हरियाणा के सोनीपत के कुंडली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) में सातवां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और डिग्रियां प्रदान कीं. इस दौरान उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास और बिहार में तीसरा NIFTEM स्थापित किए जाने को लेकर बात की.
समारोह को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग सेक्टर देश के लिए बेहद अहम हो गया है. भारत सरकार इस क्षेत्र को लेकर गंभीर है और इसके विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि देश में पहले से मौजूद दो NIFTEM संस्थान इस क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. इसी वजह से बिहार में तीसरा NIFTEM स्थापित करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है.
खाद्य पदार्थों में वैल्यू एडिशन पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीयों में काफी क्षमता है और देश के खाद्य उत्पादों में वैल्यू एडिशन करके उन्हें देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जा सकता है. फूड प्रोसेसिंग से खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता और बाजार तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें भी फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के महत्व को बताया गया था.
क्या करता है NIFTEM?
NIFTEM यानी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट, खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में एजुकेशन, रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने वाला संस्थान है. इसकी स्थापना खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के तहत की गई थी.
संस्थान खाद्य तकनीक से जुड़े नए शोध, तकनीकी नवाचार, पेटेंट, औद्योगिक सहयोग और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करता है. इसका उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए कुशल पेशेवर तैयार करना और इस क्षेत्र में नए अवसर विकसित करना है.
बिहार में तीसरे NIFTEM की स्थापना से खाद्य तकनीक की पढ़ाई, शोध और उद्यमिता को बढ़ावा मिलने की संभावना है. हरियाणा के सोनीपत के अलावा यह संस्थान तमिलनाडु स्थित तंजावुर में है.