tax) के रूप में दिया जाता है. इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) के जरिए इसे विधिवत दर्ज करना होता है.
ITR वो फाइल कर सकते है - जिनकी आय वित्तीय वर्ष में निर्धारित सीमा से अधिक है, व्यवसायी और फ्रीलांसर, कंपनियां और पार्टनरशिप फर्म, जिनके पास कई स्रोतों से आय है या जिन्हें टैक्स रिफंड चाहिए, और जिन्होंने किसी विदेशी संपत्ति में निवेश किया हो.
पैन कार्ड बनवाने के लिए अब लंबी प्रक्रिया और फीस की जरूरत नहीं है. इनकम टैक्स विभाग की Instant e-PAN सुविधा के जरिए पहली बार PAN बनवाने वाले पात्र लोग घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. e-PAN भी फिजिकल PAN कार्ड की तरह वैध है और इसका इस्तेमाल वित्तीय और टैक्स से जुड़े कामों में किया जा सकता है.
किराए के घर में रहने वाले कर्मचारियों के लिए HRA टैक्स बचाने का अहम जरिया है. लेकिन अगर आप किराया कैश में देते हैं, तो HRA क्लेम करते समय दस्तावेजों की भूमिका और बढ़ जाती है. ओल्ड टैक्स रिजीम में कैश पेमेंट होने भर से HRA छूट खत्म नहीं होती. हालांकि, रेंट एग्रीमेंट, हर महीने की रेंट रिसीट, मकान मालिक की जानकारी और पेमेंट रिकॉर्ड जैसे सबूत संभालकर रखना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर किराए का भुगतान साबित किया जा सके.
भारत में एक ऐसा राज्य है, जहां अधिकांश लोगों को अपनी आय पर इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता. यह विशेष छूट किसी नई योजना का हिस्सा नहीं, बल्कि भारत में विलय के समय दिए गए संवैधानिक संरक्षण और विशेष कानूनी प्रावधानों का नतीजा है, जिसका लाभ आज भी इस राज्य के मूल निवासियों को मिलता है.
ITR Filing Online: आज इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की लास्ट डेट है और अब तक देश के 5.5 करोड़ लोगों ने अपना ITR फाइल कर दिया है. आप घर बैठे आसानी से सिर्फ 5 मिनट में ये काम कर सकते हैं.
ITR Filing Deadline Ends Today: आयकर विभाग की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर शेयर किए गए पोस्ट के मुताबिक, 30 जुलाई तक 5.5 करोड़ लोगों ने अपना ITR फाइल कर दिया था.
अगर आप भी आईटीआर भरने जा रहे हैं, तो आपको कुछ गलतियों को इग्नोर करना चाहिए. अक्सर लोग इन कॉमन गलतियों को करते हैं और बाद में उन्हें या तो परेशानी होती है या फिर भारी जुर्माना उठाना पड़ता है.
मोटर एक्सीडेंट मुआवजे के मामलों में एकरूपता लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइंस जारी की है. कोर्ट ने बताया है कि मृतक या घायल पीड़ित की सालाना इनकम तय करने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) को कैसे आधार बनाया जाए.
अगर किसी किरायेदार से मकान मालिक का विवाद हो जाता है, और वो किरायेदार से संपत्ति खाली कराना चाहता है तो इसके लिए ये बहुत ही मुश्किल भरा काम हो जाता है. लेकिन 11 महीने के रेंट एग्रीमेंट से ये काम आसान हो जाता है.
Triple Whammy for Indian Markets: कमजोर रुपया FII के मुनाफे को सीधे खा जाता है, जब रुपया लगातार फिसलता है, तो विदेशी निवेशक अपने पोर्टफोलियो को करेंसी लॉस से बचाने के लिए भारतीय बाजार से पैसा निकालना ही समझदारी मानते हैं.
महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर बिहार-झारखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत टैक्सपेयर बने हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 में उन्होंने सबसे ज्यादा टैक्स जमा किया. इसकी जानकारी प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने दी. आयकर विभाग ने बताया कि झारखंड ने पिछले साल करीब 12 हजार करोड़ रुपये का टैक्स राजस्व दिया.
