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'तुरंत नहीं होने वाली डील...' India-US ट्रेड डील पर फंसा पेच? अमेरिकी का बड़ा दावा

अमेरिकी व्‍यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील इतनी जल्‍दी नहीं होने वाली है. हमने कई चीजों पर बातचीत कर ली है और सभी अड़चनों वाले मुद्दों की पहचान कर ली है, लेकिन अभी इस डील के होने में समय लगेगा.

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अमेरिका और भारत के बीच अभी डील नहीं. (Photo: ITG)
अमेरिका और भारत के बीच अभी डील नहीं. (Photo: ITG)

अमेरिका और भारत के बीच डील को लेकर बड़ी खबर आई है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता तुरंत होने वाला नहीं है. उन्‍होंने कहा कि भले ही दोनों पक्षों ने उन वस्‍तुओं की लिस्‍ट की पहचान कर ली हो, जिनपर बातचीत हो सकती है, लेकिन इस समझौते को पूरा होने में समय लग सकता है. 

अमेरिकी व्‍यापार प्रतिनिधि का ये बयान ऐसे वक्‍त में सामने आया है, जब वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक हफ्ते पहले कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता 'पूरी तरह से तय' हो चुका है.

अभी तुरंत नहीं होने वाली है ये डील
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीर ने कहा कि मिलवॉकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में गोयल के साथ उनकी 'बहुत ही रचनात्‍मक बातचीत' हुई और उन्‍होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के अधिकारी बातचीत जारी रखे हुए हैं. उन्‍होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कुछ तुरंत होने वाला है, लेकिन हमने उन सभी मुद्दों की पहचान कर ली है जो अड़चन पैदा कर रहे हैं. हम उन्हें सुलझाने के लिए लगन से काम कर रहे हैं. 

पीयूष गोयल ने क्‍या कहा? 
इस बीच, पीयूष गोयल ने कहा था कि अमेरिका-भारत व्यापार तभी संभव होगा जब अमेरिका नई दिल्ली को अमेरिकी बाजार में उचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करेगा. गोयल ने एक कार्यक्रम में कहा कि हमें अपने प्रतिद्वंद्वी पर उचित तुलनीय प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त करना होगा ताकि हम समझौते को शीघ्रता से लागू कर सकें. उन्‍होंने आगे कहा कि भारत ने 9 फ्री ट्रेड डील को अंतिम रूप दे दिया है, जिनमें अमेरिका के साथ समझौता लगभग पूरा हो ही चुका है.

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दोनों देशों के बीच क्‍या है रुकावट? 
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच हो रही ट्रेड डील को लेकर बातचीत को देखें तो पता चलता है कि भारत चाहता है कि अमेरिका उसके लिए बाकी प्रतिद्वंदी देशों से कम टैरिफ रखे और अमेरिकी बाजार में उसे प्राथमिकता दे. दूसरी ओर, अमेरिका भी अपने कुछ कृषि उत्‍पाद को भारत में एंट्री के लिए बातचीत कर रहा है. संभवत: इन्‍हीं दोनों चीजों को लेकर रुकावट आई है, जिसकी पहचान हो चुकी है.   

बता दें कि अमेरिका और भारत ने द्विपक्षीय व्‍यापार समझौते के पहले चरण के लिए व्‍यापार ढांचे को अंतिम रूप देने का ऐलान फरवरी में ही कर दिया गया था, लेकिन टैरिफ स्‍ट्रक्‍चर में बदलाव के कारण आगे की बातचीत की आवश्‍कता पड़ी. भू-राजनीतिक तनाव और अप्रत्याशित शुल्क घोषणाओं के दौर में भारत अपने मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के नेटवर्क का विस्तार कर रहा है. 

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