बैंकों में सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज और शनिवार-रविवार छुट्टी की व्यवस्था लागू करने की मांग लंबे समय से चल रही है. अब इस मुद्दे पर बनी कमेटी की पहली बैठक आज होने जा रही है. कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि 5 दिन का बैंकिंग वीक किस तरह लागू किया जा सकता है. इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने मंगलवार को इस मुद्दे पर एक हाई पावर्ड कमेटी बनाई थी.
इसमें बैंक मैनेजमेंट और बैंक यूनियनों, दोनों पक्षों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है. इस कमेटी के चेयरमैन बैंक ऑफ इंडिया के एमडी और सीईओ राजनेश कर्नाटक होंगे. पंजाब नेशनल बैंक के एमडी और सीईओ अशोक चंद्रा को वैकल्पिक चेयरमैन बनाया गया है. बैंक कर्मचारी संगठनों की ओर से भी वरिष्ठ प्रतिनिधि इसमें शामिल हैं.
क्या होगा कमेटी का काम?
कमेटी का मुख्य काम यह देखना है कि बैंक कर्मचारियों को 5 दिन का कामकाजी सप्ताह कैसे दिया जा सकता है और साथ ही ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं में परेशानी न हो इसका भी ध्यान रखा जाना है. इसके लिए हर महीने दो शनिवार बैंक खोलने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है. यानी कर्मचारियों को सोमवार से शुक्रवार तक काम का मौका मिले, लेकिन ग्राहकों की जरूरत को देखते हुए महीने में कुछ शनिवार बैंकिंग सेवाएं जारी रखने की व्यवस्था बनाई जाए. हालांकि, यह अभी सिर्फ विचार के स्तर पर है. अंतिम व्यवस्था समिति की सिफारिश और उसके बाद होने वाले फैसलों से ही तय होगी.
5-डे बैंकिंग की मांग क्यों?
बैंक यूनियन लंबे समय से सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज की मांग कर रही हैं. उनका कहना है कि बैंक कर्मचारी पहले से लंबे समय तक काम करते हैं और 5 दिन का कामकाजी सप्ताह मिलने से काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकेगा. यूनियनों का यह भी कहना है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और वित्तीय सेवा विभाग में 5 दिन का कामकाजी सप्ताह पहले से लागू है. इसी आधार पर बैंक कर्मचारियों के लिए भी ऐसी व्यवस्था की मांग की जा रही है.
अभी बैंक कितने दिन बंद रहते हैं?
फिलहाल बैंकों में हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है. बाकी शनिवार को सामान्य तौर पर बैंक खुले रहते हैं. 5 दिन के बैंकिंग वीक का प्रस्ताव पिछले दो साल से ज्यादा समय से चर्चा में है. बैंक यूनियनों का कहना है कि 12वें द्विपक्षीय समझौते में इसे लागू करने की औपचारिक प्रतिबद्धता भी शामिल थी.
ग्राहकों के लिए अभी क्या बदलेगा?
फिलहाल कुछ नहीं. बैंक ग्राहकों के लिए अभी वही पुरानी व्यवस्था लागू है. यानी दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहेंगे, जबकि बाकी शनिवार को बैंक खुले रहेंगे. अगर हाई पावर्ड कमेटी 5 दिन के कामकाजी सप्ताह की सिफारिश करती है, तब भी इसे तुरंत लागू नहीं किया जाएगा. समिति की रिपोर्ट के बाद इसे रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय के स्तर पर आगे बढ़ाया जाना होगा. जरूरत पड़ने पर संबंधित नियमों में बदलाव भी करना पड़ सकता है.
हड़ताल टालने के बाद बनी कमेटी
5 दिन के बैंकिंग वीक की मांग को लेकर बैंक यूनियन लंबे समय से दबाव बना रही हैं. इसी बीच बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिन की हड़ताल वापस ले ली थी. इसके बाद इस मुद्दे पर समिति बनाने का फैसला हुआ. ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) में शामिल सात यूनियनों में से एक है और इस मांग को लगातार उठाती रही है.
रिपोर्ट के बाद क्या होगा?
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के जनरल सेक्रेटरी सीएच वेंकटाचलम के मुताबिक, हाई पावर्ड कमेटी की सिफारिश आने के बाद मामला भारतीय रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय के पास जाएगा. इसके बाद जरूरी प्रक्रिया और कानूनी बदलावों पर आगे काम होगा. हालांकि, पेंशन रिफॉर्म्स, पीएलआई और कर्मचारियों की कामकाजी परिस्थितियों जैसे दूसरे मुद्दे इस कमेटी के दायरे में नहीं हैं. इन पर अलग से बातचीत जारी रहेगी.