अगर आपका मासिक किराया ₹50,000 से अधिक है, तो केवल समय पर मकान मालिक को भुगतान कर देना ही काफी नहीं है. आयकर का एक महत्वपूर्ण TDS नियम आप पर लागू होता है, और इसे नजरअंदाज करने पर आपको अतिरिक्त जुर्माना या भारी खर्च उठाना पड़ सकता है.
Income Tax Rules: आम टैक्सपेयर्स खासकर सैलरीड क्लास, जो कि ITR 1, 2, 3 और 4 भरते हैं. ऐसे 88 फीसदी लोग न्यू टैक्स रिजीम में शिफ्ट हो चुके हैं. यानी अभी भी 12 फीसदी टैक्सपेयर्स ओल्ड टैक्स रिजीम के साथ हैं.
टैक्स विभाग के मुताबिक अगर आप अपडेट आईटीआर 31 मार्च 2026 तक फाइल करने से चूक जाते हैं तो 200 फीसदी तक का जुर्माना लग सकता है.
31 March Deadline: टैक्स बचाने के लिए निवेश, अपडेटेड आईटीआर से लेकर टैक्स रिजीम के चयन तक के लिए मंगलवार 31 मार्च की तारीख अहम है और अगर आपने ये जरूरी काम नहीं किए हैं, तो फटाफट इन्हें निपटाने में भलाई है.
1 अप्रैल से नया कानून—HRA, सैलरी और टैक्स में क्या-क्या बदलेगा? नई फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हो रहा है, जो सैलरी पाने वाले लोगों के लिए कई अहम बदलाव लेकर आया है. इसका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल और ज्यादा पारदर्शी बनाना है. नए नियमों में HRA यानि मकान किराया भत्ता से जुड़ा बड़ा बदलाव किया गया है.
नए इनकम टैक्स कानून के तहत बड़ा बदलाव सामने आया है. अब किसी को फॉर्म 16 और फॉर्म 16A जैसे डॉक्यूमेंट्स नहीं मिलने वाले हैं. 1 अप्रैल 2026 से ये नियम बदल रहा है, जिसकी जगह पर अब दूसरा फॉर्म दिया जाएगा.
1 अप्रैल 2026 से देश में कई बड़े बदलाव लागू होंगे. LPG कीमत, इनकम टैक्स रूल्स, ATM चार्जेस, PAN कार्ड और रेलवे टिकट कैंसलेशन नियम बदलेंगे. इन चेंजेस का असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा, इसलिए नए फाइनेंशियल रूल्स और अपडेट्स को समझना जरूरी है.
नए इनकम टैक्स कानून के तहत बड़ा बदलाव सामने आया है. अब किसी को फॉर्म 16 और फॉर्म 16A जैसे दस्तावेज नहीं मिलने वाले हैं, क्योंकि अब इनकी जगह पर अब दूसरे डॉक्यूमेंट्स दिए जाएंगे.
1 अप्रैल से नए टैक्स सिस्टम में होंगे ये 7 बड़े बदलाव.सेंट्रल बोर्ड औफ डायरेक्ट टैक्स ने इनकम टैक्स नियम, 2026 को नोटिफाइ कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. इन नियमों में सैलरी कर्मचारियों को दिए जाने वाले अलाउंस और सर्विसेज से जुड़े टैक्स ढांचे को अपडेट किया गया है. नए नियमों के तहत HRA यानि मकान किराया भत्ता में बदलाव किया गया है. कुछ बड़े शहरों में 50% तक छूट मिल सकती है, जबकि दूसरे जगहों पर ये 40% तक ही क्लेम कर पाएंगे
Income Tax Rule: बजट में सीधे इनकम टैक्स में कोई छूट नहीं दी गई है, लेकिन कई बदलाव हुए हैं. अगर किसी टैक्सपेयर की इनकम में गड़बड़ी पाई जाती है या टैक्स छिपाया गया है तो उसे अब जेल की सजा नहीं होगी.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश किया. इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में गैर-ऑडिट ट्रस्ट्स के लिए टैक्स फाइलिंग की समयसीमा 31 अगस्त तक बढ़ाई गई है. वहीं, ITR-1 और ITR-2 फॉर्म्स की फाइलिंग की डेडलाइन 31 जुलाई तय की गई है.