भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाना और कारोबार के नए अवसर तैयार करना है. 21 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका समझौते के काफी करीब हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता पहले हुए समझौतों से अलग होगा (India US Trade Agreement).
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के पहले चरण की रूपरेखा फरवरी 2026 में तैयार की गई थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हुई. इस प्रक्रिया में अमेरिकी टैरिफ, भारतीय उत्पादों की बाजार तक पहुंच और व्यापार से जुड़ी शर्तों पर चर्चा हुई है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे के दौरान भी व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई. रुबियो ने भी समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति की बात कही. दोनों देशों के अधिकारी समझौते की कानूनी भाषा और कुछ तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं.
भारत की कोशिश है कि उसके निर्यातकों को अमेरिका में वियतनाम, बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले नुकसान न हो. भारत अपने कारोबारियों के लिए बेहतर बाजार पहुंच और टैरिफ में स्थिरता चाहता है.
इस समझौते से भारतीय कपड़ा, दवा, इंजीनियरिंग सामान और अन्य निर्यात क्षेत्रों को अवसर मिल सकते हैं. वहीं, अमेरिकी कंपनियों को भी भारत के बड़े बाजार में कारोबार बढ़ाने का मौका मिल सकता है. हालांकि, वास्तविक लाभ समझौते की अंतिम शर्तों पर निर्भर करेगा.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता केवल आर्थिक संबंधों तक सीमित नहीं है. इसका असर दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है. फिलहाल, दोनों देशों की बातचीत पर नजर बनी हुई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते के काफी करीब हैं. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी विदेश मंत्री भारत दौरे पर हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और आपसी संबंधों पर चर्चा हो रही है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील पर चर्चा की. जयशंकर से मुलाकात से पहले ही रुबियो ने पत्रकारों को बताया कि ट्रेड डील जल्द फाइनल होने वाली है.
Donald Trump Minister Gives Good News: अमेरिका का विदेश मंत्री ने भारत के लिए बड़ी खुशखबरी दी है. उन्होंने कहा है कि India-US Trade डील अब फाइनल होने के बेहद करीब है. इससे पहले ट्रंप ने रूसी प्रतिबंधों पर छूट के फैसले से भारत पर से 100% खतरा टल गया.
मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं. उनकी भारत यात्रा में रणनीतिक साझेदारी, वैश्विक हालात और ऊर्जा सहयोग के साथ रूस से ईंधन खरीद पर प्रस्तावित शुल्क की समीक्षा भी अहम रहेगी.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरे पर रहेंगे. इस दौरान व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता किसी निष्कर्ष के करीब पहुंच रही है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है, जहां नई रियायत देना या लेना दोनों पक्षों के लिए मुश्किल होगा. टैरिफ, बाजार तक पहुंच और व्यापार असंतुलन जैसे मुद्दे अब भी बातचीत के केंद्र में हैं.
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील इतनी जल्दी नहीं होने वाली है. हमने कई चीजों पर बातचीत कर ली है और सभी अड़चनों वाले मुद्दों की पहचान कर ली है, लेकिन अभी इस डील के होने में समय लगेगा.
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है और बस कुछ ही मुद्दे बचे हैं, जिसपर बातचीत होनी बाकी है. फिर इसके बाद भारत-अमेरिका के बीच डील का ऐलान हो सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक से पहले, दोनों देशों के प्रतिनिधि आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. वॉशिंगटन में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग के बीच बातचीत हुई, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर संभावित समझौतों पर चर्चा हुई.