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6 महीने तक बर्थडे के लिए पैसे जोड़े, फिर नेपाल की बाढ़ देख दिल बदल गया... 12 साल की वैष्णवी ने गुल्लक ही दान कर दी

सहरसा की 12 साल की वैष्णवी छह महीने से अपने जन्मदिन के लिए गुल्लक में पैसे जोड़ रही थी. लेकिन नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ की तस्वीरें देखने के बाद उसका मन बदल गया. उसने गुल्लक में जमा रकम नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए देने का फैसला किया. जानकारी हुई तो मधेपुरा के जेडीयू सांसद दिनेश चंद्र यादव बच्ची से मिलने उसके घर पहुंचे.

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सांसद दिनेश चंद्र यादव ने भी अपनी तरफ से गुल्लक में डाले पैसे. (Photo: Screengrab)
सांसद दिनेश चंद्र यादव ने भी अपनी तरफ से गुल्लक में डाले पैसे. (Photo: Screengrab)

जन्मदिन आने वाला हो तो बच्चों के दिमाग में सबसे पहले क्या चलता है? केक कौन सा होगा? नए कपड़े कौन से पहनने हैं? दोस्तों को क्या खिलाना है? और सबसे जरूरी... गुल्लक में जमा पैसे आखिर खर्च कहां करने हैं? सहरसा की 12 साल की वैष्णवी आनंद भी पिछले छह महीने से अपने जन्मदिन का इंतजार कर रही थी. इन छह महीनों में उसने अपनी गुल्लक में धीरे-धीरे पैसे जमा किए थे. कभी कुछ बचा तो गुल्लक में डाल दिया, कभी किसी ने पैसे दिए तो उन्हें भी संभालकर रख लिया.

मकसद सीधा था- जन्मदिन आएगा, गुल्लक फूटेगी और इतने दिनों से जमा किए पैसे अपनी पसंद की चीजों पर खर्च होंगे. लेकिन फिर नेपाल में बाढ़ आ गई. 26 अगस्त को नेपाल में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई. सोशल मीडिया पर फ्लैश फ्लड के वीडियो आने लगे. कहीं पानी का तेज बहाव था, कहीं लोग अपने घरों और सामान को बचाने की कोशिश कर रहे थे. इन तस्वीरों ने सिर्फ बड़ों को ही नहीं, वैष्णवी को भी परेशान कर दिया.

यहां देखें Video...

 

वैष्णवी ने सोचा कि वह अपने जन्मदिन पर जमा पैसे खुद पर खर्च करने वाली है. लेकिन नेपाल में ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्हें इस वक्त अपने लिए नहीं, बल्कि जिंदगी दोबारा खड़ी करने के लिए मदद की जरूरत है. और यहीं से उसके जन्मदिन की पूरी कहानी बदल गई.

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वैष्णवी ने फैसला किया कि गुल्लक का पैसा उसके जन्मदिन पर खर्च नहीं होगा. वह पैसा नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दिया जाएगा. अब जरा उस बच्ची के बारे में सोचिए, जिसने छह महीने तक पैसे इसलिए जमा किए कि जन्मदिन पर अपने मन की चीज खरीदेगी. लेकिन जब जन्मदिन आया तो उसने अपनी खुशी का हिसाब बदल दिया.

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शुक्रवार को जन्माष्टमी थी, इसी दिन वैष्णवी का बर्थडे था. घर में जन्मदिन का माहौल था. लेकिन इस बार गुल्लक फोड़ने का मकसद कुछ और था. वैष्णवी ने अपनी गुल्लक फोड़ी और उसमें जमा पैसे नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देने का फैसला किया. उसकी बातों में बस एक सीधी सी सोच थी- जब इतने लोग मुसीबत में हैं, तो जन्मदिन पर अपने ऊपर पैसे खर्च करने से बेहतर है कि किसी जरूरतमंद की मदद की जाए.

बच्ची की इस पहल की जानकारी जब मधेपुरा के जेडीयू सांसद दिनेश चंद्र यादव को मिली तो वह भी वैष्णवी से मिलने उसके घर पहुंच गए. सांसद ने वैष्णवी को जन्मदिन की बधाई दी. फिर उसकी गुल्लक में अपनी तरफ से भी कुछ पैसे डाले. मौके पर सांसद ने बच्ची के फैसले की तारीफ की. उन्होंने कहा कि वैष्णवी ने अपना जन्मदिन मनाने की बजाय गुल्लक में जमा रकम नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए देने का फैसला किया है. उनका कहना था कि वैष्णवी का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणा देने वाला है.

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Sarhasa 12 Year Old Girl Donates Birthday Savings To Nepal Flood Victims

कहानी का सबसे खूबसूरत हिस्सा यही है. वैष्णवी ने कोई बहुत बड़ा काम करने का दावा नहीं किया. उसने बस अपनी छोटी सी दुनिया में एक छोटा सा फैसला लिया. उसके पास पैसे बहुत ज्यादा नहीं थे. उम्र अभी 12 साल है. और सामने अपनी ही खुशियों का मौका था. लेकिन उसने सोचा कि किसी जरूरतमंद के काम आना उससे बड़ा हो सकता है.

जिस गुल्लक को छह महीने तक उसने अपने सपनों के लिए भरा था, आखिरकार उसी गुल्लक ने किसी और की उम्मीद के लिए अपना मुंह खोल दिया. केक कटा या नहीं, पार्टी हुई या नहीं- ये बातें शायद कुछ दिनों बाद याद भी न रहें. लेकिन 12 साल की एक बच्ची ने अपने जन्मदिन पर अपनी गुल्लक के पैसे नेपाल के बाढ़ पीड़ितों को देने का फैसला किया था... ये बात जरूर याद रहेगी. इस 12 साल की बच्ची की कहानी उस सोच की कहानी है, जिसमें उम्र छोटी है, लेकिन दूसरों के दर्द को समझने का जज्बा बड़ा है.

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