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आईटीआर

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इनकम टैक्स रिटर्न वह प्रपत्र है जिसमें निर्धारित (Assessee) अपनी आय और उस पर टैक्स के बारे में आयकर विभाग को सूचना फाइल करता है (Income Tax Return). आईटीआर 1, आईटीआर 2, आईटीआर 3, आईटीआर 4, आईटीआर 5, आईटीआर 6 और आईटीआर 7, इसके विभिन्न रूप हैं. जब आप देर से रिटर्न दाखिल करते हैं, तो आपको कुछ फाइन के साथ अनुमति मिलती है (Types of ITR).

आयकर अधिनियम, 1961 और आयकर नियम, 1962, नागरिकों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में आयकर विभाग के पास रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होता हैंं. ये रिटर्न निर्दिष्ट नियत तारीख से पहले दाखिल करना होता है. प्रत्येक आयकर रिटर्न फॉर्म निर्धारित एक निश्चित वर्ग पर लागू होता है. केवल वे फॉर्म जो पात्र द्वारा दाखिल किए जाते हैं, भारत के आयकर विभाग उसे संसाधित करते हैं. इसलिए यह जानना अनिवार्य है कि प्रत्येक मामले में कौन सा विशेष रूप उपयुक्त है. आयकर रिटर्न फॉर्म आपके इनकम सोर्सेज के आधार पर भिन्न होते हैं (ITR Depends on Income Sources).

साल 2019 के नियमानुसार, व्यक्ति, एचयूएफ, बीओआई, एओपी की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2019 है. कुछ व्यवसायों को जिनके खाते की पुस्तकों का ऑडिट करने की आवश्यकता नहीं है उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की देय तिथि 31 अगस्त 2019 है. 
जिन्हें धारा 92ई के तहत रिपोर्ट प्रस्तुत करना आवश्यक है उनके लिए आईटीआर दाखिल करने की देय तिथि 30 नवंबर 2019 है और
जिनके खाते की पुस्तकों के ऑडिट की आवश्यकता होती है उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की नियत तिथि 30 सितंबर 2019 तय की गई है (Date of Filling Income Tax Return in India).

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