फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) यानी मुक्त व्यापार समझौता, दो या दो से अधिक देशों के बीच ऐसा समझौता होता है जिसमें वे एक-दूसरे के साथ व्यापार करते समय टैक्स (शुल्क), सीमा शुल्क और व्यापारिक बाधाओं को या तो पूरी तरह खत्म कर देते हैं या बहुत कम कर देते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य व्यापार को आसान, सस्ता और तेज बनाना होता है.
जब दो देश आपसी समझौते से तय करते हैं कि वे एक-दूसरे के उत्पादों और सेवाओं पर आयात शुल्क (Import Duty) नहीं लगाएंगे या बहुत कम लगाएंगे, तो इसे ही एफटीए कहा जाता है. इसमें केवल वस्तुएं ही नहीं, बल्कि सेवाएं, निवेश, बौद्धिक संपदा अधिकार और तकनीकी सहयोग भी शामिल हो सकते हैं.
इससे दो देशों के बीच व्यापार की लागत घटती है, जिससे वस्तुएं और सेवाएं सस्ती हो जाती हैं. कम टैक्स और नियमों के चलते कंपनियां दूसरे देश में निवेश करने के लिए आकर्षित होती हैं. उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलते हैं और चीजें सस्ती होती हैं. देश की कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का सामना करने का अनुभव मिलता है.
भारत ने अब तक कई देशों और संगठनों के साथ एफटीए साइन किए हैं, जिनमें आसियान (ASEAN) देश, जापान, दक्षिण कोरिया, यूएई (CEPA), ऑस्ट्रेलिया (ECTA) शामिल है.
भारत-यूके और भारत-यूरोपियन यूनियन के साथ भी एफटीए की बातचीत जारी है.
रिपोर्ट का दावा है कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार समझौते पर बातचीत रुक गई है, जो कि अमेरिका में शुरू हुए नए जांच के कारण है. हालांकि भारत सरकार ने इस खबर का खंडन किया है.
उधर इजरायल में PM मोदी. इधर ट्रेड डील को लेकर आ गई बड़ी खबर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25–26 फरवरी को इजरायल के दौरे पर हैं. इस यात्रा का उद्देश्य भारत–इजरायल संबंधों को और ज्यादा रणनीतिक व बहुआयामी बनाना है
सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से बौखलाए ट्रंप ने कई देशों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि जो देश कोर्ट के फैसले का फायदा उठाकर अमेरिका के साथ खेल खेलेंगे, उन्हें पहले से ज्यादा टैरिफ झेलना पड़ेगा. एक्सपर्ट इसे सीधे तौर पर भारत के लिए इशारा बता रहे हैं.
भारत और इजरायल के बीच कूटनीतिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इजरायल का दौरा करेंगे, जहां दोनों देश सुरक्षा, रक्षा औद्योगिक सहयोग और नई संवेदनशील तकनीकों के सह-विकास पर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे.
टैरिफ पर झटके के बाद क्या US कोर्ट से बदला लेंगे ट्रंप? लीक हुईं मीटिंग की सीक्रेट बातें. अमेरिका में टैरिफ को लेकर सियासी और कानूनी टकराव तेज हो गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका तब लगा जब सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के फैसले में इमरजेंसी कानून इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दे दिया
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक पारस्परिक टैरिफ को निरस्त कर दिया है. अदालत ने कहा कि 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) के तहत राष्ट्रपति को आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं दिया गया है.
इंडिया-US ट्रेड डील कब से होगी लागू? पीयूष गोयल ने दे दिया बड़ा अपडेट. भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर मार्च में साइन होने की संभावना है
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय दल अगले हफ्ते अमेरिका के लिए रवाना हो रही है. अभी दोनों देशों की तरफ से अंतरिम डील का ऐलान किया गया है. फाइनल डील पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुआ है.
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सियासत तेज हो गई है. राहुल गांधी के किसानों से जुड़े पांच सवालों पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पलटवार किया है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए एक्स पर सवाल पूछे थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूपीए सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन के कारण भारत आत्मविश्वास के साथ व्यापार वार्ता नहीं कर पाया और समझौते पूरे नहीं हो सके. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के सुधारों और स्थिर नीतियों से भारत ने कई देशों के साथ महत्वपूर्ण समझौते किए हैं, जिससे उद्योगों और निर्यात को लाभ मिला है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में राजनीतिक स्थिरता से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस व एमएसएमई सेक्टर की बदौलत भारत 38 देशों के साथ अपनी शर्तों पर व्यापार समझौते कर पाने में सक्षम रहा. पीएम ने निजी क्षेत्र से आरएंडडी और क्वालिटी में इन्वेस्टमेंट बढ़ाने की अपील की.
किसानों को गुमराह कर रहे हैं. अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला. नेता विपक्ष राहुल गांधी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखा हमला बोला है. गुजरात में सीबीडीसी-आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उद्घाटन के मौके पर शाह ने कांग्रेस पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया
बजट और ट्रेड डील्स पर बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के लिए दुनिया का 70 फीसदी मार्केट खुल चुका है. सिर्फ टेक्सटाइल के लिए 35 हजार करोड़ का मार्केट खुला है.
पीयूष गोयल ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि भारत के एग्री सेक्टर के लिए मार्केट ओपेन नहीं किया गया है. 95 फीसदी चीजों को पूरी तरह से संरक्षित कर लिया गया है.
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर एसबीआई रिसर्च ने एक रिपोर्ट पेश की है , जिसमें कहा गया है कि भारत के एक्सपोर्ट में सालाना आधार पर 100 अरब डॉलर का इजाफा हो सकता है. साथ ही आयात के बाद भी सरप्लस 45 अरब डॉलर बढ़ेगा.
व्हाइट हाउस द्वारा जारी फैक्टशीट में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिन्हें भारत के लिए राहत भरा माना जा रहा है. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पहले फैक्टशीट में भारत द्वारा 500 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के अमेरिकी उत्पाद खरीदने को प्रतिबद्धता बताया गया था, लेकिन संशोधित संस्करण में इसे खरीदने के इरादे या योजना के रूप में पेश किया गया है.
लोकसभा में बुधवार को नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला किया. राहुल ने इंडिया-यूएस ट्रेड डील का जिक्र कर कहा कि हमारे किसान अमेरिकी मैकेनाइज्ड खेती के सामने तूफान का सामना करने जा रहा है. सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया है और ऐसा करने में सरकार को शर्म नहीं आती है.
भारत साउथ अमेरिका के एक छोटे से देश के साथ बड़ी ट्रेड डील करने जा रहा है. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत दोनों देशों के बीच बातचीत लगभग आखिरी चरण में पहुंच गई है. अगर ये डील हो गई तो भारत के हाथ कई महत्वपूर्ण खनिज कम लागत में लगेंगे .
भारत के साथ डील के ऐलान के बाद अमेरिका-बांग्लादेश के बीच भी व्यापार समझौता हो चुका है, जिसे लेकर एक्सपर्ट ने बड़ा दावा कर दिया है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने इस डील के तहत आत्मसमर्पण जैसा काम किया है.
India-US Trade Deal Inside Story: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील से आम आदमी की जिंदगी पर क्या असर पड़ने वाली है? क्या-क्या चीजें सस्ती हो जाएंगी, और सबसे ज्यादा किस सेक्टर के लिए खुशखबरी है.
भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन 9 फरवरी को जोरदार तेजी के साथ शुरुआत की. बीएसई सेंसेक्स खुलते ही 84,000 के पार निकल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 26,000 के करीब पहुंच गया.