फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) यानी मुक्त व्यापार समझौता, दो या दो से अधिक देशों के बीच ऐसा समझौता होता है जिसमें वे एक-दूसरे के साथ व्यापार करते समय टैक्स (शुल्क), सीमा शुल्क और व्यापारिक बाधाओं को या तो पूरी तरह खत्म कर देते हैं या बहुत कम कर देते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य व्यापार को आसान, सस्ता और तेज बनाना होता है.
जब दो देश आपसी समझौते से तय करते हैं कि वे एक-दूसरे के उत्पादों और सेवाओं पर आयात शुल्क (Import Duty) नहीं लगाएंगे या बहुत कम लगाएंगे, तो इसे ही एफटीए कहा जाता है. इसमें केवल वस्तुएं ही नहीं, बल्कि सेवाएं, निवेश, बौद्धिक संपदा अधिकार और तकनीकी सहयोग भी शामिल हो सकते हैं.
इससे दो देशों के बीच व्यापार की लागत घटती है, जिससे वस्तुएं और सेवाएं सस्ती हो जाती हैं. कम टैक्स और नियमों के चलते कंपनियां दूसरे देश में निवेश करने के लिए आकर्षित होती हैं. उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलते हैं और चीजें सस्ती होती हैं. देश की कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का सामना करने का अनुभव मिलता है.
भारत ने अब तक कई देशों और संगठनों के साथ एफटीए साइन किए हैं, जिनमें आसियान (ASEAN) देश, जापान, दक्षिण कोरिया, यूएई (CEPA), ऑस्ट्रेलिया (ECTA) शामिल है.
भारत-यूके और भारत-यूरोपियन यूनियन के साथ भी एफटीए की बातचीत जारी है.
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने हरियाणा प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद खनौरी बॉर्डर पर डटे रहने का फैसला किया है. किसान 28 अगस्त तक शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेंगे और सड़क जाम नहीं करेंगे. किसान केंद्र सरकार से सीधे बातचीत चाहते हैं, लेकिन हरियाणा प्रशासन ने दिल्ली जाने वाले किसानों की संख्या को लेकर सहमति नहीं दी.
दिल्ली की सड़कों पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ-साथ अब पंजाब के हजारों किसान भी प्रदर्शन करने जा रहे हैं. CJP समर्थक जंतर-मंतर पर धरने पर हैं और संसद मार्च निकालने की योजना बना रहे हैं. वहीं किसानों भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के खिलाफ प्रोटेस्ट करने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं.
अमेरिकी सीनेट में रूस से तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने वाले प्रस्तावित विधेयक को 60 से अधिक सीनेटरों का समर्थन मिला है. रिपोर्टों के अनुसार, यदि यह कानून बनता है तो भारत, चीन सहित कई देशों पर इसका असर पड़ सकता है. हालांकि कुछ यूरोपीय देशों और रूसी यूरेनियम आयात के लिए प्रस्ताव में विशेष छूट का भी प्रावधान रखा गया है.
Gold Silver Export UK With Zero Duty: 15 जुलाई से भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हुआ है और इसके प्रभावी होते ही कोलकाता के छह निर्यातकों द्वारा करीब 27 करोड़ रुपये मूल्य की पहली सोना-चांदी और हीरे की खेफ जीरो ड्यूटी के साथ UK भेजी गई है.
रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ में बड़ी राहत का प्रस्ताव सामने आया है. अमेरिकी सीनेट में पेश संशोधित विधेयक के अनुसार अधिकतम 500 फीसदी टैरिफ को घटाकर 100 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया है. यदि यह कानून बनता है तो भारत और चीन जैसे प्रमुख खरीदार देशों पर संभावित दबाव कम हो सकता है. फिलहाल विधेयक पर अंतिम फैसला बाकी है.
Piyush Goyal On India-UK FTA: भारत-ब्रिटेन के बीच एफटीए लागू हो गया है और केंद्रीय मंत्री ने इस डील को India-UK संबंधों का एक अहम पड़ाव बताते हुए इससे होने वाले एक-एक फायदे गिनाए हैं.
