बिहार के बेगूसराय में युवती से होटल के कमरे में दुष्कर्म, बेरहमी से पिटाई और वीडियो वायरल करने का मामला इन दिनों सुर्खियों में हैं. इस मामले में पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मुख्य आरोपी रोहित कुमार सहनी को समस्तीपुर के मोहद्दीनगर से पकड़ा गया, जबकि उसके बहनोई विक्रम कुमार को बेगूसराय से गिरफ्तार किया गया. इस पूरे मामले की कहानी युवती की ओर से दिए गए प्राथमिकी आवेदन और पुलिस की जांच के आधार पर कुछ इस तरह सामने आती है.
पहले हुई युवती और रोहित की जान पहचान
आरोप के मुताबिक युवती का ननिहाल रोहित के गांव में है, जबकि रोहित का बहनोई विक्रम कुमार युवती के मोहल्ले में रहता है. इसी वजह से युवती और रोहित की पहचान हुई थी. युवती स्वयं सहायता समूह से जुड़े काम करती थी. इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत होने लगी.
अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर के मुताबिक पीड़िता ने बताया कि रोहित ने AI की मदद से उसका अश्लील वीडियो तैयार किया और उसे भेज दिया. आरोप है कि इसके बाद वह वीडियो के जरिए युवती पर बातचीत और मिलने का दबाव बनाने लगा. युवती इसके लिए तैयार नहीं थी, लेकिन कथित तौर पर उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाता रहा.
27 सितंबर: बाइक से होटल तक पहुंची युवती
मामले में 27 सितंबर का दिन अहम है. प्राथमिकी के लिए दिए गए आवेदन के मुताबिक युवती स्वयं सहायता समूह से जुड़े काम के लिए घर से निकली थी. इसी दौरान उसके मोहल्ले में रहने वाले विक्रम कुमार ने उसे बाइक से आगे छोड़ने की बात कही.
आरोप है कि विक्रम युवती को बाइक से नेशनल हाईवे पर ब्लू डायमंड होटल के पास लेकर पहुंचा. वहां रोहित पहले से मौजूद था. विक्रम ने कथित तौर पर युवती से कहा कि वह रोहित से बातचीत कर मामला सुलझा ले. इसके बाद वह युवती को रोहित के साथ छोड़कर वहां से चला गया.
होटल के कमरे में ले गया रोहित
आरोप के मुताबिक इसके बाद रोहित युवती को होटल के कमरा नंबर 203 में ले गया. यहीं से मामले ने गंभीर रूप ले लिया. पीड़िता के आवेदन के अनुसार कमरे में रोहित ने उसके साथ लात-घूंसों और चप्पल से मारपीट की.
युवती के विरोध और चीखने-चिल्लाने के बावजूद मारपीट जारी रही. आरोप है कि रोहित ने युवती को निर्वस्त्र कर उसका वीडियो बनाया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया.
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि वह अपनी जान बचाने के लिए बाथरूम में जाकर बंद हो गई थी. उसे आशंका थी कि आरोपी उसकी हत्या भी कर सकता है.
वीडियो वायरल करने का आरोप
अधिवक्ता के मुताबिक घटना के बाद आरोपी ने कथित तौर पर युवती का वीडियो जीविका दीदी के स्वयं सहायता समूह से जुड़े ग्रुप में वायरल कर दिया. आरोप है कि पीड़िता का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया. पुलिस अब वायरल वीडियो और मोबाइल समेत मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है.
फिलहाल इस घटना के अगले दिन यानी 28 सितंबर को युवती शिकायत लेकर कई जगह पहुंची. अधिवक्ता के मुताबिक वह एसपी कार्यालय, लोहियानगर थाना और साइबर थाना समेत कई जगह गई. इसके बाद नगर थाना पहुंची.
बताया गया कि एसपी के निर्देश के बाद देर रात नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई. इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को नामजद किया.
पहले पकड़ा गया विक्रम
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की. पुलिस ने पहले विक्रम कुमार को गिरफ्तार किया. विक्रम मुख्य आरोपी रोहित का बहनोई बताया जा रहा है और एक निजी होटल में काम करता है.
पुलिस को विक्रम से पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी रोहित के बारे में अहम जानकारी मिली. इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ और एसआईटी समेत पुलिस की अलग-अलग टीमें सक्रिय की गईं.
29 सितंबर: समस्तीपुर से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी निगरानी और अन्य जांच के आधार पर पुलिस को पता चला कि रोहित समस्तीपुर जिले के मोहद्दीनगर बाजार में छिपा हुआ है. सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष सतीश कुमार हिमांशु के नेतृत्व में पुलिस टीम वहां पहुंची और घेराबंदी कर दी.
पुलिस के मुताबिक, रोहित ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया. रोहित को समस्तीपुर से बेगूसराय लाया जा रहा था. रास्ते में सुल्तानपुर के पास उसने पेशाब करने के लिए गाड़ी रोकने को कहा. गाड़ी धीमी होते ही उसने पुलिस वाहन से कूदकर भागने की कोशिश की.
पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा कर उसे दोबारा पकड़ लिया. इस दौरान गाड़ी से कूदने की वजह से रोहित के दाहिने घुटने में गंभीर चोट लगी. उसे पहले बछवाड़ा अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में बेगूसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अब आगे क्या?
एसपी मनीष के मुताबिक मामले में दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. फिलहाल उसका इलाज चल रहा है. पुलिस पूछताछ के साथ वायरल वीडियो, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके.