कीमती धातुओं में शानदार रिकवरी के बाद अब गिरावट दिखाई दे रही है. MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव 1.47 लाख पर पहुंच चुका है. हालांकि, चांदी को लेकर लगातार वीकनेस जारी है. बुधवार को सोना करीब 600 रुपये टूट चुका है, जबकि चांदी के दाम में करीब 2000 रुपये तक की गिरावट आई है.
ऐसे में जानकारों का कहना है कि सोने-चांदी में यह गिरावट अमेरिका की वजह से है. गोल्ड और सिल्वर इन्वेस्टर्स अमेरिका में महंगाई डाटा, फेडरल रिजर्व ब्याज दर और जियो-पॉलिटिकल डेवलपमेंट को बारीकी से नजर रख रहे हैं. जानकारों का कहना है कि निवेशक इन फैक्टर्स को करीबी से देख रहे हैं.
अमेरिकी ब्याज और महंगाई पर फोकस
केडिया एडवाइजरी के सीनियर रिसर्चर अमित गुप्ता के अनुसार, गोल्ड रिकवरी के बाद फिर से गिरावट ऐसे वक्त में आई है, जब निवेशक अमेरिकी फेडरल बैंक के मॉनिटरी पॉलिसी और अमेरिकी महंगाई डाटा पर नजर रख रहे हैं. फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने संकेत दिया है कि महंगाई को अंडर कंट्रोल लाने के लिए एक और ब्याज में बढ़ोतरी की जरूरत है. वहीं फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने कहा है कि बॉन्ड यील्ड मजबूत इकोनॉकी को दिखा रहा है.
गुप्ता ने कहा कि 23 फीसदी उम्मीद है कि अक्टूबर में रेट हाइक हो सकते हैं, जबकि दिसंबर में 88 फीसदी चांस है कि फेडरल रिजर्व बैंक रेट हाइक कर सकता है. यह उम्मीद मार्केट के अनुमानों के आधार पर है, नाकि फेड की ओर से कोई कंफर्म फैसला. वहीं दूसरी ओर मिडिल ईस्ट में जंग से तेल की कीमतें तेजी से ऊपर गई हैं और सोने को नीले लेवल से सपोर्ट मिला है.
इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमत
बुधवार को इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड फ्यूचर $4,186.57 पर औंस पर ट्रेड कर रहा है, जबकि सिल्वर फ्यूचर 0.11% गिरकर 59.463 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है.
टेक्निकल सपोर्ट देखें तो गोल्ड $4,200 पर औंस लेवल को टेस्ट कर सकता है, वह भी तब जब $4,150 लेवल को पार करता है. गुप्ता ने घरेलू मार्केट यानी एमसीक्स के लिए Gold का टारगेट ₹1,50,000 प्रति 10 ग्राम है. इंटरनेशनल मार्केट में सिल्वर की बात करें तो इसका सपोर्ट लेवल $58.20 पर औंस है, जबकि इसकी क्षमता $61 पर औंस तक जाने की है. वहीं MCX सिल्वर ₹2,24,000 प्रति किलो तक जा सकती है. फिलहाल महंगाई डाटा, फेडरल रिजर्व के संकेत और जियो-पॉलिटिकल डेवलपमेंट सोने-चांदी को चला रहे हैं. यह लेवल मार्केट आउटलेट अनुमान है, कोई गारंटी तेजी नहीं है.
(नोट- गोल्ड-सिल्वर में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)