India UK FTA Benefits: भारत और ब्रिटेन के बीच FTA आज से लागू हो रहा है और इसके साथ ही 99% भारतीय निर्यात को ब्रिटिश मार्केट में ड्यूटी फ्री एक्सेस मिलने वाला है. इसके साथ और भी कई बड़ी फायदे इस डील से होंगे.
India-UK FTA Benefits: 15 जुलाई से भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है. इसके प्रभावी होने पर ब्रिटिश व्हिस्की, सुपर लग्जरी कारों से लेकर ब्यूटी प्रोडक्ट्स तक काफी सस्ते हो जाएंगे.
India-US Trade Deal Update: महीने से चल रही भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अब तक बात नहीं बन सकी है. इस पर आए ताजा अपडेट को देखें, तो अधिकारियों ने कहा है कि भारत ने अमेरिका के साथ त्वरित अंतरिम व्यापार समझौते को कथित तौर पर खारिज कर दिया है.
Piyush Goyal On India-UK FTA: मिडिल ईस्ट की जंग से गहराई टेंशन के बीच भारत के लिए एक गुड न्यूज आई है. केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि ब्रिटेन के साथ FTA का लाभ 15 जुलाई से मिलने लगेगा.
40 साल बाद कोई भारतीय पीएम न्यूजीलैंड के दौरे पर पहुंचे. यह दौरा इसलिए भी खास रहा, क्योंकि दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अपडेट के अलावा, 10 बड़े समझौतों पर साइन हुए. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच 18 बड़े फैसले लिए गए.
यूके से आने वाली कारों और व्हिस्की की कीमतों में भारी कटौती हो सकती हैं, क्योंकि भातर और यूके बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 15 जुलाई से लागू हो रहा है. इस डील के तहत डिफेंडर, रोल्स रॉयस जैसी कारों के दाम 80 फीसदी तक घट सकते हैं.
भारत और न्यूजीलैंड के बीच डील को लेकर पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि पहले दिन से ही भारत में न्यूजीलैंड की 57 फीसदी वस्तुओं पर शून्य टैरिफ लगेगा.
India-US Trade Deal Update: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बड़ा ऐलान जल्द किया जा सकता है. इसे लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ हाई लेवल बैठकर करने जा रहे हैं.
किएर स्टार्मर ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन उनके कार्यकाल में भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बड़ी तरक्की हुई. विशेषज्ञों का मानना है कि स्टार्मर ने UK-India संबंधों को मजबूती दी है, जो नए प्रधानमंत्री के लिए एक मजबूत आधार बनेगा. बिजनेस इंडस्ट्री और राजनीतिक विश्लेषकों ने भी स्टार्मर के योगदान की तारीफ की है.
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इस हफ्ते भारत दौरे पर आ रहे हैं. इस दौरान पीयूष गोयल भी मौजूद रहेंगे. दोनों पक्ष व्यापार को लेकर विस्तार से चर्चा करेंगे. उम्मीद है कि व्यापार को आगे बढ़ाया जा सकता है.
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत नए चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है. इस सप्ताह होने वाली अहम बैठकों में व्यापार, टैरिफ और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की संभावना है. दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि वार्ता से क्या ठोस प्रगति निकलकर सामने आती है.
UK-India FTA: भारत-ब्रिटेन के बीच एफटीए 15 जुलाई से लागू हो जा रहा है. इसके प्रभावी होने के साथ ही ब्रिटिश व्हिस्की, ऑटोमोबाइल से लेकर कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स तक सस्ते हो जाएंगे.
India-US Trade Deal Update: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड समझौते को लेकर दिल्ली में हाई लेवल बैठक जारी है. इसे लेकर जहां सोमवार को पीयूष गोयल ने 99% डील डन के संकेत दिए थे, तो वहीं अमेरिकी राजदूत ने भी जल्द समझौता होने की बात कही है.
India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द बात बन सकती है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि डील को लेकर 99% बातचीत पूरी हो गई है. वहीं अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी संकेत दे चुके हैं कि व्यापार समझौते पर अगले कुछ हफ्तों में साइन हो जाएंगे.
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है. दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद अब अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में वार्ता को आगे बढ़ा रहा है, जबकि भारत भी समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहा है. शेष बचे मुद्दों पर चर्चा के बाद जल्द कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है.